संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान निंदा भारत ने खोली पोल गिनाईं 20 हजार हत्याएं
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान निंदा से भारत का कड़ा वैश्विक संदेश ! संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत ने पाकिस्तान की भागीदारी को गंभीर चुनौती दी। “सशस्त्र संघर्ष में नागरिक सुरक्षा” पर हुई खुली बहस में भारत ने यह प्रश्न उठाया कि आखिर वो देश जो आतंकवादियों और आम नागरिकों के बीच फर्क नहीं करता, उसे नागरिकों की रक्षा पर बोलने का नैतिक अधिकार कैसे है?
- राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया।
- भारत ने पाकिस्तान को आतंक प्रायोजक देश बताया।
- पाक सेना पर सीमावर्ती गांवों पर जानबूझकर हमले के आरोप लगाए।
- पूजा स्थलों को टारगेट करने का भी मुद्दा उठाया गया।
UNSC में पाकिस्तान निंदा: भारत ने ठोके तथ्य
राजदूत हरीश ने कहा, “मैं पाकिस्तान के निराधार आरोपों पर जवाब देने के लिए बाध्य हूं। भारत ने दशकों से सीमा पार आतंकवाद का सामना किया है, जिसे पाकिस्तान प्रायोजित करता है।” उन्होंने 26/11 के मुंबई हमलों और अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुई बर्बरता का उदाहरण दिया।
“ऐसे देश का नागरिक सुरक्षा पर प्रवचन देना अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अपमान है।”
भारत ने यह भी बताया कि पाकिस्तानी सेना ने हाल में सीमा के पास जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाया—जिसमें 20 से अधिक निर्दोष मारे गए और 80 घायल हुए।
पहलगाम हमला: आतंक की क्रूर तस्वीर
- 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भीषण आतंकी हमला हुआ।
- इसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए, जिनमें अधिकांश हिंदू पर्यटक थे।
- ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ ने जिम्मेदारी ली, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा संगठन है।
- भारत ने इसे सांप्रदायिक उकसावे की सोची-समझी साजिश बताया।
आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा रुख
भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए ‘सिविलियन कवर’ का दुरुपयोग करता है। राजदूत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि पाक अधिकारी मारे गए आतंकियों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं—जो दर्शाता है कि वहाँ आतंक और सरकार के बीच कोई स्पष्ट सीमा नहीं है।
- गुरुद्वारों और मंदिरों पर हमलों को जानबूझकर किया गया
- चिकित्सा केंद्रों और कॉन्वेंट भी थे निशाने पर
- पाकिस्तानी सेना की भूमिका स्पष्ट और भयावह है
UNSC में पाक निंदा से अंतरराष्ट्रीय मंच पर हलचल
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान निंदा के बाद वैश्विक राजनयिक समुदाय का ध्यान इस ओर गया है कि पाकिस्तान आतंकवाद पर दोहरा रवैया अपना रहा है। भारत ने केवल भावनात्मक अपील नहीं की, बल्कि ठोस तथ्यों, घटनाओं और आंकड़ों के साथ पाकिस्तान को बेनकाब किया।
“जो देश आतंकवाद को राज्य नीति बना चुका हो, वह मानवाधिकार और नागरिक सुरक्षा पर बात करने योग्य नहीं।”
सिंधु जल संधि निलंबन: भारत का रणनीतिक फैसला
- पहलगाम हमले के ठीक बाद 23 अप्रैल को भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित किया।
- राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र में यह घोषणा करते हुए पाकिस्तान को घेरा।
- उन्होंने कहा: “पिछले 40 वर्षों में आतंकवाद ने 20,000 भारतीय नागरिकों की जान ली है।”
- पाकिस्तान की आतंक पोषक भूमिका को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब किया गया।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान निंदा के दौरान भारत ने यह आंकड़े रखकर दुनिया को चौंका दिया।
‘ऑपरेशन सिंदूर’: आतंकवाद के खिलाफ भारत की सैन्य कार्रवाई
7 मई 2025 को, भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में पाकिस्तानी सेना के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें एक SAAB-2000 AWACS विमान और दो F-16 लड़ाकू विमान और एक C-130J ट्रांसपोर्ट प्लेन नष्ट। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस ऑपरेशन से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत में होने वाले आतंकवादी हमलों को पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त है।
पाकिस्तान का जवाब: बढ़ते तनाव की झलक
- पाकिस्तान ने भारत के फैसलों को युद्ध की ओर बढ़ा कदम बताया।
- सिंधु संधि निलंबन को पाकिस्तान सांसद ने “जल बम” कहा।
- इस्लामाबाद ने यूएन में भारत पर आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया।
- पाकिस्तानी मीडिया ने भारत को “आक्रामक शक्ति” बताकर प्रचार चलाया।
लेकिन संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान निंदा के आगे पाकिस्तान की दलीलें कमजोर साबित हुईं।ग की।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया
इन घटनाओं के बाद, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। भारत ने वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) से पाकिस्तान को ‘ग्रे लिस्ट’ में पुनः शामिल करने की मांग की है, जिससे पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर और दबाव बढ़ सकता है।
निर्णायक मोड़ पर भारत-पाक रिश्ते
भारत ने कूटनीतिक, सैन्य और कानूनी तीनों स्तरों पर पाकिस्तान को घेरने की रणनीति अपनाई है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान निंदा सिर्फ शब्दों का हमला नहीं, एक वैचारिक युद्ध की शुरुआत है।
- भारत आतंक को बर्दाश्त नहीं करेगा।
- पाकिस्तान की दोहरी नीति अब दुनिया के सामने उजागर हो चुकी है।
- आने वाले समय में दोनों देशों के संबंध और नाजुक हो सकते हैं।



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