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 “अखिलेश यादव चिलम तंज” और ‘रासपुतिन’ तंज से बीजेपी नाराज,

अखिलेश यादव चिलम तंज

अखिलेश यादव चिलम तंज उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से काफी पहले ही राजनीतिक लड़ाई एक नए डिजिटल रूप में तब्दील हो चुकी है। राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सोशल मीडिया वीडियो को लेकर तीखा घमासान छिड़ गया है।

अखिलेश यादव द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए कथित AI वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ‘चिलम’ (धूम्रपान) के जरिए तंज कसने और मंदिर दान में अनियमितता के आरोपों को लेकर बीजेपी ने सपा पर ‘सनातन और साधु-संतों के अपमान’ का गंभीर आरोप लगाया है।

वहीं, अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी अपने रुख पर कायम हैं और उन्होंने इस विवाद को बीजेपी के उस वीडियो का जवाब बताया है जिसमें अखिलेश को निशाना बनाया गया था।

AI वीडियो से छिड़ी रार: क्या है ‘टीपू’ बनाम ‘बाबा’ का विवाद?

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में यह विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी से जुड़े कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक गाना शेयर किया गया, जिसमें अखिलेश यादव के निकनेम ‘टीपू’ का इस्तेमाल करते हुए गाने के बोल थे— “UP बदनाम हुआ, टीपू तेरे मारे…”

अखिलेश का पलटवार: इसके जवाब में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दूसरा वीडियो दिखाया। उन्होंने कहा कि यह वीडियो समाजवादी पार्टी ने नहीं बनाया है, बल्कि किसी ने उन्हें भेजा है।

दान पात्र और चिलम का दृश्य: इस वीडियो में भगवा वस्त्र पहने लोगों को मंदिर के दान पात्र से कथित तौर पर चोरी करते हुए दिखाया गया था। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रतिरूप को चिलम पीते दिखाया गया, जिसके बैकग्राउंड में गाना बज रहा था— “UP बदनाम हुआ, बाबा तेरे मारे…”

सपा का दूसरा वीडियो: बीजेपी की आपत्ति के बाद समाजवादी पार्टी ने एक और वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “उत्तर प्रदेश धुएं से घुट रहा है।”

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बीजेपी का तीखा हमला: “योगी जी सिर्फ सीएम नहीं, एक संत हैं”

सपा द्वारा जारी किए गए वीडियो पर बीजेपी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे सनातन संस्कृति पर हमला करार दिया है।

UP BJP की सोशल मीडिया पोस्ट: यूपी बीजेपी यूनिट ने लिखा कि अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके संतों, सनातन धर्म और करोड़ों सनातनियों की आस्था का अपमान किया है। यह सपा की सनातन-विरोधी सोच को उजागर करता है।

सांसद जगदंबिका पाल का बयान: बीजेपी के वरिष्ठ नेता जगदंबिका पाल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री रहने के नाते अखिलेश को गरिमा बनाए रखनी चाहिए थी। क्या विपक्ष इतना नीचे गिर जाएगा कि मुख्यमंत्री को चिलम पीते हुए दिखाए?

सुब्रत पाठक का हमला: कन्नौज से पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने कहा, “योगी आदित्यनाथ जी सिर्फ एक मुख्यमंत्री नहीं हैं, वे एक पीठाधीश्वर और संत हैं। सपा की सोच इस AI वीडियो से साफ हो गई है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सपा किसी अन्य धर्मगुरु या मौलवी पर ऐसा वीडियो बनाने की हिम्मत कभी नहीं दिखाएगी।

    ‘रासपुतिन’ गाना और बोनी एम. का म्यूजिकल तंज

    अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलने के लिए केवल AI वीडियो ही नहीं, बल्कि क्लासिक गानों का भी इस्तेमाल किया है।

    हाल ही में एक अन्य प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने जापानी छात्रों द्वारा सीएम योगी के साथ ली गई एक सेल्फी का वीडियो चलाया। इस वीडियो के बैकग्राउंड में 1978 का मशहूर डिस्को सॉन्ग ‘रासपुतिन’ (Boney M.) बज रहा था।

    अखिलेश ने गाने को तीन मिनट तक अलग से बजाया और उसके “सत्ता की भूख” (Hunger for power) वाले बोल की ओर इशारा करते हुए यूपी की राजनीति से उसकी अप्रत्यक्ष तुलना की। 1916 के रूसी इतिहास से जुड़े ग्रिगोरी रासपुतिन के इस गाने के जरिए अखिलेश ने सत्ता पर काबिज नेताओं के राजनीतिक प्रभाव पर तीखा राजनीतिक कटाक्ष किया।

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    देश की राजनीति से अन्य दिलचस्प अपडेट्स

    राजनीतिक गलियारों से दो और प्रमुख घटनाक्रम सामने आ रहे हैं:

    डी.के. शिवकुमार का टेलीप्रॉम्प्टर प्रेम: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अपने भाषणों को सटीक और विषय पर बनाए रखने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की तर्ज पर टेलीप्रॉम्प्टर का इस्तेमाल शुरू किया है। हाल ही में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्होंने इस डिवाइस की मदद से अपना तीसरा सार्वजनिक भाषण दिया।

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    चंद्रबाबू नायडू का सोलर एनर्जी विजन: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) को बढ़ावा देने के लिए एक महात्वाकांक्षी अभियान शुरू किया है। उनका लक्ष्य 2031 तक राज्य की 50 प्रतिशत बिजली खपत को सौर ऊर्जा से पूरा करना है। इसके लिए वे सरकारी इमारतों के साथ-साथ ऊंची इमारतों के शीशों पर भी सोलर पैनल लगाने की योजना बना रहे हैं।

    2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में अभी समय बाकी है, लेकिन एआई तकनीक, मीम्स और गानों के जरिए राजनीतिक दलों के बीच छिड़ा यह वार-पलटवार यह साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया और डिजिटल कंटेंट उत्तर प्रदेश के चुनावी संग्राम का सबसे बड़ा हथियार बनने वाला है। अखिलेश यादव चिलम तंज, प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों और बीजेपी प्रवक्ताओं की प्रतिक्रिया के बाद अखिलेश यादव चिलम तंज पर आई बड़ी खबर

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