किसानों के लिए व्यक्तिगत कीमत चुकाने को तैयार: ट्रंप की टैरिफ पर मोदी
किसानों के लिए व्यक्तिगत कीमत चुकाने को तैयार ट्रंप की टैरिफ धमकी पर मोदी का कड़ा रुख। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि वह कृषि और मत्स्य पालन क्षेत्रों से कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने नाइजीरिया के एडेमोला ए एडेनले को पहला एमएस स्वामीनाथन पुरस्कार प्रदान करने के बाद यह बात कही। प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की पृष्ठभूमि में आई है।
- भारत अपने किसानों के हितों की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता मानता है।
- कृषि, मत्स्य पालन और पशुपालन में लगे किसानों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयातित वस्तुओं पर 25% का अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की है।
इस घोषणा को अमेरिकी व्यापार अधिकारियों के भारत दौरे से ठीक पहले “सौदेबाजी का एक हथकंडा” माना जा रहा है।
मोदी का संकल्प और अमेरिका को स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किसानों के हितों की रक्षा करने का संकल्प अमेरिका के लिए एक सीधा संदेश है। यह संदेश द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के लिए होने वाली बातचीत से पहले दिया गया है। अमेरिका भारत पर सोयाबीन और मक्का जैसे कुछ कृषि उत्पादों के प्रवेश को आसान बनाने के लिए दबाव बना रहा है। इन टैरिफों को रूसी तेल खरीदने की सज़ा बताया गया है। विदेश मंत्रालय ने इस कदम को “अनुचित, अनुचित और अविवेकपूर्ण” बताया है। मंत्रालय ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
- व्यक्तिगत कीमत चुकाने को तैयार का संकल्प मोदी के मजबूत इरादों को दिखाता है।
- भारत ने यह भी कहा कि अमेरिका का यह फैसला “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” है।
- रूस से तेल आयात करना भारत के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
ट्रंप के टैरिफ हमले के बीच पीएम मोदी ने किसानों के साथ कोई समझौता नहीं करने का संकल्प लिया।
हरित क्रांति और स्वामीनाथन का योगदान
किसानों के हितों की रक्षा का संकल्प लेते हुए मोदी ने भारत की हरित क्रांति में MS स्वामीनाथन के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन जी, जहाँ कहीं भी होंगे, भारत की प्रगति देखकर गर्व महसूस करते होंगे। आज, भारत दूध, दालों और जूट का शीर्ष उत्पादक है। भारत चावल, गेहूँ, कपास और मछली का दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक भी है।
- पीएम मोदी ने कहा कि वह जानते हैं कि उन्हें व्यक्तिगत कीमत चुकाने को तैयार रहना होगा।
- उन्होंने कहा कि वह इस कीमत को चुकाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
- स्वामीनाथन ने मैंग्रोव के आनुवंशिक गुणों को चावल में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था।
स्वामीनाथन के विचारों ने आज की जलवायु अनुकूलन प्राथमिकताओं का पूर्वानुमान लगाया था।
कृषि, तकनीक और भविष्य की राह
मोदी ने पोषण सुरक्षा, फसल विविधीकरण और जलवायु-अनुकूल फसल किस्मों पर जोर दिया। उन्होंने कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग को एकीकृत करने का आह्वान किया। मोदी ने सूखा-सहिष्णु, ताप-सहिष्णु और बाढ़-अनुकूल फसलें विकसित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की शक्ति को राष्ट्रीय प्रगति का आधार माना है।
- उन्होंने बाजरा जैसी भूली-बिसरी फसलों पर स्वामीनाथन के दूरदर्शी ध्यान को याद किया।
- सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन लागत कम करने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं।
- ई-नाम प्लेटफॉर्म ने किसानों के लिए अपनी उपज बेचना आसान बना दिया है।
पीएम मोदी ने कहा कि वह किसानों और मछुआरों के हितों से कभी समझौता नहीं करेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत कीमत चुकाने को तैयार रहना पड़े।
किसानों का हित सर्वोपरि, मोदी ने अमेरिका को दिया कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 7 अगस्त को कहा कि भारत किसानों और मछुआरों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उन्हें इसके लिए व्यक्तिगत रूप से भारी कीमत चुकानी पड़े। मोदी की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ की धमकियों का अप्रत्यक्ष जवाब है।
- उन्होंने कहा कि भारत किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा।
- उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत कीमत चुकाने को तैयार हैं।
- उन्होंने कहा कि भारत देश के किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के लिए तैयार है।
ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ नई दिल्ली द्वारा रूसी कच्चे तेल का आयात जारी रखने के लिए एक ‘दंड’ के रूप में लगाया।



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