केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में पूर्व अग्निवीरों को 50% आरक्षण
केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले फैसले में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के ग्रुप C पदों पर पूर्व अग्निवीरों के आरक्षण को मौजूदा 10% से बढ़ाकर 50% करने का निर्णय लिया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने ‘द हिंदू’ को जानकारी दी कि यह निर्णय शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025 को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित कर दिया गया है।
फिलहाल यह बड़ा बदलाव विशेष रूप से सीमा सुरक्षा बल (BSF) के भर्ती नियमों में संशोधन के माध्यम से लागू किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह नई नीति सरकार के पिछले रुख से एक बड़ा और रणनीतिक बदलाव है, जिसका उद्देश्य सशस्त्र बलों से निकलने वाले युवाओं को एक स्थायी करियर विकल्प प्रदान करना है।
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BSF भर्ती नियमों में संशोधन और आरक्षण का नया गणित
गृह मंत्रालय द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, ‘बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, जनरल ड्यूटी कैडर (नॉन-गजेटेड) भर्ती नियम, 2015’ में संशोधन किया गया है। अब BSF में कांस्टेबल भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों का कोटा 10% से बढ़ाकर सीधा 50% कर दिया गया है। इस भर्ती प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा गया है।
पहले चरण में, भर्ती नोडल फोर्स द्वारा पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित 50% रिक्तियों के लिए आयोजित की जाएगी। इसके बाद, दूसरे चरण में स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) द्वारा शेष 47% रिक्तियों (जिसमें 10% पूर्व सैनिक शामिल हैं) के लिए भर्ती होगी। यदि पहले चरण में पूर्व अग्निवीरों की सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें दूसरे चरण की सामान्य श्रेणियों में समाहित कर दिया जाएगा।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल
पूर्व अग्निवीरों को अर्धसैनिक बलों में शामिल करने के लिए सरकार ने आयु सीमा और फिजिकल टेस्ट के कड़े मानदंडों में विशेष रियायतें दी हैं। नोटिफिकेशन के मुताबिक, पूर्व अग्निवीरों के पहले बैच के उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में 5 साल तक की छूट मिलेगी, जबकि बाद के बैचों के लिए यह छूट 3 वर्ष की होगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) से पूरी तरह छूट दी गई है। हालांकि, उन्हें अन्य नियमित उम्मीदवारों की तरह लिखित परीक्षा में शामिल होना होगा और उसे पास करना अनिवार्य होगा। कांस्टेबल पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कक्षा X निर्धारित की गई है।
आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में बड़ी राहत
एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में पूर्व अग्निवीरों के लिए यह 50% कोटा मौजूदा जाति-आधारित आरक्षण मैट्रिक्स को प्रभावित नहीं करेगा। वर्तमान में, CAPF भर्ती में अनुसूचित जाति (SC) के लिए 15%, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 7.5% और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27% आरक्षण लागू है, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय 50% की सीमा के भीतर है।
अधिकारी ने बताया कि पूर्व अग्निवीरों के लिए यह आरक्षण ‘क्षैतिज’ (Horizontal) होगा या ‘ऊर्ध्वाधर’ (Vertical), इस कार्यप्रणाली पर अभी विचार किया जा रहा है। चूँकि सशस्त्र बलों (सेना, नौसेना, वायु सेना) में कोई जातिगत आरक्षण नहीं होता, इसलिए वहां से आने वाले अग्निवीरों को सिविल पदों पर समायोजित करना एक तकनीकी प्रक्रिया है।
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केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल
अग्निपथ योजना की घोषणा 14 जून 2022 को की गई थी, जिसका लक्ष्य सेना की औसत आयु कम करना और एक तकनीकी रूप से कुशल युद्धक बल तैयार करना था। इस योजना की सक्षमता का प्रमाण ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान मिला। जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के साथ हुई झड़पों के दौरान लगभग 3,000 अग्निवीरों ने सेना के एयर डिफेंस (AD) शील्ड के अहम हथियारों और सिस्टम को संभाला था।
पाकिस्तान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बावजूद भारतीय सुरक्षा घेरा अभेद्य रहा। BSF और भारतीय सेना अंतरराष्ट्रीय सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर मिलकर काम करते हैं, और अग्निवीरों का यह अनुभव केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की परिचालन दक्षता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
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ऑल एक्स-पैरामिलिट्री एसोसिएशन का कड़ा विरोध
जहाँ सरकार इस कदम को क्रांतिकारी बता रही है, वहीं ‘ऑल एक्स-पैरामिलिट्री एसोसिएशन’ के गठबंधन ने इस 50% आरक्षण का विरोध शुरू कर दिया है। एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी रणबीर सिंह का कहना है कि इस पॉलिसी से ग्रामीण इलाकों के उन काबिल युवाओं को नुकसान होगा जो वर्षों से कांस्टेबल पदों की तैयारी कर रहे हैं।
उनके अनुसार, इससे सामान्य उम्मीदवारों के लिए रोजगार के अवसर कम हो जाएंगे। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि सेना और CAPF की ट्रेनिंग अलग-अलग होती है; जहाँ सेना युद्ध के लिए प्रशिक्षित होती है, वहीं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल को भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था संभालने की ट्रेनिंग दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अग्निवीरों को फिर से प्रशिक्षित किया जाएगा?
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में शामिल प्रमुख बल
पुलिस संगठनों पर डेटा 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2024 तक सभी CAPF में स्वीकृत 6.29 लाख पदों के मुकाबले 5.99 लाख कांस्टेबल कार्यरत हैं। वर्ष 2023 में कुल 56,202 कांस्टेबलों की भर्ती की गई थी। अग्निवीरों का पहला बैच 2026 में भर्ती के लिए पात्र होगा।
गृह मंत्रालय ने भारत सरकार (कार्य आवंटन) नियम, 1961 में संशोधन कर पूर्व अग्निवीरों की आगे की प्रगति के समन्वय का कार्य अपने हाथ में ले लिया है। BSF के अलावा अन्य बलों जैसे CRPF, CISF, SSB, ITBP और असम राइफल्स के भर्ती नियमों में भी आने वाले दिनों में धीरे-धीरे इसी तरह के संशोधन किए जाएंगे।
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गृह मंत्रालय का मास्टर प्लान और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
अग्निपथ योजना 2024 के आम चुनाव में एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा थी और देश के कई हिस्सों में इसका हिंसक विरोध भी हुआ था। विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए ही सरकार ने पहले 10% आरक्षण का वादा किया था, जिसे अब बढ़ाकर 50% कर दिया गया है।
नई नीति के तहत, 17.5 से 21 वर्ष की आयु में भर्ती होने वाले अग्निवीरों में से 25% को सेना में ही नियमित किया जाएगा, जबकि बाकी 75% को CAPF जैसे क्षेत्रों में समायोजित किया जाएगा।
BSF में ट्रेडमैन से कांस्टेबल पद पर समायोजन के लिए भी आयु सीमा 30 से बढ़ाकर 35 वर्ष कर दी गई है और सेवा अवधि को 3 से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया गया है। यह पूरी कवायद पूर्व अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।



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