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दिशा पटानी के घर हमला:पिता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धन्यवाद दिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धन्यवाद

मुंबई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धन्यवाद बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पटानी के घर पर हुई गोलीबारी की घटना ने न सिर्फ ग्लैमर जगत में बल्कि पूरे देश में सनसनी फैला दी है। इस घटना ने एक बार फिर से संगठित अपराध और हाई-प्रोफाइल लोगों को निशाना बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर किया है। इस हमले के पीछे रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग का नाम सामने आया है, जिसकी पुष्टि पुलिस ने भी कर दी है।

इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है: इस हमले और प्रसिद्ध पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में एक गहरा संबंध पाया गया है। दोनों ही वारदातों में तुर्की में बनी जिगाना पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया, जिसे अवैध रूप से भारत में तस्करी करके लाया गया था।

यह वही पिस्तौल है जिसका उपयोग अक्सर बड़े आपराधिक गिरोहों द्वारा कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जाता है।

पुलिस ने इस हमले को महज एक व्यक्तिगत दुश्मनी न मानते हुए इसे एक बड़ी और सुनियोजित साजिश का हिस्सा बताया है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में भय और आतंक फैलाना तथा प्रमुख हस्तियों को धमकाना था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस तरह की घटनाएं अपराधियों के दुस्साहस को दर्शाती हैं और ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा हैं।

इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा त्वरित और कठोर कार्रवाई किए जाने पर दिशा पटानी के पिता, जगदीश पटानी ने एक वीडियो संदेश जारी कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस प्रशासन की तत्परता ने उनके परिवार को इस मुश्किल घड़ी में बहुत बड़ी राहत दी है।

रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गैंग ने ली हमले की जिम्मेदारी, पुलिस ने इसे संगठित अपराध का हिस्सा बताया

इस हमले के बाद की जांच में एक बड़ा खुलासा तब हुआ जब अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) यश ने इस मामले में रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग का हाथ होने की पुष्टि की। इस गिरोह ने सोशल मीडिया पर इस हमले की जिम्मेदारी भी ली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह एक संगठित अपराध था। यह वही कुख्यात गैंग है जिसने सिद्धू मूसेवाला की हत्या को अंजाम दिया था और अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धन्यवाद जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहा है।

पुलिस ने इसे संगठित अपराध की एक बड़ी योजना का हिस्सा बताया है, जिसका मकसद अपने आपराधिक साम्राज्य का विस्तार करना है। इस गिरोह ने पहले भी कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं और जबरन वसूली की घटनाओं को अंजाम दिया है। इन गिरोहों की लगातार बढ़ती गतिविधियां न सिर्फ आम जनता के लिए बल्कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए भी चिंता का विषय बन चुकी हैं।

इस घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू की और कई जगहों पर दबिश दी। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य छिपने और अपनी पहचान बदलने में माहिर हैं, लेकिन पुलिस की टीमें उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं।

इस हमले के बाद दिशा पटानी के परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। हालांकि, सरकार और पुलिस की ओर से मिल रही सहायता और सुरक्षा के आश्वासन से उन्हें काफी राहत मिली है। जगदीश पटानी ने अपने वीडियो संदेश में विशेष रूप से मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सरकार का कड़ा रुख और तेजी से की गई कार्रवाई ही ऐसी घटनाओं को रोक सकती है।

दिल्ली पुलिस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपी ढेर, जांच जारी

इस मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता तब मिली जब दिल्ली पुलिस और यूपी एसटीएफ ने गाजियाबाद में एक संयुक्त कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में दो आरोपियों की पहचान हुई, जो हरियाणा के रोहतक और सोनीपत के रहने वाले थे। रवींद्र उर्फ कल्लू और अरुण नाम के ये दोनों आरोपी गोल्डी बराड़ गिरोह के सक्रिय सदस्य थे।

पुलिस और एसटीएफ की टीम ने जब उन्हें घेरने की कोशिश की, तो उन्होंने जवाबी फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोली चलाई। इस मुठभेड़ में दोनों आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धन्यवाद से जुड़े अपराधियों पर यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है कि सरकार ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेगी। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा है और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। पुलिस ने यह भी कहा कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और इस पूरे रैकेट के बारे में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।

यह मुठभेड़ न सिर्फ इस मामले में एक निर्णायक मोड़ है बल्कि यह भी दर्शाता है कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस बल कितने प्रतिबद्ध हैं। इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि अपराध की दुनिया में किसी भी अपराधी के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है।

इस पूरी घटना ने देश में संगठित अपराध की चुनौती को नए सिरे से उजागर किया है। यह न सिर्फ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक परीक्षा है बल्कि सरकार के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धन्यवाद करते हुए जगदीश पटानी ने सही ही कहा कि ऐसी घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाना समय की मांग है।

सरकार की तत्परता और पुलिस की बहादुरी ने एक बार फिर से जनता का विश्वास जीता है।

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