भगवंत मान की मोदी विदेश यात्रा टिप्पणी पर बवाल
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की मोदी विदेश यात्रा पर की गई टिप्पणियों ने देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। यह विवाद तब और गहरा गया, जब पंजाब भाजपा ने शनिवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किए। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मान के पुतले फूंके और जोरदार नारेबाजी की।
उनका आरोप है कि मान की टिप्पणी “घृणित और अपमानजनक” है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक मर्यादाओं पर बहस छेड़ दी है।
भाजपा का तीखा हमला: मर्यादा की सीमाएं लांघ रहे मान?
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री मान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मान “सत्ता और अहंकार के नशे में चूर” हैं और उन्हें यह भी नहीं पता कि वे क्या कह रहे हैं। चुघ ने जोर देकर कहा कि मान एक ऐसे प्रधानमंत्री पर हमला कर रहे हैं, जिन्हें भारत की जनता ने ऐतिहासिक जनादेश के साथ तीन बार चुना है।
- प्रधानमंत्री मोदी का 25 साल का सार्वजनिक जीवन बेदाग रहा है।
- उनकी दूरदर्शिता दुनिया भर में गूंज रही है।
- मान ने उनका मजाक उड़ाने की हिम्मत की है।
यह बयान राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस का विषय बन गया है।
अमित शाह का बचाव: आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा
चुघ ने गृह मंत्री अमित शाह का नाम विवाद में घसीटने को मान की “हताशा” बताया। उन्होंने कहा कि शाह ही हैं जिन्होंने “आतंकवाद को कुचला, नक्सली नेटवर्क को ध्वस्त किया और भारत की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया।” उनके नेतृत्व में, भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी।
- अमित शाह ने आतंकवाद को कुचला है।
- नक्सली नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है।
- भारत की आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है।
यह भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
संवैधानिक पदों की गरिमा: भाजपा का आरोप
पंजाब भाजपा नेता अनिल सरीन ने भी मान पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री संवैधानिक पदों की मर्यादा और गरिमा भूल गए हैं। उन्होंने विधानसभा के अंदर और बाहर प्रधानमंत्री के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा को “बर्दाश्त से बाहर” बताया। यह टिप्पणी मुख्यमंत्री के आचरण पर गंभीर सवाल उठाती है।
- मुख्यमंत्री ने मर्यादा का उल्लंघन किया है।
- संवैधानिक पदों की गरिमा भंग हुई है।
- उनकी भाषा को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
यह एक गंभीर आरोप है
मोदी की विदेश यात्रा पर मान की प्रारंभिक आलोचना
गुरुवार को, मान ने मोदी की आलोचना करते हुए कहा था कि वे मात्र 10,000 की आबादी वाले देशों से मिले विदेशी सम्मान का “जश्न” मना रहे हैं। साथ ही उन्होंने देश के ज्वलंत मुद्दों को “नजरअंदाज” करने का आरोप भी लगाया। मान ने कहा, “प्रधानमंत्री जी घाना गए हैं? क्या वे घाना से वापस आ गए हैं? क्या वे आज वापस आएंगे? देश लौटने पर उनका स्वागत किया जाएगा।”
- मान ने मोदी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाए।
- उन्होंने छोटे देशों से मिले सम्मान का जिक्र किया।
- देश के ज्वलंत मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
यह बयान राजनीतिक विरोध का कारण बना।
विदेश मंत्रालय की फटकार: ‘गैर-जिम्मेदाराना’ टिप्पणियाँ
विदेश मंत्रालय ने मान की टिप्पणियों को “गैर-जिम्मेदाराना” करार दिया। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि “ये टिप्पणियाँ गैर-जिम्मेदाराना और खेदजनक हैं और राज्य प्राधिकार को शोभा नहीं देतीं।” उन्होंने भारत सरकार को ऐसे बयानों से अलग कर दिया, जो “भारत के अन्य मित्र देशों के साथ संबंधों को कमजोर करते हैं।”
- विदेश मंत्रालय ने मान की टिप्पणी को ‘गैर-जिम्मेदाराना’ कहा।
- ऐसी टिप्पणियाँ राज्य प्राधिकार को शोभा नहीं देतीं।
- भारत सरकार ऐसी टिप्पणियों से खुद को अलग करती है।
यह एक आधिकारिक प्रतिक्रिया थी।
मान का विधानसभा में पलटवार: ‘क्या विदेश नीति पर सवाल पूछने का अधिकार नहीं?’
विदेश मंत्रालय द्वारा फटकार लगाए जाने के बावजूद, मान ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में फिर से इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों की “चिंताओं का समाधान” करने का आग्रह किया। विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया पर मान ने सवाल किया, “क्या हमें विदेश नीति के बारे में सवाल पूछने का अधिकार नहीं है?”
