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मुंबई के मलाड स्टेशन मर्डर ने दहलाया शहर, मामूली बहस में प्रोफेसर की हत्या

मलाड स्टेशन मर्डर

मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। 24 जनवरी 2026 की शाम मलाड स्टेशन मर्डर की इस घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। विले पार्ले स्थित प्रसिद्ध नरसी मोंजी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स (NM College) में गणित और सांख्यिकी के 33 वर्षीय प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की एक मामूली कहासुनी के बाद चाकू मारकर हत्या कर दी गई।

यह वारदात उस वक्त हुई जब शाम के करीब 6 बजे थे और स्टेशन यात्रियों की भीड़ से खचाखच भरा था। सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के महज 12 घंटे के भीतर 27 वर्षीय आरोपी ओमकार एकनाथ शिंदे को गिरफ्तार कर लिया है, जो पेशे से एक दिहाड़ी मजदूर (मेटल पॉलिशर) है।

भीड़भाड़ वाली ट्रेन और मौत का वो खौफनाक मंजर

घटनाक्रम के अनुसार, प्रोफेसर आलोक सिंह बोरीवली जाने वाली एक लोकल ट्रेन में सवार थे। जैसे ही ट्रेन मलाड स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर रुकी, ट्रेन से उतरने और चढ़ने की आपाधापी में उनका सामना ओमकार शिंदे से हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के बीच बहस की शुरुआत बहुत मामूली बात पर हुई थी।

लेकिन देखते ही देखते यह झगड़ा इतना उग्र हो गया कि शिंदे ने अपना आपा खो दिया। इस मलाड स्टेशन मर्डर के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर आलोक को बुरे परिणाम भुगतने की धमकी दी और अचानक अपने पास रखे किसी धारदार हथियार से उनके पेट में वार कर दिया। आलोक खून से लथपथ होकर प्लेटफॉर्म पर ही गिर पड़े और दर्द के मारे अपना पेट पकड़ लिया, जबकि भीड़ का फायदा उठाकर हमलावर मौके से फरार हो गया।

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CCTV फुटेज और आरोपी की गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम

हमले के तुरंत बाद मलाड रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति घबराया हुआ दिखाई दिया, जिसने सफेद शर्ट और नीली जींस पहनी थी। वह शख्स हमले के तुरंत बाद फुट ओवरब्रिज (FOB) को पार कर भागता हुआ नजर आया।

इसी फुटेज और चश्मदीद यात्रियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की। मलाड स्टेशन मर्डर की गुत्थी सुलझाने के लिए GRP ने तकनीकी और गोपनीय जानकारी का सहारा लिया।

आखिरकार, रविवार सुबह मुंबई के पश्चिमी उपनगरों के कुरार इलाके से ओमकार शिंदे को दबोच लिया गया। पुलिस के अनुसार, शिंदे का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन इस जघन्य कृत्य के लिए उसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (1) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

पत्नी के जन्मदिन पर उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार

इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि जिस दिन आलोक कुमार सिंह की हत्या हुई, उसी दिन उनकी पत्नी का जन्मदिन था। करीब दो साल पहले ही उनकी शादी हुई थी और वे अपनी पत्नी के साथ मलाड ईस्ट में रहते थे। आलोक के पिता, अनिल कुमार सिंह, देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षा टीम में जवान के रूप में तैनात हैं।

उत्तर प्रदेश के मूल निवासी आलोक बचपन से ही मलाड में अपने चाचा सुनील कुमार सिंह (रिटायर्ड बीएमसी टीचर) के साथ रहकर पले-बढ़े थे। एक होनहार बेटा, समर्पित पति और काबिल शिक्षक के खोने के गम में उनका परिवार और कुरार गांव का पूरा इलाका आज गमगीन है।

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शिक्षण जगत में शोक: एक सौम्य प्रोफेसर का सफर

आलोक सिंह शिक्षा के प्रति बेहद समर्पित थे। उन्होंने ज्ञानोदय विद्या मंदिर हाई स्कूल से 10वीं और इस्माइल यूसुफ कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई की थी। इसके बाद मुंबई यूनिवर्सिटी से बीएससी और एमएससी की डिग्रियां हासिल कीं। करीब 7-8 साल पहले उन्होंने अंधेरी के एक इंटरनेशनल स्कूल से अपना करियर शुरू किया था।

पढ़ाने के साथ-साथ उन्होंने बीएड किया और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) भी पास की। साल 2024 में उन्हें एनएम कॉलेज में जूनियर कॉलेज लेवल पर परमानेंट लेक्चरर के रूप में नियुक्त किया गया था। उनके सहकर्मी बताते हैं कि आलोक स्वभाव से बहुत शांत और नरम दिल इंसान थे। कॉलेज समुदाय के लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि इतने सरल स्वभाव के व्यक्ति की इस तरह मलाड स्टेशन मर्डर जैसी वारदात में जान चली जाएगी।

यात्रियों के बयान और पुलिस की गहन जांच

GRP अधिकारी के अनुसार, ट्रेन के डिब्बे में मौजूद कई यात्रियों ने इस पूरी बहस और हमले को अपनी आंखों से देखा था। पुलिस अब इन गवाहों के बयान दर्ज कर रही है ताकि कोर्ट में मामला मजबूत किया जा सके। जांच दल मलाड स्टेशन के साथ-साथ रास्ते के पिछले स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज का भी विश्लेषण कर रहा है ताकि यह पता चल सके कि बहस कहां से शुरू हुई थी।

हालांकि आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन पुलिस अब उस विशिष्ट हथियार की तलाश कर रही है जिससे आलोक पर हमला किया गया था। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि बहस सिर्फ ट्रेन से उतरने की आपाधापी को लेकर हुई थी, जो इतनी बड़ी त्रासदी में बदल गई।

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मुंबई लोकल में बढ़ती असुरक्षा और यात्रियों की चिंता

इस हत्या ने मुंबई लोकल ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि ट्रेनों में छोटी-मोटी बहस और धक्का-मुक्की आम बात है, लेकिन एक शिक्षक की चाकू मारकर हत्या कर देना डराने वाला है।

पिछले साल जुलाई में भी दो महिलाओं के बीच मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था, लेकिन यह घटना उस पैटर्न से बिल्कुल अलग और कहीं ज्यादा हिंसक है।

यात्री अब इस बात को लेकर डरे हुए हैं कि कैसे एक छोटी सी रोजमर्रा की यात्रा कुछ ही पलों में जानलेवा साबित हो सकती है। रेलवे पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने का आश्वासन दिया है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

न्याय की उम्मीद और कॉलेज की श्रद्धांजलि

फिलहाल आरोपी ओमकार शिंदे पुलिस कस्टडी में है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एनएम कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों ने आलोक कुमार सिंह को एक समर्पित शिक्षक के रूप में याद किया। वे गणित और सांख्यिकी जैसे कठिन विषयों को छात्रों को बहुत ही सरलता से समझाते थे।

उनका असमय जाना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि शिक्षा जगत के लिए भी एक बड़ी क्षति है। पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

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