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 “कैप्टन स्मित मच्छर”भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर के लिए नेशनल ब्रेवरी अवॉर्ड

कैप्टन स्मित मच्छर

मिड-एयर सुरक्षा संकट के दौरान अद्भुत साहस, असाधारण नेतृत्व और ठंडे दिमाग से काम लेते हुए 182 जिंदगियों को सुरक्षित बचाने वाले फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार (National Bravery Award) देने की मांग उठी है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को आधिकारिक पत्र लिखकर कैप्टन स्मित को इस सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करने का अनुरोध किया है।

30 सितंबर, 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर ही ओमानी मूल के को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर जानलेवा हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने और अत्यधिक तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद कैप्टन स्मित ने न केवल विमान से नियंत्रण खोने नहीं दिया, बल्कि उसे सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में डायवर्ट कर लैंड कराया।

कॉकपिट के भीतर का वो खौफनाक मंजर

यह गंभीर सुरक्षा संकट तब पैदा हुआ जब विमान इजराइली हवाई क्षेत्र के करीब था। कॉकपिट में मौजूद ओमानी को-पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया और बोइंग 737 विमान को नीचे गिराने (Nosedive) की कोशिश की:

16,000 फीट नीचे गिरा विमान: हमले के कारण नियंत्रण बिगड़ने से विमान महज कुछ सेकंड्स में लगभग 16,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे की ओर गिरा।

कैप्टन की जांबाजी: लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हमलावर को-पायलट को इतनी ताकत से पीछे धकेला कि कॉकपिट का दरवाजा खुल गया।

क्रू और यात्रियों की मदद: शोर सुनकर फ्लाइट क्रू और यात्री कॉकपिट में घुसे तथा आरोपी को-पायलट को काबू में किया। इस दौरान फ्लाइट में ऑफ-ड्यूटी मौजूद दो अन्य एविएटर्स की मदद से प्लेन का पूरा कंट्रोल संभाला गया।

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FIP ने पत्र में क्या कहा?

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में लिखा कि बेहद कठिन, खतरनाक और जीवन संकट वाली स्थिति में भी शांत रहकर निर्णय लेना कैप्टन स्मित के पेशेवर समर्पण और असाधारण बहादुरी को दर्शाता है।

“कॉकपिट के भीतर का संकट सामान्य इमरजेंसी ट्रेनिंग से पूरी तरह अलग था। घायल होने के बावजूद 174 यात्रियों और 8 क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना पेशेवर वीरता की मिसाल है। इससे पूरी दुनिया में भारतीय एविएटर्स के प्रति सम्मान बढ़ा है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छर की धैर्य, सूझबूझ और साहस की सराहना की है।

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अंतरराष्ट्रीय जांच और आरोपी की कस्टडी

घटना के तुरंत बाद सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जहां सभी 180 यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

आरोपी यूएई स्थानांतरित: गिरफ्तार आरोपी को-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सौंप दिया है।

अंतरराष्ट्रीय साजिश का कोण: इजराइली जांच दल भी यूएई में स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस हमले के पीछे कोई बाहरी आतंकवादी या चरमपंथी साजिश थी।

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नेतन्याहू की चेतावनी: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि यदि इस हमले के पीछे किसी बाहरी संगठन या ताकत का हाथ पाया गया, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

कैप्टन स्मित मच्छर को प्राथमिक उपचार के बाद दुबई स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां उनकी स्थिति अब स्थिर बनी हुई है। पूरी अंतरराष्ट्रीय उड्डयन बिरादरी उनके इस साहसिक कार्य की सराहना कर रही है।

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