पीएम मोदी का मलेशिया में आतंकवाद पर कड़ा संदेश और बड़े समझौते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कुआलालंपुर में अपने मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम के साथ संयुक्त प्रेस मीट को संबोधित करते हुए आतंकवाद पर कड़ा संदेश दिया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मुद्दे पर भारत का रुख पूरी तरह पक्का है—”कोई दोहरा मापदंड नहीं और कोई समझौता नहीं”। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई दिल्ली शांति बनाए रखने की सभी कोशिशों का समर्थन करती रहेगी, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
2026 की अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए मलेशिया पहुंचे पीएम मोदी ने अपने दोस्त अनवर इब्राहिम को गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद दिया और याद दिलाया कि उन्होंने पिछले साल आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान जल्द आने का वादा किया था। प्रधानमंत्री ने भारत और मलेशिया को “समुद्री पड़ोसी” बताते हुए कहा कि सदियों पुराने गहरे संबंधों और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों ने दोनों देशों को एक सूत्र में बांधा है।
सुरक्षा और रक्षा सहयोग में अभूतपूर्व विस्तार का संकल्प
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने अपनी साझेदारी में अभूतपूर्व गति और गहराई लाने का फैसला किया है। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद विरोधी अभियान, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को मजबूत करके सुरक्षा तंत्र को और अधिक पुख्ता किया जाएगा। आतंकवाद पर कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने रक्षा सहयोग को और अधिक व्यापक बनाने की बात कही।
प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में रक्षा और सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में संबंधों को बेहतर बनाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। मलेशिया ने पीएम मोदी का पुत्रजय में पेरडाना पुत्रा में औपचारिक स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह यात्रा आपसी विश्वास और भविष्य की सामान्य आकांक्षाओं पर आधारित स्थायी दोस्ती को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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डिजिटल अर्थव्यवस्था और UPI रोलआउट की ऐतिहासिक घोषणा
इस यात्रा का एक बड़ा आकर्षण डिजिटल और वित्तीय सहयोग रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जल्द ही मलेशिया में पेश किया जाएगा। इससे पर्यटकों, छात्रों और व्यावसायिक यात्रियों के लिए सीमाओं के पार निर्बाध डिजिटल भुगतान संभव होगा। इसके साथ ही, एआई, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा में भी साझेदारी को आगे बढ़ाया जाएगा।
मोदी ने कहा कि “आज आयोजित सीईओ फोरम ने व्यापार और निवेश के लिए नए अवसर खोले हैं।” मलेशियाई पीएम ने भी स्वीकार किया कि भारत ने वैश्विक व्यापार और आर्थिक मोर्चे पर शानदार वृद्धि दर्ज की है और वे 2025 में व्यापार को 18 बिलियन डॉलर से आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मलेशियाई ‘जीवित पुल’ और ओसीआई कार्ड के नए लाभ
प्रधानमंत्री ने मलेशिया में रहने वाले 30 लाख भारतीय प्रवासियों को दोनों देशों के बीच एक “जीवित पुल” करार दिया। उन्होंने घोषणा की कि भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिकों के लिए ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड की पात्रता अब छठी पीढ़ी तक बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही, कुआलालंपुर में एक नया भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने की भी घोषणा की गई ताकि स्थानीय समुदाय को बेहतर कांसुलर सेवाएं मिल सकें।
भारतीय श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा समझौते और पर्यटकों के लिए मुफ्त ई-वीजा जैसे कदम दोनों देशों के नागरिकों के जीवन को आसान बनाएंगे। मोदी ने कहा कि कोई भी साझेदारी तभी सफल होती है जब उसका फायदा सीधे लोगों तक पहुंचता है।
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तमिल भाषा का प्रेम और सांस्कृतिक जुड़ाव के नए सूत्र
सांस्कृतिक संबंधों पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने मलेशिया में तमिल भाषा के प्रति साझा प्रेम का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मलेशिया के शिक्षा और मीडिया क्षेत्र में तमिल की जीवंत उपस्थिति है। इस यात्रा के दौरान एक ऑडियो विजुअल समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे फिल्म और संगीत, विशेषकर तमिल फिल्मों के माध्यम से दोनों देशों के दिल और करीब आएंगे।
इसके अलावा, मलेशियाई छात्रों के लिए ‘तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति’ की शुरुआत की गई है, जो भारत में उच्च शिक्षा हासिल करने के इच्छुक युवाओं की मदद करेगी। यह कदम शैक्षिक आदान-प्रदान और सांस्कृतिक माहौल को और अधिक समृद्ध करेगा।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और आसियान की केंद्रीयता पर जोर
प्रधानमंत्री ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को “वैश्विक विकास का केंद्र” बताते हुए कहा कि भारत आसियान की केंद्रीयता को प्राथमिकता देता है। उन्होंने मलेशिया को उसके सफल आसियान नेतृत्व के लिए बधाई दी और कहा कि भारत आसियान-भारत व्यापार समझौतों की समीक्षा को जल्द पूरा करने के पक्ष में है।
मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत और मलेशिया मिलकर पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में विकास, शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं। आतंकवाद पर कड़ा संदेश देने के साथ-साथ उन्होंने वैश्विक मंच पर रणनीतिक विश्वास के माध्यम से आर्थिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करने की बात कही।
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जाकिर नाइक का मुद्दा और उग्रवाद के खिलाफ सख्त रुख
मलेशिया दौरे के दौरान भगोड़े उपदेशक जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण भी चर्चा का विषय रहा। विदेश मंत्रालय ने पहले ही संकेत दिया था कि सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने तक इस मुद्दे को उठाया जाएगा। पीएम मोदी की मौजूदगी में आतंकवाद पर कड़ा संदेश यह साफ करता है कि भारत कट्टरपंथ और नफरत भरे भाषणों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
अगस्त 2024 में अनवर इब्राहिम ने भी कहा था कि यदि ठोस सबूत मिलते हैं, तो मलेशिया आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। नाइक, जो 2016 के मनी लॉन्ड्रिंग मामले और नफरत फैलाने के आरोपों में वांछित है, के संदर्भ में भारत की स्थिति स्पष्ट रही है।
11 अहम समझौतों और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के नतीजे
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के परिणामस्वरूप 11 महत्वपूर्ण दस्तावेजों और समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। ये समझौते डिजिटल नवाचार, कौशल विकास, वैज्ञानिक अनुसंधान और स्थानीय मुद्रा में व्यापार जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम ने मोदी का व्यक्तिगत गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि यह यात्रा उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने पेरडाना पुत्रा में मिले असाधारण आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि जिस तरह से मलेशियाई जीवन को खूबसूरती से पेश किया गया, वह हमेशा यादों में रहेगा।
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