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त्विशा शर्मा केस भोपाल नया CCTV फुटेज और माँ के साथ चैट आई सामने,

त्विशा शर्मा केस भोपाल

त्विशा शर्मा केस भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पॉश इलाके कटारा हिल्स में रहने वाली 33 वर्षीय एमबीबीएस छात्रा और पूर्व मिस पुणे, त्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब एक बेहद उलझी हुई मर्डर मिस्ट्री में तब्दील हो चुका है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में सोमवार को दो बड़े घटनाक्रम सामने आए, जिसने पुलिस की तफ्तीश और मृतका के परिवार के दावों को भारी मजबूती दी है। एक तरफ जहां भोपाल की एक स्थानीय अदालत ने फरार आरोपी पति और वकील समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया, वहीं दूसरी तरफ घटना की रात का एक बेहद चौंकाने वाला सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है, जिसे स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने विस्तृत फोरेंसिक जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है।

पुलिस ने फरार चल रहे एडवोकेट समर्थ सिंह पर कानूनी शिकंजा कसते हुए उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए 10,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। इसके साथ ही, उसके देश छोड़कर भागने की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने उसका पासपोर्ट भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।

चौंकाने वाला सीसीटीवी फुटेज: क्या सुसाइड के बाद सबूत मिटाने की कोशिश हुई?

मामले की जांच कर रही 6 सदस्यीय एसआईटी के हाथ लगा यह नया सीसीटीवी फुटेज बेहद पेचीदा और कई अनसुलझे सवाल खड़े करने वाला है। फुटेज के शुरुआती हिस्से में 33 वर्षीय त्विशा शर्मा अकेले सीढ़ियों से ऊपर की तरफ, बिल्डिंग की छत (टेरेस) की ओर जाती हुई दिखाई देती हैं।

लेकिन, कहानी में चौंकाने वाला मोड़ तब आता है जब अगले कुछ ही फ्रेम्स में उनके पति समर्थ सिंह दो अन्य अज्ञात लोगों के साथ त्विशा को उसी सीढ़ी से अचेत (बेहोश) अवस्था में वापस नीचे लाते हुए दिखाई देते हैं।

कैमरे में यह भी रिकॉर्ड हुआ है कि सीढ़ियों पर ही ये लोग रुककर बेहोश त्विशा को होश में लाने के लिए आनन-फानन में सीपीआर (CPR) देने की बेचैन कोशिशें करते हैं। इसके बाद उन्हें गाड़ी में डालकर तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतका के परिवार का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है, और फंदे से उतारने के बाद अस्पताल ले जाने का यह पूरा नाटक सिर्फ रसूखदार ससुराल वालों द्वारा कानूनी कार्रवाई से बचने और सबूतों को खुर्द-बुर्द करने के लिए रचा गया था।

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‘माँ, कल मुझे यहाँ से ले जाओ…’: दिल दहला देने वाली आखिरी चैट

त्विशा की मौत से ठीक पहले का जो डिजिटल डेटा पुलिस के हाथ लगा है, वह उनके ससुराल के भीतर के दमनकारी और तनावपूर्ण माहौल की गवाही दे रहा है। अपनी माँ के साथ व्हाट्सएप (WhatsApp) पर हुई बातचीत में त्विशा ने गंभीर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का जिक्र किया था।

7 मई को भेजे गए एक संदेश में उन्होंने लिखा था कि वह इस घर में पूरी तरह से “घुटन महसूस कर रही हैं और फंस गई हैं।” उन्होंने निराशा व्यक्त करते हुए लिखा, “मुझे अच्छा नहीं लग रहा किसी से भी बात करके।”

त्विशा ने अपने ससुराल वालों के व्यवहार को “बेरहम और निर्दयी” बताते हुए लिखा, “ये सब बहुत ज़्यादा निर्दयी हैं मम्मी। वे कोई दया नहीं दिखाते।” मौत से ऐन पहले त्विशा ने अपनी माँ को बताया था कि वह पति समर्थ के साथ चल रहे रोज-रोज के विवादों को शांति से बैठकर सुलझाना चाहती हैं, लेकिन समर्थ इसमें बिल्कुल सहयोग नहीं कर रहा है।

जब माँ ने मामला शांत करने की सलाह दी, तो त्विशा का जवाब था, “अम्मा (सास) और समर्थ दोनों आपस में ऐसी बात कर रहे हैं जैसे कुछ हुआ ही नहीं है। मेरा मन नहीं लगता अब कहीं भी।”

