इंडिगो फ्लाइट कैंसिल: दिल्ली एयरपोर्ट पर आधी रात तक उड़ानें ठप !
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के यात्रियों के लिए शुक्रवार का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे से रवाना होने वाली इंडिगो की सभी उड़ानें शुक्रवार रात 11:59 बजे तक रद्द कर दी गई हैं। इंडिगो फ्लाइट कैंसिल होने की इस खबर ने पहले से ही चल रही गंभीर गड़बड़ी को और बढ़ा दिया है। आईजीआई हवाई अड्डे पर यात्रियों को दोपहर में सूचित किया गया कि परिचालन संबंधी मुद्दे बिगड़ने के कारण प्रस्थान पर रोक जारी रहेगी। राष्ट्रव्यापी अराजकता अब राजधानी से इंडिगो के प्रस्थान के लगभग पूरी तरह से बंद होने तक पहुंच गई है।
आमतौर पर दिल्ली से प्रतिदिन लगभग 235 आउटबाउंड उड़ानें संचालित करने वाली इंडिगो का यह ठहराव सबसे बड़ा झटका है। अचानक रद्द होने से हजारों यात्री फंस गए हैं और हेल्प डेस्क व टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
400 से ज्यादा उड़ानें रद्द, देश भर में संकट
इंडिगो ने दिल्ली से आधी रात तक और चेन्नई से शाम 6 बजे तक अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। एक ही दिन में भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन ने 400 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं। मुंबई से कम से कम 104 उड़ानें, हैदराबाद से 92 और बेंगलुरु से 102 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे हजारों यात्री चौथे दिन भी फंसे रहे। दिल्ली एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में पुष्टि की कि राजधानी से इंडिगो की घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जबकि अन्य सभी वाहकों के लिए संचालन निर्धारित अनुसार जारी रहेगा।
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पिछले चार दिनों में इंडिगो ने 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की हैं। एयरलाइन ने डीजीसीए से 10 फरवरी तक का समय मांगा है ताकि स्थिति को सामान्य किया जा सके। यह एयरलाइन के दो दशकों के इतिहास में अब तक का सबसे बुरा संकट है।
क्रू की कमी और नियमों का उल्लंघन: असली वजह
इंडिगो के पायलटों, केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ ने एक खुला पत्र (Open Letter) जारी कर एयरलाइन पर रोके जा सकने वाले ऑपरेशनल ब्रेकडाउन की अनुमति देने का आरोप लगाया। पत्र में कहा गया कि ये रुकावटें “सिर्फ एक ऑपरेशनल फेलियर नहीं थीं — ये प्लानिंग और फ्रंटलाइन प्रोटेक्शन की फेलियर थीं।” स्टाफ का कहना है कि स्ट्रैटेजिक फैसले नतीजों से दूर लिए गए, जिसका खामियाजा फ्रंटलाइन वर्कर्स को यात्री के गुस्से के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
इंडिगो ने खुद माना है कि उसका ऑपरेशनल मेल्टडाउन नए ‘क्रू फटीग रूल्स’ (Crew Fatigue Rules) को अपनाने में “गलत फैसले और प्लानिंग में कमी” की वजह से हुआ। इन नियमों के तहत क्रू के लिए हफ्ते में 48 घंटे का आराम और नाइट लैंडिंग में कटौती अनिवार्य थी। एयरलाइन ने डीजीसीए को बताया है कि उसे उम्मीद है कि 10 फरवरी, 2026 तक ही नॉर्मल ऑपरेशन फिर से शुरू हो पाएंगे।
नागरिक उड्डयन मंत्री की सख्त चेतावनी
सिविल एविएशन मिनिस्टर किंजरापु राम मोहन नायडू ने इंडिगो मैनेजमेंट के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की और एयरलाइन के नए क्रू रोस्टरिंग नियमों को संभालने के तरीके पर कड़ी नाराजगी जताई। मंत्रालय की एक रिलीज के अनुसार, नायडू ने एयरलाइन से तुरंत ऑपरेशन नॉर्मल करने को कहा और बहुत ज्यादा किराया वसूलने के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने जोर दिया कि नई रेगुलेटरी जरूरतों को आसानी से अपनाने के लिए तैयारी का काफी समय था, लेकिन एयरलाइन ने लापरवाही बरती।
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डीजीसीए भी इस मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है और इंडिगो की ऑपरेशनल चुनौतियों का रिव्यू कर रहा है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात की वजह से हवाई किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए।
शेयर बाजार में गिरावट और ऑन-टाइम परफॉर्मेंस का बुरा हाल
लगातार इंडिगो फ्लाइट कैंसिल होने का असर कंपनी के शेयरों पर भी पड़ा है। 28 नवंबर को बंद होने पर ₹5,901.5/शेयर से गिरकर यह 5 दिसंबर को ₹5,265/शेयर पर आ गया है, जो 10% से ज्यादा की गिरावट है। वहीं, एयरलाइन की समय पर चलने की क्षमता (On-Time Performance – OTP) गुरुवार को गिरकर ऐतिहासिक रूप से कम 8.5% पर आ गई।
तुलना के लिए, गुरुवार को एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस का OTP क्रमशः 61% और 58.6% था, जबकि अकासा एयर का 63% था। शुक्रवार को भी बड़े ऑपरेशनल रुकावटों के कारण ये आंकड़े और खराब होने की उम्मीद है।
इंडिगो ने मांगी माफी, 10 फरवरी तक का मांगा समय
4 दिसंबर को इंडिगो ने एक बयान जारी कर उन सभी कस्टमर्स और इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स से माफी मांगी, जो बार-बार इंडिगो फ्लाइट कैंसिल होने से प्रभावित हुए हैं। एयरलाइन ने कहा, “इंडिगो की टीमें MOCA, DGCA, BCAS, AAI और एयरपोर्ट ऑपरेटर्स के सपोर्ट से पूरी मेहनत से काम कर रही हैं और इन देरी के असर को कम करने और नॉर्मल हालात बहाल करने की पूरी कोशिश कर रही हैं।”
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इंडिगो ने डीजीसीए को बताया है कि वह रुकावट को कम करने के लिए 8 दिसंबर, 2025 से फ्लाइट ऑपरेशन कम करना शुरू कर देगी और 10 फरवरी, 2026 तक पूरी तरह से स्थिर ऑपरेशन फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
संसद में गूंजा मुद्दा, विपक्ष ने सरकार को घेरा
क्रू की कमी के कारण इंडिगो की बड़े पैमाने पर इंडिगो फ्लाइट कैंसिल होने का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने राज्यसभा में नियम 180 के तहत नोटिस दिया और इसे “अर्जेंट पब्लिक इंपॉर्टेंस” का मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट पर नॉर्मल ऑपरेशन में रुकावट आई है और हजारों यात्री फंसे हुए हैं।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सरकार पर हमला बोला और इस संकट को केंद्र के “मोनोपॉली मॉडल” का नतीजा बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि इंडिगो की नाकामी इस सरकार के एकाधिकार मॉडल की कीमत है और एविएशन सेक्टर में सही कॉम्पिटिशन की मांग की।
यात्रियों के लिए सलाह और आगे का रास्ता
फिलहाल स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का लेटेस्ट स्टेटस जरूर चेक करें। इंडिगो ने कहा है कि वह अपने कस्टमर्स को लगातार अपडेट दे रहा है। अब जब यह मामला संसद में है और मंत्रालय सख्त है, तो उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही कोई समाधान निकलेगा। लेकिन तब तक, हजारों यात्रियों के लिए यह सफर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।
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