“CJP शिवाजी पार्क विरोध”प्रदर्शन में उमड़े हजारों लोग,
गांधी जयंती के अवसर पर मुंबई का ऐतिहासिक शिवाजी पार्क एक बड़े राजनीतिक और नागरिक आंदोलन का केंद्र बन गया। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की जोरदार मांग की।
इस आंदोलन में फिल्मी जगत की कई प्रमुख हस्तियां और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतरे।
शबाना आजमी, विशाल भारद्वाज और विशाल ददलानी ने किया समर्थन
पुलिस द्वारा अनुमति न दिए जाने के बावजूद शिवाजी पार्क में भारी भीड़ उमड़ी। इस प्रदर्शन में प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी ने आंदोलन को नया बल दिया:
शबाना आजमी का संदेश: प्रसिद्ध अभिनेत्री शबाना आजमी ने मंच से और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आपका वोट आपकी आवाज और अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मतदाता सूची से नाम अचानक गायब हो जाते हैं, तब लोकतंत्र की रक्षा के लिए सवाल पूछना हर नागरिक का फर्ज बन जाता है।
विशाल भारद्वाज और विशाल ददलानी की मौजूदगी: मशहूर फिल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज और संगीतकार विशाल ददलानी भी मंच पर पहुंचे और CJP संस्थापक अभिजीत दिपके का समर्थन किया।
नसीरुद्दीन शाह का समर्थन: जाने-माने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए नागरिकों से आगे आने की अपील की।
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CJP नेता का सरकार पर ‘नाकाबिल’ तंज
जनसभा को संबोधित करते हुए CJP नेता अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “सरकार इतनी नाकाबिल है कि हमें अपने बुनियादी मताधिकार की रक्षा के लिए दो महीने के भीतर दोबारा सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।”
दिपके ने चेतावनी दी कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया, तो यह आंदोलन केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी फैलाया जाएगा।
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CJP की प्रमुख मांगें
CJP और प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के समक्ष अपनी मुख्य मांगें रखी हैं:
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर रोक: पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के नाम पर बिना उचित दस्तावेजीकरण और सत्यापन के लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
2025 की वोटर लिस्ट को फ्रीज करना: मांग की गई है कि 2025 की पूर्व मतदाता सूची को तुरंत बहाल और फ्रीज किया जाए।
नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता: मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में सिविल सोसाइटी और स्वतंत्र नागरिक प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग की गई है।
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दादर में सुरक्षा कड़ी, NDA का पलटवार
प्रदर्शन को देखते हुए दादर स्टेशन और शिवाजी पार्क के आसपास पुलिस सुरक्षा बेहद सख्त कर दी गई थी। इस बीच, विपक्षी दलों के ‘INDIA’ ब्लॉक ने भी चुनाव आयोग के खिलाफ जिला स्तर पर प्रदर्शन कर ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ की शुरुआत की है।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ NDA गठबंधन ने इस पूरे विरोध प्रदर्शन की मंशा पर सवाल उठाए हैं। एनडीए नेताओं का आरोप है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फर्जी मतदाताओं का बचाव करना और संवैधानिक संस्थाओं की छवि को धूमिल करना है।
हाल ही में दादर स्थित प्रतिष्ठित मैदान में आयोजनों की अनुमति दिए जाने के खिलाफ शुरू हुआ CJP शिवाजी पार्क विरोध प्रदर्शन नागरिक अधिकारों की रक्षा और ध्वन्यात्मक प्रदूषण पर लगाम लगाने की मांग को लेकर सुर्खियों में है।
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