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भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता: फार्मा और मेडटेक को मिलेगी गति

भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता

भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को एक नई दिशा देने के लिए तैयार है। यह समझौता विशेष रूप से फार्मा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने का वादा करता है। गुरुवार को हस्ताक्षरित यह ऐतिहासिक समझौता भारतीय दवा और चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के लिए व्यापक अवसर खोलेगा।

  • यह समझौता भारत और यूके के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा।
  • भारतीय दवा निर्माताओं के लिए ब्रिटेन का बाजार सुलभ हो सकता है।
  • यूके से भारत में चिकित्सा उपकरणों की पहुंच में सुधार होगा।

चिकित्सा उपकरण क्षेत्र की उम्मीदें और चुनौतियां

चिकित्सा उपकरण निर्माता दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, गैर-शुल्क उपायों पर स्पष्टता और नियामक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना उनकी मुख्य चिंताएं हैं। उद्योग निकाय एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री (एइम्ड) के फोरम समन्वयक राजीव नाथ ने इस पर प्रकाश डाला।

  • यूके में आयातित चिकित्सा उपकरण पहले शुल्क-मुक्त होते थे।
  • नियामक अनुमोदन लागत और समय एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी।
  • CDSCO या भारतीय गुणवत्ता परिषद के प्रमाणन को मान्यता देने की मांग है।

आयात शुल्क और व्यापारिक आंकड़े

घरेलू निर्माताओं ने चिंता जताई है कि चीनी उत्पाद यूके के माध्यम से भारत आ सकते हैं। इससे एफटीए के तहत शून्य-शुल्क प्रावधानों का दुरुपयोग हो सकता है। राजीव नाथ ने बताया कि भारत यूके से आने वाले चिकित्सा उपकरणों पर लगभग 7.5% आयात शुल्क लगाता है।

  • यह शुल्क समझौते के बाद चरणबद्ध तरीके से कम होने की उम्मीद है।
  • 2024 में ब्रिटेन को चिकित्सा उपकरणों का निर्यात 13% बढ़ा।
  • यह बढ़कर ₹1,015 करोड़ हो गया, जो एक महत्वपूर्ण वृद्धि है।

जेनेरिक दवाओं के लिए नए अवसर

हिमांशू बैद ने कहा कि यह समझौता व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा। यह भारतीय और ब्रिटिश कंपनियों के बीच उन्नत प्रौद्योगिकी सहयोग के नए रास्ते भी खोलेगा। भारत लगभग 115 मिलियन डॉलर मूल्य के चिकित्सा उपकरणों का निर्यात ब्रिटेन को करता है, जो शीर्ष 10 गंतव्यों में से एक है। भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता भारतीय जेनेरिक दवा निर्माताओं के लिए भी बाजार खोलेगा।

  • भारतीय फार्मास्युटिकल अलायंस के सुदर्शन जैन ने इसे अवसर बताया।
  • वे ब्रिटेन में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवा आपूर्ति कर पाएंगे।
  • ल्यूपिन, बायोकॉन, डॉ. रेड्डीज़ और वॉकहार्ट को लाभ मिल सकता है।

ये जेनेरिक कंपनियाँ यूके बाजार में पहले से ही कारोबार कर रही हैं। आगे के विवरणों से विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान हो सकेगी।

आतंकवाद पर एकजुट रुख और द्विपक्षीय सहयोग

भारत और यूनाइटेड किंगडम ने आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा और एकजुट संदेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टारमर दोनों ने सहमति व्यक्त की कि चरमपंथ से निपटने में कोई दोहरा मानदंड नहीं हो सकता। मोदी ने अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की ब्रिटेन द्वारा कड़ी निंदा के लिए स्टारमर को धन्यवाद दिया।

  • हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जो दुखद घटना थी।
  • लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
  • यह बयान विदेशों में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों का परोक्ष संदर्भ था।

भारत में भारतीय राजनयिकों को खतरों पर चिंता बढ़ी है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि भारत ने इस मुद्दे को उठाया था।

सुरक्षा और आर्थिक सहयोग की प्रतिबद्धता

दोनों पक्षों ने अपनी सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसमें आर्थिक अपराधियों का प्रत्यर्पण भी शामिल है, जो भारत की लंबे समय से मांग है। क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा हुई, जैसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता।

  • यूक्रेन में संघर्ष और पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचार साझा हुए।
  • भारत शांति की शीघ्र बहाली और राष्ट्रों की संप्रभुता का सम्मान चाहता है।
  • मोदी ने अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसे में मारे गए ब्रिटिश नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

प्रधानमंत्रियों की “चाय पर चर्चा” और सांस्कृतिक आदान-प्रदान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेकर्स में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ “चाय पर चर्चा” की। उन्होंने एक्स पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें दोनों गहन बातचीत करते दिख रहे हैं। मोदी ने कहा, “भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता संबंधों को और मजबूत बना रहा है!”

  • दोनों नेताओं ने व्यापारिक नेताओं से भी बातचीत की।
  • व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
  • भारत और यूके के प्रमुख उत्पादों की प्रदर्शनी का दौरा भी किया गया।

क्रिकेट और शाही मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी ने युवा खिलाड़ियों को टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के हस्ताक्षर वाला एक बल्ला भेंट किया। उन्होंने प्रीमियर लीग ट्रॉफी के साथ पोज़ भी दिया, यह दर्शाते हुए कि भारत के युवाओं में फुटबॉल भी बहुत लोकप्रिय है। ब्रिटेन यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सैंड्रिंघम हाउस में किंग चार्ल्स से मुलाकात की।

  • यह मुलाकात भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के बाद हुई।
  • किंग चार्ल्स ने मोदी का सैंड्रिंघम हाउस में स्वागत किया।
  • किंग को एक पौधा भेंट किया गया, “एक पेड़ माँ के नाम” पहल से प्रेरित।
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