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“भारत सर्वोच्च नागरिक सम्मान “रोहित, धर्मेंद्र अलका याग्निक ममूटी सम्मानित

भारत सर्वोच्च नागरिक सम्मान

भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान की घोषणा के साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों के नामों पर मुहर लग गई है। गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर गृह मंत्रालय ने इन प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया।

इस वर्ष की सूची में कला, सार्वजनिक जीवन और खेल जगत के कई दिग्गज शामिल हैं, जिन्होंने दशकों तक अपने काम से राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। इन पुरस्कारों के जरिए भारत सरकार उन हस्तियों के समर्पण और प्रभाव को मान्यता देती है, जिन्होंने सिनेमा, संगीत, साहित्य, समाज सेवा, शिक्षा, चिकित्सा और सार्वजनिक जीवन में अमिट छाप छोड़ी है।

धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण और ममूटी-अलका का बढ़ा मान

भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ कहे जाने वाले दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। मनोरंजन जगत के लिए यह एक भावुक क्षण है। वहीं, संगीत की दुनिया की मल्लिका अलका याग्निक और मलयालम सिनेमा के महानायक ममूटी को पद्म भूषण से नवाजा गया है।

अलका याग्निक ने 1990 और 2000 के दशक की शुरुआत में अपनी मधुर आवाज से हिंदी फिल्मी गानों को एक नई पहचान दी, जबकि ममूटी के दमदार अभिनय ने क्षेत्रीय सिनेमा को वैश्विक पटल पर स्थापित किया है। भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान की इस श्रेणी में उनका चयन उनके शानदार करियर को एक बड़ी पहचान देता है।

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खेल जगत का गौरव: रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री

क्रिकेट के मैदान पर तिरंगा लहराने वाले कप्तान रोहित शर्मा और महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। हरमनप्रीत कौर ICC वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली भारतीय कप्तान बनीं, जिन्होंने 2025 में घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका को हराकर इतिहास रचा था।

वहीं, 38 वर्षीय रोहित शर्मा ने महज नौ महीने के भीतर भारत को दो ICC खिताब (T20 वर्ल्ड कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025) दिलाए। रोहित शर्मा और हरमनप्रीत अब उन 40 विशिष्ट क्रिकेटरों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्हें पहले यह गौरव प्राप्त हो चुका है। इनके साथ ही टेनिस दिग्गज विजय अमृतराज को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है।

गुमनाम नायकों और जमीनी सुधारकों को विशेष पहचान

इस वर्ष की 131 पुरस्कार विजेताओं की सूची में कई ऐसे ‘गुमनाम नायक’ शामिल हैं, जिन्होंने बिना किसी प्रचार के समाज को नई दिशा दी। इनमें कर्नाटक के अंके गौड़ा का नाम प्रमुख है, जिन्होंने 2 मिलियन से अधिक पुस्तकों के साथ ‘पुस्तक माने’ नामक फ्री-एक्सेस लाइब्रेरी की स्थापना की।

इसी तरह, चिकित्सा के क्षेत्र में एशिया का पहला ‘ह्यूमन मिल्क बैंक’ शुरू करने वाले डॉक्टर और दुर्लभ संगीत परंपरा को जीवित रखने वाले 90 वर्षीय कलाकारों को भी सम्मानित किया गया है।

सरकार ने इन जमीनी स्तर के सोशल वर्कर, शिक्षकों और इनोवेटर्स को सम्मानित कर यह संदेश दिया है कि भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान हर उस व्यक्ति के लिए हैं जिसका कार्य राष्ट्र पर गहरा असर डालता है।

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पद्म विभूषण और पद्म भूषण विजेताओं की पूरी सूची

पद्म विभूषण (5): धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत), के टी थॉमस (पब्लिक अफेयर्स), एन राजम (कला), पी नारायणन (साहित्य एवं शिक्षा) और वी एस अच्युतानंदन (मरणोपरांत)।

पद्म भूषण (13): सुश्री अलका याग्निक, श्री ममूटी, श्री भगत सिंह कोश्यारी, श्री कल्लिपट्टी रामासामी पलानीस्वामी, डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडू, पीयूष पांडे (मरणोपरांत), एस के एम मैलांधन, शतावधानी आर गणेश, शिबू सोरेन (मरणोपरांत), उदय कोटक, वी के मल्होत्रा (मरणोपरांत), वेल्लापल्ली नटेसन और विजय अमृतराज।

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पद्म श्री सम्मान: कला, विज्ञान और चिकित्सा के सितारे

पद्म श्री विजेताओं की सूची में 113 नाम शामिल हैं, जिनमें प्रमुख रूप से आर माधवन, प्रोसेनजीत चटर्जी, सतीश शाह (मरणोपरांत), अनिल कुमार रस्तोगी और रवींद्र जैन जैसे नाम शामिल हैं। चिकित्सा में डॉ. सरोज मंडल, डॉ. श्याम सुंदर और डॉ. पद्मा गुरमेत को पहचान मिली है।

विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में वीज़िनाथन कामकोटि, ए ई मुथुनायगम और कुमारसामी थंगराज को सम्मानित किया गया है। इसके अलावा, साहित्य में लियुडमिला विक्टोरोवना खोखलोवा (रूस) और खेल में सविता पुनिया व बलदेव सिंह को भी यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया है।

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गणतंत्र दिवस समारोह और राष्ट्रपति भवन में आयोजन

नियमों के अनुसार, गृह मंत्रालय हर साल गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले इन नामों की घोषणा करता है। इस वर्ष कुल 131 पद्म पुरस्कार दिए जा रहे हैं, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। इनमें 19 महिलाएं और 16 मरणोपरांत सम्मानित होने वाली हस्तियां हैं।

ये पुरस्कार भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा इस साल के अंत में राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले औपचारिक समारोहों में प्रदान किए जाएंगे। भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान की यह परंपरा देश की सांस्कृतिक और बौद्धिक उत्कृष्टता का उत्सव मनाती है।

विविधता और समावेशिता का प्रतीक है पद्म सूची 2026

इस साल के पुरस्कारों की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विविधता है। सूची में लद्दाख से लेकर तमिलनाडु तक और यूएसए से लेकर रूस तक के अचीवर्स शामिल हैं।

जहाँ एक ओर राजनीति के धुरंधर जैसे शिबू सोरेन और वी.के. मल्होत्रा को याद किया गया, वहीं दूसरी ओर ‘अल्फा’ स्तर के वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों जैसे जोगेश देउरी और श्रीरंग देवबा लाड को भी जगह मिली।

यह सूची दर्शाती है कि भारत अपनी कलात्मक और रचनात्मक उपलब्धियों के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में काम करने वाले हर हाथ को सलाम करता है।

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