दिल्ली में दरिंदगी: खाली बिल्डिंग में नाबालिगों ने किया मासूम से गैंगरेप
देश की राजधानी दिल्ली से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली हैवानियत की एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने रूह कंपा दी है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में दिल्ली में दरिंदगी का एक खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहां महज 13, 14 और 15 साल के नाबालिग लड़कों ने कथित तौर पर एक छह साल की मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज के गिरते नैतिक स्तर का भी आईना है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपी नाबालिगों को हिरासत में ले लिया है, जो उसी इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
खाने का लालच देकर खाली इमारत में ले गए आरोपी
जांचकर्ताओं द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस घिनौने अपराध की पटकथा बेहद सोची-समझी साजिश के तहत बुनी गई थी। आरोपियों ने मासूम बच्ची को अकेला पाकर उसे खाने का लालच दिया और बहला-फुसलाकर पास की एक खाली पड़ी बिल्डिंग में ले गए।
वहां मासूमियत पर प्रहार करते हुए लड़कों ने बच्ची के हाथ बांध दिए और उसका मुंह बंद कर दिया ताकि उसकी चीखें बाहर न जा सकें। इसके बाद तीनों ने उसके साथ गैंगरेप किया। इस हैवानियत को अंजाम देने के बाद, इन नाबालिगों ने बच्ची को जान से मारने या गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी ताकि वह इस घटना के बारे में किसी को न बताए।
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खून से लथपथ घर पहुंची मासूम, मां के सामने खुली हकीकत
यह घटना तब उजागर हुई जब बच्ची की मां घर लौटी और अपनी बेटी को गंभीर हालत में पाया। मां ने देखा कि बच्ची के शरीर से बहुत ज्यादा खून बह रहा था। शुरुआत में डर और सदमे के कारण बच्ची ने कहा कि वह गिर गई थी, लेकिन जब मां ने गौर किया कि उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान नहीं थे, तो उन्हें संदेह हुआ।
कड़ी पूछताछ और भरोसे में लेने के बाद, मासूम ने अपनी मां को उस खौफनाक मंजर की आपबीती सुनाई जो उसके साथ उस खाली इमारत की छत पर हुआ था। जैसे ही परिवार को इस दिल्ली में दरिंदगी का पता चला, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचित किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी की तलाश
शिकायत मिलने के तुरंत बाद भजनपुरा थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना 18 जनवरी को हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस को उस बिल्डिंग की छत पर खून के धब्बे भी मिले हैं, जो बच्ची के दावों की पुष्टि करते हैं। फिलहाल, पुलिस ने 10, 13 और 16 साल की उम्र के दो नाबालिगों को हिरासत में लेकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) के सामने पेश किया है। हालांकि, तीसरा आरोपी और उसका परिवार फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
एक मां का साहस: खुद अपने बेटे को पुलिस को सौंपा
इस डरावने मामले में मानवीय संवेदना का एक अनूठा पहलू भी सामने आया। खबरों के मुताबिक, जब आरोपियों में से एक 10 वर्षीय लड़के की मां को पीड़िता की हालत और अपने बेटे की करतूत के बारे में पता चला, तो उन्होंने ममता पर न्याय को तरजीह दी। उन्होंने खुद अपने बेटे को पुलिस के हवाले कर दिया।
पीड़िता के पिता, जो पेशे से एक रिक्शा चालक हैं, अपनी बेटी की हालत देखकर पूरी तरह टूट चुके हैं और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनकी बेटी को इंसाफ मिले और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
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अस्पताल में भर्ती पीड़िता की हालत और मेडिकल जांच
वारदात के बाद पीड़िता को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका विस्तृत मेडिकल परीक्षण किया गया। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि बच्ची के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न हुआ है। वर्तमान में उसे जरूरी चिकित्सा देखभाल और पेशेवर काउंसलिंग प्रदान की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, बच्ची का बयान दर्ज कर लिया गया है और अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। फरार नाबालिग को पकड़ने के लिए पुलिस लोकल इंटेलिजेंस और तकनीकी निगरानी की मदद ले रही है, जिसके बिहार में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।
भूमि पेडनेकर का फूटा गुस्सा: ‘हम बुरी तरह फेल हो रहे हैं’
इस घटना ने बॉलीवुड जगत को भी झकझोर कर रख दिया है। मशहूर अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने सोशल मीडिया पर अपना गहरा दुख और गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “क्या हो रहा है? हम साफ तौर पर फेल हो रहे हैं क्योंकि हम अब तक इन हैवानों में डर पैदा नहीं कर पाए हैं जो सोचते हैं कि वे सेक्शुअल वायलेंस करके बच निकल सकते हैं।
” उन्होंने आगे लिखा कि इतने कम उम्र के लड़कों को ऐसी घिनौनी हरकत करते देखना दिल तोड़ने वाला है। भूमि ने समाज पर तंज कसते हुए कहा कि हम बेजुबानों को सजा दे रहे हैं और कुत्तों को खतरा बताकर सनसनी फैला रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि हमारी सड़कों पर 6 साल की बच्ची भी सुरक्षित नहीं है।
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समाज और सिस्टम के सामने खड़े गंभीर सवाल
भजनपुरा में हुई इस दिल्ली में दरिंदगी ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर हमारे नौनिहाल किस माहौल में बड़े हो रहे हैं। भूमि पेडनेकर के शब्दों में, इस मामले में अपराधी भी कहीं न कहीं उस खराब सामाजिक व्यवस्था के शिकार हैं जो उन्हें इतनी कम उम्र में अपराधी बना रही है।
जब तक अपराधियों के मन में कानून का खौफ नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाओं को रोकना नामुमकिन है। दिल्ली में दरिंदगी का यह मामला न केवल पुलिसिया जांच का विषय है, बल्कि यह पूरे देश के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है कि क्या हम वाकई अपने बच्चों को एक सुरक्षित भविष्य दे पा रहे हैं?
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