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राहुल गांधी मेलोनी टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय का आया कड़ा रुख:

राहुल गांधी मेलोनी टिप्पणी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और उनकी “हग डिप्लोमेसी” (गले मिलने वाली कूटनीति) पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के तंज के बाद उपजा राजनीतिक विवाद अब कूटनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है। कार्यक्रम के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के संदर्भ में की गई टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत और इटली के संबंध बेहद प्रगाढ़ और रणनीतिक रूप से मजबूत हैं। कूटनीतिक आचरण के तहत आपसी सम्मान और गरिमा बनाए रखना बेहद आवश्यक है।

विदेश मंत्रालय का रुख: ‘आपसी समझ और कूटनीतिक मर्यादा कायम रहे’

साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब कांग्रेस नेताओं की इस टिप्पणी और उससे उपजे विवाद पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने राजनीतिक बयानबाजी पर सीधे बोलने के बजाय दोनों देशों के व्यापक रणनीतिक रिश्तों को रेखांकित किया।

मजबूत द्विपक्षीय रिश्ते: रणधीर जायसवाल ने कहा, “इटली के साथ भारत के रिश्ते बहुत मजबूत हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच साझेदारी हर क्षेत्र में बढ़ी और अधिक सुदृढ़ हुई है।”

राजनयिक गरिमा का महत्व: प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि राजनयिक आचरण और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का यह महत्वपूर्ण हिस्सा है कि दोनों देश एक-दूसरे का सम्मान करें और आपसी समझ बनाए रखें। भारत इस रिश्ते को और आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

यह पूरा विवाद नई दिल्ली में आयोजित ‘रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन’ के दौरान शुरू हुआ, जहां राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी के विदेश नीति चलाने के तरीकों पर सवाल उठा रहे थे।

हग डिप्लोमेसी’ पर हमला: राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि यह विचार कहां से आया कि विदेश नीति का मतलब केवल “विदेशी नेताओं को गले लगाना” है। उन्होंने उदाहरण देने के लिए मंच पर ही पार्टी नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया।

दीक्षित की टिप्पणी और मेलोनी का जिक्र: गले लगाने के तुरंत बाद संदीप दीक्षित ने चुटकी लेते हुए पूछा, “एक चीज पूछ सकता हूं? मेलोनी समझकर तो नहीं गले लगाया था?” इस पर राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “मैं अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचा हूं।”

इंदिरा गांधी से तुलना: राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की विदेश नीति व्यक्तिगत रिश्तों के बजाय राष्ट्रीय हितों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने अमेरिका-ईरान तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि दूरदर्शी नेतृत्व के अभाव के कारण भारत मध्यस्थता की भूमिका गंवा बैठा।

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    बीजेपी का तीखा पलटवार: “असभ्य और अमर्यादित भाषा”

    कांग्रेस नेताओं की इस बातचीत पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उग्र प्रतिक्रिया व्यक्त की। बीजेपी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर राजनीतिक आचरण की सीमा लांघने और अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

    सुधांशु त्रिवेदी का हमला: बीजेपी प्रवक्ता राष्ट्रीय मीडिया के सामने आए और कहा कि कांग्रेस पार्टी का यह रवैया उनकी वैचारिक गिरावट को दर्शाता है। उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी देश के कूटनीतिक संबंधों का मजाक उड़ाकर आखिर क्या साबित करना चाहते हैं?

    माफी की मांग: बीजेपी नेताओं ने कहा कि एक मित्र राष्ट्र की महिला प्रधानमंत्री का जिक्र जिस हल्के-फुल्के और अनुचित तरीके से किया गया, वह देश की संसदीय परंपराओं और गरिमा के खिलाफ है। बीजेपी ने इसके लिए राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की।

    वैश्विक मंच पर इटली भारत का एक महत्वपूर्ण यूरोपीय साझेदार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के बीच जी-20 और जी-7 शिखर सम्मेलनों के दौरान हुई बैठकों से दोनों देशों के आर्थिक और रक्षा संबंध काफी मजबूत हुए हैं।

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    ऐसे में घरेलू राजनीति के चलते अंतरराष्ट्रीय नेताओं पर की गई टिप्पणियों ने कूटनीतिक मोर्चे पर भी अनावश्यक असहजता पैदा कर दी है, जिसे विदेश मंत्रालय ने समय रहते संतुलित करने का प्रयास किया है। कूटनीतिक हलकों और राजनीतिक गलियारों में बहस के बीच गरमाया राहुल गांधी मेलोनी टिप्पणी मामला

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