- मान ने 140 करोड़ भारतीयों की चिंताओं पर जोर दिया।
- उन्होंने विदेश नीति पर सवाल पूछने का अधिकार मांगा।
- उन्होंने मोदी की काल्पनिक यात्राओं का मजाक उड़ाया।
यह एक सीधी चुनौती थी।
भाखड़ा-नांगल पर बहस में भी मोदी यात्रा का मुद्दा
शुक्रवार को पंजाब विधानसभा के दूसरे दिन भाखड़ा-नांगल परियोजना में सीआईएसएफ कर्मियों की तैनाती के खिलाफ प्रस्ताव पर बहस में भाग लेते हुए, मान ने फिर कहा कि प्रधानमंत्री के पास 140 करोड़ भारतीयों की चिंताओं को दूर करने का समय नहीं है, बल्कि उनके पास विदेश दौरे करने का समय है। मान ने कहा, “वह ‘मग्नेशिया, तरवेशिया, गरवेशिया’ देशों का दौरा करते हैं, पता नहीं ये देश कहाँ हैं। प्रधानमंत्री साहब को वहाँ सबसे बड़ा पुरस्कार मिला। वहाँ की आबादी कितनी है? 9,500 है। मैंने कहा था कि यहाँ बहुत से लोग सिर्फ़ जेसीबी मशीन देखने के लिए इकट्ठा होते हैं।” यह मान की मोदी विदेश यात्रा पर टिप्पणियों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
- मान ने भाखड़ा-नांगल बहस में मुद्दा उठाया।
- उन्होंने प्रधानमंत्री के समय पर सवाल उठाया।
- उन्होंने छोटे आबादी वाले देशों की यात्रा का मजाक उड़ाया।
यह एक बार फिर विवाद को हवा दी।
हरियाणा के सीएम की माफी की मांग
बाद में, शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए, मान ने फिर पूछा, “क्या मुझे विदेश नीति के बारे में सवाल करने का अधिकार नहीं है कि आप वहाँ क्या करने जा रहे हैं? आपने वहाँ क्या किया है? हमें बताएँ। क्या हमें अधिकार नहीं है?” हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं पर की गई टिप्पणी के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से देश से माफ़ी मांगने को कहा है। सैनी ने मान की टिप्पणियों को “अनुचित” और “संवैधानिक पदों के लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान” बताया।
- हरियाणा के सीएम सैनी ने माफी की मांग की।
- मान की टिप्पणियों को “अनुचित” बताया।
- संवैधानिक मूल्यों का अपमान करार दिया।
यह एक अंतर-राज्यीय विवाद बन गया।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ की निंदा
सैनी ने कहा कि मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत दुनिया के विकसित देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रगति कर रहा है। मान की टिप्पणी की निंदा करते हुए, पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी कहा कि जब किसी व्यक्ति की परछाई उसकी ऊंचाई से बड़ी हो जाए, तो इसका मतलब है कि सूरज डूबने वाला है। जाखड़ ने कहा कि जब किसी व्यक्ति की जीभ उसके कद से बड़ी हो जाए, तो इसका मतलब है कि उसका पतन निकट है। जाखड़ ने मान से उनकी अनुचित भाषा के लिए माफ़ी मांगने को भी कहा।
- सुनील जाखड़ ने मान की भाषा की निंदा की।
- उन्होंने मान के पतन की बात कही।
- जाखड़ ने मान से माफी मांगने को कहा।
यह भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया थी।
अडानी कनेक्शन पर मान का आरोप और लुधियाना में प्रदर्शन
मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ प्रधानमंत्री मोदी जाते हैं, वहीं अडानी का कारोबार भी शुरू हो जाता है। उन्होंने फिर सवाल किया, “क्या मुझे मोदी से पूछने का अधिकार नहीं है कि आप वहाँ क्या करने जा रहे हैं?” यह मान की मोदी विदेश यात्रा पर टिप्पणी का ही नतीजा था कि पंजाब में भाजपा ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा की लुधियाना इकाई के सदस्यों ने जिला अध्यक्ष रजनेश धीमान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का उनके कार्यालय के बाहर पुतला फूंका। धीमान ने मान की टिप्पणी को गैरजिम्मेदाराना और खेदजनक बताया।
- मान ने अडानी कनेक्शन का आरोप लगाया।
- लुधियाना में भाजपा ने विरोध प्रदर्शन किया।
- धीमान ने टिप्पणी को गैरजिम्मेदाराना बताया।
यह विवाद का एक नया पहलू था।
अतीत की पाकिस्तान यात्रा पर भी मान का तंज
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री मान ने प्रधानमंत्री मोदी पर ऐसी टिप्पणी की है। पंजाब भाजपा के जिला अध्यक्ष रजनेश धीमान ने याद दिलाया कि मान ने 2015 में प्रधानमंत्री मोदी की पाकिस्तान यात्रा पर भी व्यंग्यात्मक टिप्पणी की थी। तब मान ने कहा था कि एक आम व्यक्ति आसानी से पाकिस्तान नहीं जा सकता, जबकि प्रधानमंत्री बिना बुलाए ही वहां बिरयानी खाने चले गए। उन्होंने कहा, “वह ‘मग्नेशिया, तरवेशिया, गरवेशिया’ देशों का दौरा करते हैं, पता नहीं ये देश कहाँ हैं।”
- मान ने पहले भी मोदी की यात्राओं पर तंज कसा था।
- 2015 में पाकिस्तान यात्रा पर टिप्पणी की थी।
- उन्होंने इसे ‘बिना बुलाए बिरयानी खाने जाना’ बताया।
यह एक पुरानी मिसाल थी।
वैश्विक कूटनीति और मोदी को मिले सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी की हालिया पांच देशों की यात्रा में ग्लोबल साउथ के प्रमुख देशों के साथ मजबूत साझेदारी बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया था। घाना में, मोदी को “ऑफिसर ऑफ़ द ऑर्डर ऑफ़ द स्टार ऑफ़ घाना” से सम्मानित किया गया। त्रिनिदाद और टोबैगो में – दो दशकों से भी अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा – उन्होंने संसद को संबोधित किया और उन्हें “ऑर्डर ऑफ़ द रिपब्लिक ऑफ़ त्रिनिदाद एंड टोबैगो” से सम्मानित किया गया।
- मोदी को घाना में सम्मानित किया गया।
- त्रिनिदाद और टोबैगो में भी सम्मान मिला।
- अर्जेंटीना यात्रा 57 वर्षों में पहली थी।
ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया और नामीबिया ने यूपीआई प्लेटफॉर्म अपनाया।



Post Comment