Loading Now

मोहम्मद शमी कहां हैं? हरभजन सिंह ने उठाए अजीत अगरकर पर सवाल

अजीत अगरकर पर सवाल

रायपुर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे में मिली करारी हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम की गेंदबाजी पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। भारत के 359 रनों के विशाल स्कोर का बचाव न कर पाने के कारण पूर्व दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि जब मोहम्मद शमी घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, तो उन्हें इंटरनेशनल मैचों के लिए नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है? हरभजन ने हैरानी जताई कि बुमराह और सिराज की गैरमौजूदगी में शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज की अनदेखी क्यों की गई।

हरभजन सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “शमी कहां हैं? मुझे नहीं पता कि शमी क्यों नहीं खेल रहे हैं। मैं समझता हूं, आपके पास प्रसिद्ध कृष्णा हैं, वह एक अच्छे गेंदबाज हैं, लेकिन उन्हें अभी भी बहुत कुछ सीखना है। आपके पास अच्छे गेंदबाज थे और आपने उन्हें धीरे-धीरे साइडलाइन कर दिया है।”

रायपुर वनडे में गेंदबाजी की खुली पोल

रायपुर में खेले गए दूसरे वनडे मैच में भारतीय गेंदबाजों की खूब धुनाई हुई। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 358 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था, लेकिन साउथ अफ्रीका ने चार गेंद शेष रहते ही लक्ष्य हासिल कर लिया। अर्शदीप सिंह को छोड़कर, जिन्होंने 10 ओवर में 54 रन देकर दो विकेट लिए, कोई भी अन्य गेंदबाज प्रभावित नहीं कर सका। प्रसिद्ध कृष्णा ने 8.2 ओवर में 85 रन लुटाए, जबकि हर्षित राणा ने 10 ओवर में 70 रन दिए।

इसे भी पढ़े :- रायपुर वनडे: कोहली और गायकवाड़ के शतक पर फिरा पानी, भारत की हार

मैच के दौरान ओस ने भी गेंदबाजों के लिए मुश्किलें बढ़ाईं, जिससे गेंद पर पकड़ बनाना कठिन हो गया। स्पिनर भी कोई प्रभाव नहीं छोड़ सके, जिसका फायदा साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजों ने बखूबी उठाया। यह वनडे इतिहास में भारत के खिलाफ सबसे बड़ा रन चेज था, जिसने भारतीय गेंदबाजी की अनुभवहीनता को उजागर कर दिया।

बुमराह के बिना जीतने की कला सीखनी होगी

हरभजन सिंह ने टीम इंडिया को सलाह देते हुए कहा, “बुमराह के साथ, यह पूरी तरह से एक अलग बॉलिंग अटैक है, और बुमराह के बिना, यह पूरी तरह से अलग है। हमें जसप्रीत बुमराह के बिना मैच जीतने की कला सीखनी होगी।” उन्होंने इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बुमराह के बिना भी सिराज ने शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन छोटे फॉर्मेट में हमें ऐसे गेंदबाजों की जरूरत है जो मैच जिता सकें, चाहे वह तेज गेंदबाजी हो या स्पिन।

हरभजन ने वरुण चक्रवर्ती को वनडे में भी मौका देने की वकालत की। उन्होंने कहा, “वरुण चक्रवर्ती को वनडे में भी लाओ, वह पहले से ही टी20 इंटरनेशनल में हैं, इसलिए उन्हें वनडे में भी आजमाओ।”

शमी का घरेलू प्रदर्शन और अगरकर का बयान

मोहम्मद शमी की स्थिति वाकई हैरान करने वाली है। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि शमी ने हाल ही में रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित की है। शमी ने चार रणजी मैचों में 20 विकेट लिए और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के पांच मैचों में नौ विकेट चटकाकर बंगाल को फाइनल तक पहुंचाया। इसके बावजूद उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया।

