मायावती का चुनावी ऐलान: यूपी में अकेले लड़ेगी बसपा, पूर्ण बहुमत का दावा
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आज अपने 70वें जन्मदिन के अवसर पर राजधानी लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती का चुनावी ऐलान करते हुए राजनीति के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
मायावती ने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि उनकी पार्टी आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और देश भर में होने वाले तमाम छोटे-बड़े चुनाव अकेले ही लड़ेगी। उन्होंने गठबंधन की राजनीति को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि बसपा उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाएगी।
गठबंधन से बसपा को हुआ भारी नुकसान
अपने जन्मदिन पर पत्रकारों से बात करते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अतीत में किए गए गठबंधनों ने पार्टी को बार-बार नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने तर्क दिया कि गठबंधन के दौरान बसपा का वोट तो दूसरी पार्टियों को ट्रांसफर हो जाता है, लेकिन अन्य पार्टियों के वोट, विशेषकर ऊंची जातियों के वोट, बसपा को नहीं मिल पाते।
उन्होंने कहा कि इसी कारण पार्टी ने फैसला किया है कि सभी चुनाव अकेले लड़ना ही ज्यादा सही रहेगा। उन्होंने साफ किया कि बसपा किसी भी पार्टी के साथ किसी भी तरह का चुनावी समझौता नहीं करेगी, क्योंकि अन्य दल बसपा के सामाजिक आधार को बांटने की साजिश रच रहे हैं।
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ब्राह्मणों को ‘बाटी-चोखा’ नहीं, सम्मान चाहिए
हाल ही में भाजपा के ब्राह्मण विधायकों की बैठक और विपक्ष के कटाक्ष पर हमला बोलते हुए बसपा प्रमुख ने मायावती का चुनावी ऐलान दोहराते हुए कहा कि ब्राह्मण समुदाय को किसी की ‘खैरात’ या ‘बाटी-चोखा’ नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें वास्तविक गरिमा और सत्ता में सार्थक भागीदारी चाहिए।
उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और सपा पर ब्राह्मणों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि ब्राह्मणों को इन पार्टियों के प्रभाव में आने से बचना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब बसपा की सरकार बनेगी, तो ब्राह्मणों को पूरा सम्मान दिया जाएगा और उनकी आकांक्षाओं को पूरा किया जाएगा।
सोशल इंजीनियरिंग 2.0: ‘हाथी’ और ‘शंख’ का संगम
मायावती ने 2007 के अपने सफल ‘सोशल इंजीनियरिंग‘ फॉर्मूले की याद दिलाते हुए कहा कि बसपा ने हमेशा सभी जातियों और धर्मों का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि हाथी सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश की हिंदू त्रिमूर्ति का प्रतीक है। उन्होंने नारा दोहराया कि “ब्राह्मण शंख बजाएगा और हाथी आगे बढ़ेगा।
” उन्होंने कहा कि बसपा ने 2007 में 86 ब्राह्मण उम्मीदवारों को मैदान में उतारकर जो प्रयोग किया था, जिसमें 41 जीते थे, उसे फिर से दोहराने की तैयारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षत्रिय, वैश्य, जाट, दलित और अल्पसंख्यकों के हितों का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में शॉर्ट सर्किट से मची भगदड़
लखनऊ स्थित बसपा कार्यालय में चल रही इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हॉल की लाइटिंग इक्विपमेंट में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। छत की लाइटों से चिंगारियां निकलीं और देखते ही देखते पूरे हॉल में धुआं भर गया।
इससे वहां मौजूद कार्यकर्ताओं में भगदड़ मच गई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और अग्निशमन यंत्रों से स्थिति को नियंत्रित किया। इस हादसे के कारण मायावती को अपना संबोधन बीच में ही रोकना पड़ा और वह बिना मीडिया के सवालों का जवाब दिए और बिना जन्मदिन का केक काटे ही वहां से रवाना हो गईं।
कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
मायावती ने राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की स्थिति पिछली समाजवादी पार्टी की सरकार जैसी ही चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने सपा शासन को ‘गुंडागर्दी’ से भरा बताया और अपने ऊपर हुए स्टेट गेस्ट हाउस हमले का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार में आम जनता और दलित बहुत परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल गलत सूचनाओं के माध्यम से बसपा को कमजोर करना चाहते हैं, लेकिन जनता अब उनकी सच्चाई जान चुकी है और राज्य में कानून-व्यवस्था सख्त करने के लिए बसपा की ओर देख रही है।
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ईवीएम पर सवाल और बैलेट पेपर की मांग
चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए बसपा सुप्रीमो ने मायावती का चुनावी ऐलान करते हुए एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम में धांधली हो रही है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए पुराने तरीके से मतदान होना जरूरी है।
उन्होंने मुसलमानों और अन्य समुदायों के साथ हो रहे अन्याय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में राज्य दंगों से मुक्त रहा था और यादवों सहित समाज के हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित किया गया था।
विरोधियों को ‘मुंहतोड़ जवाब’ देने की तैयारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां बसपा के आंदोलन को रोकने के लिए हर हथकंडा अपना रही हैं, लेकिन बसपा पांचवीं बार उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए पूरी तरह दृढ़ संकल्पित है।
उन्होंने कहा कि जब तक जातिवादी पार्टियां अपनी सोच नहीं बदलतीं और उच्च जाति के वोट बसपा में ट्रांसफर नहीं होते, तब तक गठबंधन का कोई सवाल ही नहीं उठता और इसमें अभी सालों लगेंगे। समाज का हर वर्ग आज नाखुश है और बसपा ही एकमात्र विकल्प है।
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