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मुंबई की 24 वर्षीय बाइकर रिद्धि ठक्कर सड़क दुर्घटना में मौत,

रिद्धि ठक्कर सड़क दुर्घटना

रिद्धि ठक्कर सड़क दुर्घटना छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सुंदरता से समृद्ध बस्तर इलाके की राइड पर निकले मुंबई के एक बाइकिंग ग्रुप का सफर बुधवार (12 अगस्त 2026) की सुबह एक गहरे शोक में बदल गया। राज्य की राजधानी रायपुर से लगभग 100 किलोमीटर दूर बालोद जिले में नेशनल हाईवे-30 (NH-30) पर हुए एक दर्दनाक हिट-एंड-रन (Hit-and-Run) हादसे में मुंबई की रहने वाली 24 वर्षीय महिला बाइकर रिद्धि दिव्येश ठक्कर की इलाज के दौरान अकाल मृत्यु हो गई।

यह हादसा पुरूर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संवेदनशील ‘मरकाटोला घाट’ (Markatola Ghat) के पास सुबह लगभग 6:00 बजे घटित हुआ, जब एक तेज रफ्तार अज्ञात भारी वाहन ने रिद्धि की मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।

कौन थीं रिद्धि ठक्कर और क्या था उनका राइडिंग प्लान?

मृतका की पहचान महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के बोरीवली (पश्चिम) इलाके की निवासी रिद्धि दिव्येश ठक्कर (24 वर्ष) के रूप में हुई है।

20 बाइकर्स का ग्रुप: रिद्धि महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों से आए लगभग 20 अनुभवी बाइकर्स के उस समूह का हिस्सा थीं, जिन्होंने स्वतंत्रता दिवस सप्ताह और मानसूनी सीजन के दौरान रायपुर से बस्तर तक की एडवेंचर राइड का रोडमैप तैयार किया था।

बजाज एवेंजर पर सवार थीं रिद्धि: सभी राइडर्स रायपुर में एकत्रित होने के बाद बुधवार तड़के बस्तर की ओर रवाना हुए थे। रिद्धि अपनी ‘बजाज एवेंजर’ मोटरसाइकिल चला रही थीं और ग्रुप के साथ आगे बढ़ रही थीं।

कैसे हुआ हादसा: टक्कर मारकर फरार हुआ भारी वाहन

प्रत्यक्षदर्शियों और साथी बाइकर्स के अनुसार, सुबह 6:00 बजे के आसपास जब यह दल मरकाटोला घाट की मोड़दार सड़कों से गुजर रहा था, तभी विपरीत या पीछे की दिशा से आ रहे एक अज्ञात भारी वाहन (संभवतः ट्रक या ट्रेलर) ने रिद्धि की बाइक को अपनी चपेट में ले लिया।

अज्ञात ड्राइवर फरार: टक्कर इतनी भीषण थी कि रिद्धि सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गईं। हादसे के तुरंत बाद दुर्घटनाकारित वाहन का चालक गाड़़ी रोकने या मदद करने के बजाय मौके से तेज रफ्तार में फरार हो गया।

पुलिस की जांच: बालोद के पुलिस अधीक्षक (SP) किरण चव्हाण ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के सभी थानों को सतर्क कर दिया गया है। हाईवे के टोल प्लाजा और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि अज्ञात वाहन और उसके फरार चालक का पता लगाया जा सके।

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आपातकालीन चिकित्सा और अस्पताल में दम तोड़ने की दुखद घटना

हादसे के बाद साथी राइडर्स ने बिना समय गंवाए डायल 112 आपातकालीन हेल्पलाइन के माध्यम से एम्बुलेंस और स्थानीय पुलिस को सूचित किया।

चरमा से धमतरी रेफर: मौके पर पहुंची इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने लहूलुहान अवस्था में रिद्धि को नजदीकी कांकेर जिले के चरमा कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC Charama) पहुंचाया।

निजी अस्पताल में मौत: प्राथमिक उपचार के बाद रिद्धि की बिगड़ती और नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल धमतरी जिले के एक सर्वसुविधायुक्त निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद आंतरिक चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

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राष्ट्रीय राजमार्गों पर बाइकर्स की सुरक्षा का बड़ा सवाल

मानसून और त्योहारी सीजन के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर, मैनपाट और सरगुजा जैसे पर्वतीय व वन क्षेत्रों में देश भर से बाइकर्स और टूरिस्ट ग्रुप्स का आना-जाना बढ़ जाता है। NH-30 पर मरकाटोला घाट जैसे संकरे व घुमावदार क्षेत्र हादसों के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं।

ओवरस्पीडिंग और लेन अनुशासन: भारी व्यावसायिक वाहनों की अनियंत्रित गति और ओवरटेकिंग के कारण दोपहिया चालकों के लिए जोखिम काफी बढ़ जाता है।

स्थानीय प्रशासन की अपील: पुलिस प्रशासन ने हाईवे पर चलने वाले सभी भारी वाहनों से गति सीमा का पालन करने और टूरिस्ट राइडर्स को पर्याप्त सुरक्षित दूरी (Safety Distance) देने की सख्त अपील की है।

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संपादकीय दृष्टिकोण:

एक युवा और उत्साही महिला बाइकर की इस तरह अचानक हुई मृत्यु न केवल उनके परिवार और बाइकिंग समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर ‘हिट-एंड-रन’ संस्कृति की भयावहता को भी उजागर करती है।

किसी घायल को सड़क पर तड़पता छोड़कर भाग जाना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि अमानवीय भी है। बालोद पुलिस को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी ड्राइवर को सख्त सजा दिलानी चाहिए, ताकि सड़कों पर बेपरवाह दौड़ते भारी वाहनों के चालकों में कानून का भय कायम हो सके। पुलिस जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के बीच गरमाया रिद्धि ठक्कर सड़क दुर्घटना मामला

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