केरल राजनीति में भूचाल: राहुल ममकूटथिल इस्तीफा विवाद और गंभीर आरोप
केरल की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है, जब युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक राहुल ममकूटथिल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह कदम उनके ऊपर लगे दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद उठाया गया है, जिसने राज्य में व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है। यह पूरा घटनाक्रम अब राहुल ममकूटथिल इस्तीफा विवाद के नाम से सुर्खियों में है।
आरोप: अभिनेत्री और लेखिका का सनसनीखेज खुलासा
अभिनेत्री रिनी एन जॉर्ज ने कोच्चि में पत्रकारों से बातचीत के दौरान खुलासा किया कि एक “युवा प्रमुख राजनेता” तीन वर्षों से अनुचित व्यवहार कर रहा था। उन्होंने दावा किया कि लगातार आपत्तिजनक संदेश भेजे गए और होटल में बुलाने की कोशिश की गई। भले ही नाम न लिया गया हो, लेकिन भाजपा और माकपा ने इशारा राहुल ममकूटथिल की ओर बताया।
इसी बीच, लेखिका हनी भास्करन ने फेसबुक पर इसी तरह के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ममकूटथिल ने इंस्टाग्राम पर बातचीत शुरू की, जो बाद में अनुचित दिशा में मुड़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद शफी परमबिल, ममकूटथिल का बचाव कर रहे हैं।
कांग्रेस का रुख: गंभीरता से होगी जांच
केरल में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने कहा कि आरोपों की गहन जांच होगी और यदि यह गंभीर पाए गए तो कार्रवाई निश्चित है। महिला कांग्रेस नेता बिंदु कृष्णा ने दोहराया कि पार्टी महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
इस्तीफा और बचाव
राजनीतिक दबाव बढ़ने के बाद राहुल ममकूटथिल ने युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह निर्दोष हैं और उनके खिलाफ कोई कानूनी शिकायत दर्ज नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह विधायक पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा, “मैंने यह कदम पार्टी को विवाद से बचाने के लिए उठाया है।”
राहुल ममकूटथिल का राजनीतिक सफर
राहुल ममकूटथिल, जिन्हें राहुल बीआर भी कहा जाता है, 1989 में जन्मे। वे छात्र राजनीति से सक्रिय हुए और 2006 में केरल छात्र संघ से जुड़े। पलक्कड़ उपचुनाव (2024) में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। वे पार्टी के तेजतर्रार युवा चेहरों में माने जाते हैं।
वर्तमान स्थिति
रिनी एन जॉर्ज ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं बल्कि महिलाओं की गरिमा के लिए है। हालांकि, उन्होंने अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। भाजपा ने इस मामले को बड़ा मुद्दा बनाते हुए विरोध मार्च निकाला और ममकूटथिल के इस्तीफे की मांग की।
इस पूरे घटनाक्रम को अब राजनीतिक हलकों में राहुल ममकूटथिल इस्तीफा विवाद के रूप में देखा जा रहा है और कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
इस्तीफा और बचाव: खुद को बताया निर्दोष
बढ़ते दबाव और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच, राहुल ममकूटथिल ने गुरुवार को युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए एक बयान में, ममकूटथिल ने खुद को निर्दोष बताया और जोर देकर कहा कि वह किसी कानूनी जांच के दायरे में नहीं हैं। उन्होंने कहा, “क्या मेरे खिलाफ कोई कानूनी शिकायत है? जिस महिला ने यह बयान दिया है, उसने मेरा नाम नहीं लिया है। पार्टी ने मुझे इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा है, मैं अपनी पार्टी की रक्षा के लिए इस्तीफा दे रहा हूँ, न कि आम पार्टी कार्यकर्ताओं का समय बर्बाद करने के लिए।” उन्होंने यह भी कहा कि वह विधायक पद से इस्तीफा नहीं देंगे।



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