आखिरकार 7 मई को उन्होंने अपनी माँ से गुहार लगाते हुए लिखा, “माँ, आप मुझे यहाँ से लेने आ जाओ कल प्लीज़। समर्थ ने कहा है कि वह मुझे 1 साल से झेल रहा है। मुझे नहीं समझ आ रहा मम्मी मैं करूँ तो क्या करूँ।” इस चैट से साफ है कि वह भोपाल छोड़कर वापस नोएडा अपने मायके जाना चाहती थीं।

सास का काउंटर-ब्लास्ट: गर्भपात की गोली और गांजे के सेवन का सनसनीखेज दावा

इस पूरे मामले पर चौतरफा घिरीं त्विशा की सास और सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर बहू के परिवार के आरोपों पर तीखा पलटवार किया।

वर्तमान में उपभोक्ता अदालत की सदस्य गिरिबाला सिंह (जिन्हें एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर अग्रिम जमानत मिल गई थी) ने दावा किया कि त्विशा ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर ‘मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी’ (MTP) यानी गर्भपात की दवाइयां खा ली थीं।

पूर्व जज ने कहा, “किसी भी परिवार के लिए पहला बच्चा बेहद महत्वपूर्ण होता है, लेकिन उसने हमें एक पल की भी खुशी नहीं दी। जब समर्थ कोर्ट की कार्यवाही में व्यस्त थे, तब त्विशा ने उन्हें फोन कर बताया कि उसने 7 मई को एमटीपी की गोलियां ले ली हैं। वह बार-बार जिद करती थी कि उसे बच्चा नहीं चाहिए।”

इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि त्विशा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, वह दवाइयों पर थीं और उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि वह भारी मात्रा में गांजे (Marijuana) का नशा करती थीं।

सास ने रसूख और न्यायिक प्रभाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके परिवार का एक गौरवशाली सैन्य बैकग्राउंड रहा है और उनके पति ने देश के लिए जान कुर्बान की है, इसलिए उन पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह आधारहीन हैं।

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न्याय की गुहार: मध्य प्रदेश से बाहर केस ट्रांसफर करने की मांग

मूल रूप से नोएडा की रहने वाली त्विशा की मुलाकात वकील समर्थ सिंह से 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी, जिसके बाद दिसंबर 2025 में दोनों ने प्रेम विवाह किया था। शादी के महज कुछ ही महीनों बाद 12 मई को उनका शव कटारा हिल्स स्थित घर में फंदे से लटका मिला था।

त्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और परिवार के अन्य सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर प्रदर्शन कर मामले की स्वतंत्र जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। परिवार को आशंका है कि चूंकि मृतका की सास खुद एक रिटायर्ड जज हैं, इसलिए स्थानीय पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया पर उनका प्रभाव पड़ सकता है।

इसी डर के कारण शर्मा परिवार ने मामले के मुकदमे (Trial) को मध्य प्रदेश से बाहर किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित करने और दिल्ली एम्स (AIIMS Delhi) में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की कानूनी गुहार लगाई है। पिता का आरोप है कि दामाद समर्थ गंभीर रूप से नशे का आदी है और उसने दहेज के लिए उनकी बेटी की हत्या की है।

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संपादकीय दृष्टिकोण:

त्विशा शर्मा का मामला इस बात का क्लासिक उदाहरण है कि कैसे आधुनिक माध्यमों (डेटिंग ऐप्स) से शुरू हुए रिश्ते भी घरेलू हिंसा, दहेज की रूढ़िवादी मांगों और रसूख के टकराव की भेंट चढ़ जाते हैं।

एक तरफ एक मृत युवती की दर्दनाक चैट और संदिग्ध सीसीटीवी फुटेज हैं, तो दूसरी तरफ एक पूर्व न्यायिक अधिकारी का अपनी बहू की जीवनशैली और आदतों पर लगाया गया गंभीर लांछन है।

चूंकि मामला सीधे तौर पर एक रसूखदार कानूनी परिवार से जुड़ा है, इसलिए भोपाल पुलिस और एसआईटी के कंधों पर बिना किसी पूर्वाग्रह या दबाव के निष्पक्ष वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की बड़ी जिम्मेदारी है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। त्विशा शर्मा केस भोपाल इस वजह से पुलिस ने त्विशा शर्मा केस भोपाल में तेज की जांच त्विशा शर्मा केस भोपाल को लेकर बड़ा खुलासा

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