बिहार चुनाव मतदाता सूची अपडेट SC सुझाव और नए ऐप
बिहार चुनाव मतदाता सूची चुनाव आयोग अनुच्छेद 326 के तहत अपने आदेशों का पालन कर रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने पहचान के लिए आधार, राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र को स्वीकार करने का सुझाव दिया है। आयोग की कानूनी टीम इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
- सीईओ गुंजियाल के अनुसार, चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य ‘सही मतदाता रहे, गलत कटे’ के सिद्धांत पर काम करना है।
- सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इन दस्तावेजों को शामिल करने पर विचार करने को कहा था।
- चुनाव आयोग इस संबंध में अंतिम निर्णय लेगा, जिसे याचिकाकर्ताओं को संतुष्ट करना होगा।
फॉर्म जमा करने की स्थिति और चुनौतियाँ
फॉर्म जमा करने का काम तेजी से चल रहा है। कुल 7.89 करोड़ मतदाताओं में से 76 प्रतिशत (5.98 करोड़) फॉर्म एकत्र किए जा चुके हैं। इनमें से 56 प्रतिशत फॉर्म (4.39 करोड़) सिस्टम में अपलोड भी हो गए हैं।
- सीईओ ने बताया कि अभी 24 प्रतिशत फॉर्म जमा करने बाकी हैं।
- मतदाताओं में भ्रम और चिंता को दूर करने के लिए विज्ञापन भी दिए गए हैं।
- 30 अगस्त तक दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि है।
दस्तावेज और सत्यापन प्रक्रिया
मतदाता 11 अनिवार्य दस्तावेजों में से एक के साथ या उसके बिना फॉर्म जमा कर सकते हैं। बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) बाद में इन दस्तावेजों को संलग्न करेंगे।
- निवास स्थान के लिए आवेदन बढ़ गए हैं, जिन्हें 30 अगस्त तक जमा किया जा सकता है।
- निर्वाचक निबंधन अधिकारी (ईआरओ) सत्यापन प्रक्रिया पूरी करेंगे।
- यदि ईआरओ संतुष्ट नहीं होता है, तो मतदाता को नोटिस भेजा जाएगा।
नए मतदाताओं का पंजीकरण और अपील प्रक्रिया
2004 या उसके बाद मतदान करने वाले लेकिन 2003 की मतदाता सूची में न होने वाले मतदाता नए माने जाएंगे। वे 1 अगस्त के बाद फॉर्म 6 के साथ आवेदन कर सकते हैं।
- दावों और आपत्तियों का चरण 1 से 30 अगस्त तक चलेगा।
- बीएलओ उन लोगों से दस्तावेज एकत्र करेंगे जिन्होंने अपने फॉर्म के साथ इन्हें जमा नहीं किया था।
- दावा खारिज होने पर ज़िला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपील की जा सकती है।
तकनीकी उन्नयन और राजनीतिक प्रतिक्रिया
प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए चुनाव आयोग जल्द ही एक ऐप जारी करेगा। यह ऐप फॉर्म जमा करने और दस्तावेज अपलोड करने में मदद करेगा।
- ऐप दो चरणों में काम करेगा, जिससे प्रक्रिया सुगम होगी।
- कांग्रेस सहित विपक्षी दल चुनाव आयोग के इस अभियान पर सवाल उठा रहे हैं।
- सलमान खुर्शीद ने कहा कि अंततः चुनाव जीतना ही मायने रखता है।
चुनावी हेरफेर के आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी ने बिहार में मतदाता सूची में हेरफेर के आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे “चुनाव चोरी” की साजिश बताया है।
- खड़गे ने महाराष्ट्र में 85 लाख मतदाताओं के बदलाव का हवाला दिया।
- उन्होंने कहा कि बिहार में भी 2 करोड़ मतदाताओं के नाम रद्द किए जा रहे हैं।
- राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को भाजपा की शाखा बताया।
अभियान की प्रगति और स्वयंसेवकों का योगदान
चुनाव आयोग ने 25 जुलाई की समय सीमा से पहले ही 80 प्रतिशत से अधिक गणना फॉर्म जमा कर लिए हैं। बिहार चुनाव मतदाता सूची का यह अभियान तय समय से काफी आगे चल रहा है।
- 20,000 अतिरिक्त बीएलओ नियुक्त किए गए हैं।
- 77,895 बीएलओ और 20,603 नए बीएलओ काम कर रहे हैं।
- 4 लाख से अधिक स्वयंसेवक और 1.5 लाख बूथ-स्तरीय एजेंट घर-घर जा रहे हैं।
वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं और अन्य कमजोर समूहों की सहायता के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रकार, बिहार चुनाव मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण अभियान एक सुचारु और समावेशी प्रक्रिया सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है, जबकि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।



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