“ब्रिक्स समिट 2026” संपन्न: 50 से अधिक ठोस नतीजों और भारत की सफलता
ब्रिक्स समिट 2026 भारत की मेजबानी में आयोजित 18वां ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन भव्य सफलता और 140-सूत्रीय ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ (New Delhi Declaration) को अपनाने के साथ संपन्न हो गया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान विभिन्न विषयगत क्षेत्रों में 50 से अधिक ठोस और विकास-उन्मुख परिणाम हासिल हुए हैं।
विदेश मंत्रालय के सचिव (आर्थिक संबंध) सुधाकर दलेला ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि इस बार का शिखर सम्मेलन वैश्विक शासन प्रणाली, आर्थिक विकास, स्थानीय मुद्रा में व्यापार और जन-भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में बेहद प्रभावी साबित हुआ है।
ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल और महिला उद्यमियों की अहम भूमिका
शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल और ब्रिक्स विमेंस बिजनेस अलायंस (BRICS Women’s Business Alliance) की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके माध्यम से व्यावसायिक प्राथमिकताओं और विशेष रूप से महिला उद्यमियों के सुझावों को सीधे सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं के समक्ष रखा गया।
भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान युवाओं, थिंक टैंकों, शिक्षाविदों और नागरिक समाज को जोड़ने के लिए समर्पित मंच तैयार किए। साथ ही, डेडिकेटेड विमेंस वर्किंग ग्रुप जैसी पहलों के जरिए विकास प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी को केंद्र में रखा।
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की पुरजोर वकालत
नई दिल्ली घोषणापत्र में ब्रिक्स सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र में तत्काल सुधारों की आवश्यकता को दोहराया। घोषणापत्र में विशेष रूप से भारत और ब्राजील के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अधिक महत्वपूर्ण और स्थायी भूमिका का समर्थन किया गया।
सदस्य देशों ने संकल्प लिया कि विकासशील देशों के प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार आवश्यक हैं।
140-पॉइंट का नई दिल्ली डिक्लेरेशन: मुख्य बिंदु
इस 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में 140-सूत्रीय ऐतिहासिक घोषणापत्र जारी किया गया, जिसमें प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर वैश्विक सहमति बनी:
व्यापार एवं टैरिफ: निष्पक्ष वैश्विक व्यापार प्रणाली और स्थानीय मुद्राओं (Local Currency Payments) में सीमा पार लेनदेन को बढ़ावा देने पर सहमति।
आतंकवाद पर कड़ा रुख: आतंकवाद के सभी रूपों की कड़े शब्दों में निंदा और बहुपक्षीय मोर्चे पर इससे निपटने का संकल्प।
पश्चिम एशिया संकट: वेस्ट एशिया में शांति स्थापित करने और कूटनीतिक संवाद पर जोर।
एआई एवं टेक्नोलॉजी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित, पारदर्शी और समावेशी उपयोग के लिए वैश्विक ढांचा बनाने पर चर्चा।
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प्रधानमंत्री मोदी का समापन भाषण और चीन को अगली अध्यक्षता
ओपन सेशन के समापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी प्रतिभागी प्रतिनिधिमंडलों और उनकी टीमों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने वर्ष 2027 के लिए ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने वाले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को शुभकामनाएं दीं।
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शिखर सम्मेलन स्थल पर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए पारंपरिक रंगोली, कलाकृतियां और सांस्कृतिक प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसके साथ ही, सम्मेलन के इतर वैश्विक नेताओं के बीच गर्मजोशी भरी अनौपचारिक बातचीत और कूटनीतिक संबंध मजबूत करने वाले सुखद क्षण भी देखने को मिले।
आगामी वैश्विक रणनीतियों, सदस्य देशों के विस्तार और साझा आर्थिक प्राथमिकताओं को तय करने के लिए आयोजित होने वाला ब्रिक्स समिट 2026 अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
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