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 “आज़म खान ED छापेमारी”अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना

आज़म खान ED छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। मनी लॉन्ड्रिंग जांच (PMLA) के तहत जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली में लगभग 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

यह कार्रवाई रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली के जामिया नगर स्थित परिसरों में की गई। इस छापेमारी से राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है और विपक्ष ने इसे ‘बदले की कार्रवाई’ करार दिया है।

सरकारी फंड की हेराफेरी का आरोप

ED के सूत्रों के अनुसार, यह जांच सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स के फंड को प्राइवेट ठेकेदारों के जरिए जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी के खातों में डाइवर्ट (स्थानांतरित) करने के आरोपों पर केंद्रित है।

फंड डायवर्जन का शक: एजेंसी को संदेह है कि जिन प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर्स को सरकारी काम दिए गए थे, उन्होंने उस राशि का कुछ हिस्सा डोनेशन और कंस्ट्रक्शन पेमेंट के नाम पर ट्रस्ट को ट्रांसफर किया।

जमीन हड़पने के दर्ज मामले: यह पूरी जांच 2019 में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस पर आधारित है, जो रामपुर में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज कम से कम 26 एफआईआर (FIR) से जुड़ा है। इनमें यूनिवर्सिटी के लिए कथित तौर पर जबरन जमीन कब्जे के मामले शामिल हैं।

अवैध निर्माण विवाद: इससे पहले रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को बिना नक्शा पास कराए बनाने का आरोप लगाकर गिराने का नोटिस दिया था, जिस पर फिलहाल मंडलायुक्त ने स्टे लगा रखा है।

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उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने ED की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी के नाम पर गरीबों और सरकार की जमीनों पर अवैध कब्जे किए गए। उन्होंने कहा, “सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की जांच हो रही है और निष्पक्ष जांच के बाद सच सामने आएगा।”

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अखिलेश यादव का पलटवार: ‘शिक्षा देने वालों को निशाना बनाया जा रहा’

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।

अन्य घोटालों की जांच की मांग: अखिलेश यादव ने कहा कि ED को शिक्षा संस्थान बनाने वालों को परेशान करने के बजाय राम मंदिर दान में कथित चोरी, कोडीन सिरप कालाबाजारी और एक्सप्रेसवे निर्माण में हुई गड़बड़ियों की जांच करनी चाहिए।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल: SP प्रमुख ने बुंदेलखंड और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में पड़ी दरारों तथा महाकुंभ से जुड़े कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग की।

कांग्रेस का समर्थन: यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी सरकार पर आज़म खान को राजनीतिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।

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ED की इस कार्रवाई से जौहर ट्रस्ट की वित्तीय मुश्किलों के साथ-साथ आज़म खान की कानूनी अड़चनें और बढ़ सकती हैं। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने इसे आगामी राजनीतिक बहसों का मुख्य मुद्दा बनाने का संकेत दे दिया है। जौहर यूनिवर्सिटी फंड और संपत्तियों की जांच के बीच जानें आज़म खान ED छापेमारी की पूरी सच्चाई

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