Loading Now

हिंदी-मराठी विवाद के बीच 18 जुलाई को मीरा रोड में राज ठाकरे की जनसभा।

मीरा रोड में राज

महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी भाषा को लेकर चल रहा विवाद गहराता जा रहा है। इसी बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे मीरा रोड में 18 जुलाई को एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। यह जनसभा हाल ही में मीरा रोड पर हुए ‘मराठी स्वाभिमान मोर्चा’ के बाद मनसे की अगली रणनीति तय करेगी। राज ठाकरे सीधे मराठी समाज के लोगों से संवाद करेंगे। वे अपनी भविष्य की राजनीतिक भूमिका भी स्पष्ट कर सकते हैं।

मुख्य बिंदु :

  1. मीरा रोड में मराठी भाषा विवाद के बीच राज ठाकरे की जनसभा सियासी मोर्चा तय करेगी।
  2. 30 जून की थप्पड़ कांड घटना से शुरू हुआ मराठी बनाम हिंदी विवाद राज्यव्यापी बहस बना।
  3. मनसे कार्यकर्ताओं ने निषेधाज्ञा तोड़ी, सैकड़ों लोगों के साथ रैली में जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई।
  4. 18 जुलाई को सेंट पॉल हाई स्कूल में राज ठाकरे मीरा रोड की जनता को संबोधित करेंगे।
  5. राज ठाकरे मीरा रोड शाखा का उद्घाटन कर भविष्य की भूमिका पर संकेत दे सकते हैं।
  6. शिवसेना (यूबीटी) और मनसे की हालिया नजदीकी से सियासी समीकरण बदलने के संकेत मिलते हैं।
  7. मंत्री प्रताप सरनाईक ने मीरा रोड दौरे का स्वागत किया, राजनीति में मराठी अस्मिता फिर केंद्र में।

विवाद की जड़: जोधपुर स्वीट्स और मराठी स्वाभिमान मोर्चा

इस पूरे विवाद की शुरुआत 30 जून को मीरा रोड पर हुई एक घटना से हुई। मनसे कार्यकर्ताओं ने जोधपुर स्वीट्स के मालिक बाबूलाल खिमाजी चौधरी को मराठी न बोलने के कारण पीटा था। इस घटना का वीडियो वायरल होते ही व्यापारियों ने 3 जुलाई को विरोध प्रदर्शन करते हुए मीरा भाईंदर बंद का आह्वान किया। इसके तुरंत बाद, व्यापारियों के इस विरोध का मुकाबला करने के लिए मनसे ने 8 जुलाई को एक बड़े मोर्चे की घोषणा की। इसे ‘मराठी स्वाभिमान मोर्चा’ नाम दिया गया।

  • पुलिस ने इस मोर्चे की अनुमति नहीं दी थी।
  • इसके बावजूद मनसे और शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।
  • निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया गया और एहतियाती गिरफ्तारियों को नजरअंदाज किया गया।
  • बालाजी सर्कल से मीरा रोड रेलवे स्टेशन तक हजारों लोगों ने मार्च किया।

यह रैली 5 जुलाई को NSCI डोम में राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के एक साथ आने के बाद बने उत्साह का भी उदाहरण थी। इस मोर्चे के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई। लगभग 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।

18 जुलाई को राज ठाकरे मीरा रोड में क्या करेंगे?

राज ठाकरे मीरा रोड में 18 जुलाई की शाम 7 बजे पहुंचेंगे। वे सबसे पहले एक स्थानीय मनसे शाखा का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद, बालाजी सर्कल के पास स्थित सेंट पॉल हाई स्कूल में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे 8 जुलाई के मोर्चे में मराठी मानुषों की एकजुटता के लिए उन्हें बधाई देंगे। राज ठाकरे मीरा रोड की जनता का धन्यवाद भी करेंगे, जिन्होंने मराठी आंदोलन को समर्थन दिया था। उनके इस दौरे को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं। वे मीरा रोड में अपनी आगामी राजनीतिक भूमिका को स्पष्ट कर सकते हैं। यह जनसभा केवल एक भाषण नहीं होगी, बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश और दिशा तय करने वाली घटना साबित हो सकती है। अब सबकी निगाहें 18 जुलाई की शाम को राज ठाकरे की जनसभा पर टिकी हुई हैं। यहीं से मनसे का अगला सियासी मोर्चा तय हो सकता है।

आगे की राह और सियासी प्रतिक्रियाएं

मनसे कार्यकर्ताओं ने इस जनसभा को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। भारी भीड़ जुटने की संभावना है। शिवसेना मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मीरा रोड में सभी राजनीतिक नेताओं का स्वागत है।” उन्होंने आगे कहा, “मैंने शहर का प्रतिनिधित्व किया है।” मनसे प्रमुख राज ठाकरे एक बार फिर मीरा रोड में बड़ी भीड़ जुटाएंगे। यह दौरा मीरा-भायंदर क्षेत्र में मराठी भाषा और अस्मिता को लेकर मनसे के बड़े कदम का प्रतीक है।

Spread the love

Post Comment

You May Have Missed