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“मोहन भागवत मैडिसन स्क्वायर” मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर विवाद:

मोहन भागवत मैडिसन स्क्वायर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के तीन दिवसीय विदेश दौरे (अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन) के पहले चरण में न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सियासी हलचल तेज हो गई है। न्यूयॉर्क शहर में आगामी शनिवार को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित होने वाले ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन्स’ (सार्वभौमिक एकता समारोह) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान मम्दानी ने मोहन भागवत के इस भव्य कार्यक्रम का विरोध करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। मेयर की इस आपत्ति के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है।

VHP का करारा जवाब: ‘सुनने का साहस नहीं तो घर पर रहें’

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने बुधवार को प्रयागराज में एक बयान जारी कर न्यूयॉर्क मेयर ज़ोहरान मम्दानी के रुख की कड़े शब्दों में आलोचना की। आलोक कुमार ने मेयर की आपत्ति को “संकीर्ण सोच का परिचायक” बताया।

आलोक कुमार ने भारतीय और अमेरिकी लोकतांत्रिक मूल्यों का हवाला देते हुए कहा:

अभिव्यक्ति की समानता: भारतीय और अमेरिकी दोनों ही समाज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और भाषण के अधिकार का सम्मान करते हैं। आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि जब कोई विचार व्यक्त करना चाहता है, तो लोगों को संबोधित करने के लिए सभा आयोजित करना एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। यह अधिकार सभी के लिए समान होना चाहिए, न कि किसी विशेष वर्ग या पंथ के लिए।

सहिष्णुता की आवश्यकता: उन्होंने कहा, “यदि किसी को बोलने की आजादी है, तो विरोध करने वालों में दूसरों को सुनने का साहस भी होना चाहिए। यदि आपमें वह साहस नहीं है, तो आपको ऐसे मंचों से दूर रहना चाहिए।” किसी के बोलने के लोकतांत्रिक अधिकार का विरोध करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कमजोर करता है।

संयम और कानून का पालन: VHP अध्यक्ष ने RSS का बचाव करते हुए कहा कि यह संगठन पूरी तरह से कानूनी दायरे में रहकर काम करता है। उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत को एक ऐसा व्यक्तित्व बताया जो हमेशा संयम और जिम्मेदारी के साथ विचार व्यक्त करते हैं।

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पारंपरिक स्वागत के साथ अमेरिका पहुंचे मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न वैश्विक कार्यक्रमों के तहत मोहन भागवत मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचे। वहां भारतीय समुदाय और स्थानीय संगठनों द्वारा उनका पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर भव्य स्वागत किया गया।

भागवत का यह दौरा स्थानीय समूहों के विशेष निमंत्रण पर आयोजित किया गया है। अमेरिका के बाद वे अपने दौरे के अगले चरणों में कनाडा और यूनाइटेड किंगडम (UK) का भी दौरा करेंगे।

मैडिसन स्क्वायर गार्डन में क्या होगा खास?

शनिवार को न्यूयॉर्क के मशहूर ‘मैडिसन स्क्वायर गार्डन’ में ‘अमेरिकन हिंदूज़ फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग’ (AHEAD) फोरम द्वारा ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन्स’ का आयोजन किया जा रहा है।

रक्षाबंधन और नागरिक कर्तव्य: यह आयोजन पारंपरिक हिंदू त्योहार रक्षाबंधन की भावना को आधुनिक वैश्विक संदर्भ में पेश करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिक कर्तव्य, वैश्विक सद्भाव और सार्वभौमिक एकता का संदेश देना है।

सांस्कृतिक और अंतर-धार्मिक संवाद: कार्यक्रम के आयोजकों के अनुसार, इस विशाल समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इसके साथ ही, अलग-अलग धर्मों और समुदायों के प्रमुख वक्ता भी अपने विचार साझा करेंगे। इस आयोजन में भारी संख्या में प्रवासी भारतीयों के जुटने की संभावना है।

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देश की अन्य प्रमुख राजनीतिक खबरें (स्पीड न्यूज़)

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    मैडिसन स्क्वायर गार्डन का यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक या सामाजिक आयोजन न रहकर अब विचारों की स्वतंत्रता और वैश्विक अभिव्यक्ति पर बहस का केंद्र बन गया है।

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    VHP का मानना है कि अमेरिका जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रत्येक विचार को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए, जबकि विरोधी गुटों की बयानबाजी से अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान भी इस कार्यक्रम की ओर आकर्षित हो रहा है। न्यू यॉर्क में भारतीय समुदाय से संवाद, सुरक्षा इंतजामों और प्रवासी आयोजनों के बीच जानें मोहन भागवत मैडिसन स्क्वायर की पूरी इनसाइड स्टोरी

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