इसे भी पढ़े :- कोहली-रोहित के भविष्य पर सवाल नहीं: कोच ने कहा, फॉर्म का मज़ा लें।

इससे पहले जब शमी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज से बाहर किया गया था, तब अगरकर ने कहा था कि उन्हें शमी की फिटनेस के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। अगरकर ने कहा था, “मेरे पास कोई अपडेट नहीं है। वह दलीप ट्रॉफी में खेला है, लेकिन पिछले दो-तीन सालों में उसने ज्यादा मैच नहीं खेले हैं। हमें पता है कि वह क्या कर सकता है, लेकिन उसे रेगुलर क्रिकेट खेलने की जरूरत है।”

शमी का पलटवार: ‘सिलेक्शन मेरे हाथ में नहीं’

अजीत अगरकर के बयानों पर शमी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने साफ किया कि अगर कोई फिटनेस समस्या होती तो वह बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट नहीं खेल रहे होते। शमी ने कहा, “मैंने यह पहले भी कहा है… सिलेक्शन मेरे हाथ में नहीं है। अगर मैं चार दिन का मैच खेल सकता हूं, तो मैं 50 ओवर का क्रिकेट भी खेल सकता हूं। मेरा काम एनसीए जाना, तैयारी करना और मैच खेलना है। वो उनकी बात है, उनको कौन अपडेट देता है, किसने नहीं दिया। यह मेरी जिम्मेदारी नहीं है।”

शमी ने आखिरी बार मार्च में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाले भारत के लिए खेला था। उसके बाद से चोट के कारण वह बाहर थे, लेकिन अब पूरी तरह फिट होकर वापसी के लिए तैयार हैं।

चयन समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न

हरभजन सिंह ने सीधे तौर पर अजीत अगरकर पर सवाल उठाते हुए कहा कि चयन समिति को मौजूदा खिलाड़ियों से आगे देखना होगा और अगर वे नतीजे चाहते हैं तो शमी को वापस लाना होगा। उन्होंने कहा, “आपके पास अच्छे बॉलर थे, और आपने उन्हें धीरे-धीरे बाहर कर दिया।” यह बयान भारतीय क्रिकेट में चल रही ‘ट्रांजिशन’ प्रक्रिया और चयनकर्ताओं की सोच पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।

इसे भी पढ़े :- इंडिगो फ्लाइट कैंसिल: दिल्ली एयरपोर्ट पर आधी रात तक उड़ानें ठप !

क्रिकेट पंडितों का मानना है कि गौतम गंभीर की कोचिंग और अगरकर की चयन नीति के तहत वनडे टीम का प्रदर्शन असंगत रहा है। चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद से भारत ने केवल 5 वनडे खेले हैं और सिर्फ 2 में जीत दर्ज की है।

सीरीज का निर्णायक मुकाबला और आगे की राह

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच सीरीज अब 1-1 से बराबर है। विशाखापत्तनम में शनिवार को होने वाला तीसरा वनडे निर्णायक होगा। इसके बाद दोनों टीमें 9 दिसंबर से शुरू होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज में आमने-सामने होंगी। शमी को टी20 टीम से भी बाहर रखा गया है, जो एक बार फिर चयनकर्ताओं की मंशा और अजीत अगरकर पर सवाल खड़े करता है।

भारतीय टीम को अपनी गेंदबाजी रणनीति पर फिर से विचार करने की जरूरत है। क्या अनुभवहीन गेंदबाजों के भरोसे बड़े टूर्नामेंट जीते जा सकते हैं? या फिर शमी जैसे अनुभवी मैच विनर्स की वापसी अनिवार्य है? यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में चयनकर्ता हरभजन सिंह की सलाह पर कितना अमल करते हैं।

इसे भी पढ़े :- पीएम मोदी और पुतिन के बीच डिफेंस और ट्रेड डील पर अहम चर्चा

Spread the love

Post Comment

You May Have Missed