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  सिंधु जल संधि फैसला हेग ट्रिब्यूनल का फैसला भारत ने खारिज किया;

सिंधु जल फैसला

सिंधु जल फैसला भारत ने हेग स्थित ‘परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ (Permanent Court of Arbitration) के उस फैसले को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसमें 1960 की भारत-पाकिस्तान ‘सिंधु जल संधि’ को लागू रखने और रतले हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर निर्माण सीमित करने का आदेश दिया गया था।

भारत के विदेश मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि उक्त ट्रिब्यूनल को भारत के संप्रभु निर्णयों पर किसी भी प्रकार का फैसला सुनाने का कोई वैधानिक या क्षेत्राधिकार संबंधी अधिकार नहीं है।

यह विवाद तब गहराया जब पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों की संलिप्तता की पुष्टि के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने का कड़ा फैसला लिया था।

हेग ट्रिब्यूनल का आदेश और भारत का कड़ा रुख

पाकिस्तान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यस्थता अदालत ने फैसला सुनाया कि संधि पूरी तरह प्रभावी है और भारत के पास इसे निलंबित करने की वजह नहीं थी। अदालत ने कश्मीर स्थित रतले हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर पावर इनटेक और बांध की दीवार की ऊंचाई से जुड़े निर्माण कार्यों को सीमित करने का आदेश दिया था।

भारत के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर ट्रिब्यूनल के इस क्षेत्राधिकार को पूरी तरह से अमान्य करार दिया:

विदेश मंत्रालय का बयान: “तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के पास भारत के संप्रभु निर्णयों या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों पर कोई भी निर्णय देने का अधिकार नहीं है।”

आतंकवाद पर कड़ा रुख: भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार दोहराया है कि जब तक सीमा पार से पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद और जासूसी गतिविधियां बंद नहीं होतीं, तब तक जल समझौतों पर कोई एकतरफा ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

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SCO शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी का आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस का आह्वान

बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों पर भारत की प्राथमिकताओं को सामने रखा। पीएम मोदी ने वैश्विक मंच से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने का आह्वान किया।

वैश्विक नेताओं से मुलाकात: सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई महत्वपूर्ण बातचीत ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।

शहबाज शरीफ का फोटो विवाद: इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को SCO की एक एडिटेड ग्रुप फोटो सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए भारी फजीहत का सामना करना पड़ा। इस तस्वीर से पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को हटा दिया गया था। आलोचना के बाद पाकिस्तानी पीएमओ को ओरिजिनल फोटो दोबारा अपलोड करनी पड़ी।

लद्दाख में ऐतिहासिक पहल: 1,000 एकड़ जमीन की सिंचाई के लिए ग्लेशियर का पानी मोड़ा गया

सीमा सुरक्षा और कूटनीतिक मोर्चे के साथ-साथ लद्दाख में जल प्रबंधन को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। लद्दाख के स्थानीय प्रशासन ने भारी JCB मशीनों की मदद से स्टॉक नाला (Stok Nala) पर पानी के बहाव को बदलने के लिए दो विशेष चैनल तैयार किए हैं।

जल प्रवाह का रुख बदला: इस पहल के जरिए दैनिक आधार पर लगभग 90 मिलियन लीटर ग्लेशियर जल को इगू-फे (Igoo-Phay) नहर में सफलतापूर्वक भेजा जा रहा है।

12 गांवों को लाभ: पानी के इस मोड़ से क्षेत्र के 12 गांवों की 1,000 एकड़ से अधिक कृषि भूमि को सीधा सिंचाई लाभ मिलेगा, जिससे स्थानीय किसानों की पानी की किल्लत दूर होगी।

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    घरेलू राजनीति: एबीवीपी की पंजाब यूनिवर्सिटी में बड़ी जीत

    एक अन्य घरेलू घटनाक्रम में, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रत्याशी अंकित विधान ने पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ (PUCSC) चुनावों में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। इस जीत को छात्र राजनीति में संगठन के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।

    हेग कोर्ट के फैसले को सिरे से नकार कर भारत ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा पार आतंकवाद के मुद्दों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सिंधु नदी तंत्र पर भारत का यह दृढ़ रुख और SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की आतंकवाद विरोधी रणनीति भारत की मजबूत होती वैश्विक कूटनीति को दर्शाती है।

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