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साजिश का पर्दाफाश: राजस्थान में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या

साजिश का पर्दाफाश

साजिश का पर्दाफाश राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसने मानवीय रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। यहां एक नई-नवेली पत्नी ने अपने सात साल पुराने प्यार को पाने के लिए अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी।

शुरुआती दौर में जिस मामले को एक दर्दनाक सड़क हादसा मानकर पुलिस जांच कर रही थी, हकीकत में वह एक सोची-समझी खूनी साजिश थी।

साजिश का पर्दाफाश तब हुआ जब पुलिस के हाथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट लगी, जिसने आरोपी पत्नी के झूठ के ताश के पत्तों के महल को पूरी तरह ढहा दिया। 31 जनवरी को सामने आई इस घटना ने न केवल पुलिस को चकरा दिया था, बल्कि स्थानीय इलाके में भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया था।

शाम की सैर बनी मौत का जाल: हिट-एंड-रन की झूठी कहानी

पीड़ित आशीष कुमार, जो पेशे से एक प्राइवेट स्कूल टीचर था और अपनी मौत से महज तीन दिन पहले ही नौकरी पर लगा था, उसे इस बात का रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि उसकी पत्नी अंजलि (उर्फ अर्जू) उसे शाम की सैर के बहाने मौत के मुंह में ले जा रही है।

शुक्रवार, 30 जनवरी की रात करीब 9 बजे, अंजलि आशीष को टहलने के लिए घर से बाहर ले गई। कुछ समय बाद आशीष 01KLM गांव के पास एक सुनसान सड़क पर मृत पाया गया।

अंजलि ने रोते हुए पुलिस और परिजनों को बताया कि एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उसके पति को पीछे से टक्कर मार दी और भाग गया। उसने यह भी दावा किया कि लुटेरों ने उसके गहने लूट लिए और उसे मारकर बेहोश कर दिया।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पोल: एक्सीडेंट नहीं हत्या थी

पुलिस ने शुरुआत में वजीरचंद (आशीष के चाचा) की शिकायत पर अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। रिपोर्ट में साफ हुआ कि आशीष के शरीर पर ऐसी कोई चोट नहीं थी जो किसी वाहन की टक्कर से मेल खाती हो।

इसके विपरीत, उसके सिर पर गहरे घाव थे और गला घोंटने के स्पष्ट संकेत मिले थे। श्रीगंगानगर की पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहान ने बताया कि यह कोई साधारण एक्सीडेंट नहीं बल्कि एक क्रूर हमला था। यहीं से पुलिस को अंजलि पर शक हुआ और गहन पूछताछ के बाद इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ।

सात साल का प्रेम प्रसंग और मजबूरी में हुई शादी

जांच में यह बात निकलकर सामने आई कि अंजलि पिछले सात सालों से संजय उर्फ संजू नाम के एक युवक के साथ प्रेम संबंध में थी। हालांकि, परिजनों के दबाव के कारण अक्टूबर 2025 में उसकी शादी आशीष से कर दी गई थी। अंजलि इस शादी से बिल्कुल भी खुश नहीं थी।

शादी के कुछ दिनों बाद ही वह अपने मायके लौट आई थी, जहां उसकी मुलाकात दोबारा संजय से हुई। दोनों ने मिलकर आशीष को रास्ते से हटाने का मन बना लिया ताकि वे साथ रह सकें।

अंजलि ने आशीष से रावला के अपने पुराने कॉलेज में पढ़ाई जारी रखने की अनुमति भी मांगी थी ताकि वह संजय के करीब रह सके, लेकिन आशीष के मना करने पर उसने हत्या की योजना को अंतिम रूप दे दिया।

16 दिन पहले रची गई थी मौत की स्क्रिप्ट

पुलिस की पूछताछ में अंजलि ने कबूला कि आशीष की हत्या से ठीक 16 दिन पहले ही उसने और संजय ने मिलकर मर्डर की प्लानिंग शुरू कर दी थी। उन्होंने बकायदा उस सुनसान जगह की रेकी की थी जहां वारदात को अंजाम दिया जाना था। 30 जनवरी की रात, घर से निकलने से पहले अंजलि ने संजय को अलर्ट कर दिया था।

संजय अपने दो साथियों, रोहित उर्फ रॉकी और बादल उर्फ सिद्धार्थ के साथ पहले से ही झाड़ियों में छिपा हुआ था। जैसे ही कपल सुनसान इलाके में पहुंचा, हत्यारों ने लाठियों और लोहे की रॉड से आशीष पर तब तक वार किए जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। अंत में संजय ने मफलर से आशीष का गला घोंटकर उसकी जान ले ली।

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लूटपाट का ड्रामा और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

जुर्म को अंजाम देने के बाद, इसे एक डकैती और हादसे का रूप देने के लिए अंजलि ने जानबूझकर अपने सोने के गहने, झुमके और आशीष का मोबाइल फोन संजय को सौंप दिए। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी रची कि बाइक सवार हमलावरों ने उसे भी मारकर बेहोश कर दिया था।

जब पुलिस ने अंजलि और संजय के फोन रिकॉर्ड्स खंगाले, तो तकनीकी सबूतों ने इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया। फोन कॉल डिटेल्स से पता चला कि अंजलि लगातार संजय के संपर्क में थी और घटना के वक्त भी उनकी लोकेशन वहीं पाई गई। अंजलि बार-बार अपने बयान बदल रही थी, जिसने जांचकर्ताओं के संदेह को यकीन में बदल दिया।

मेघालय के ‘हनीमून मर्डर’ जैसी ही है यह वारदात

यह मामला जून 2025 में हुए इंदौर की सोनम रघुवंशी और उसके पति राजा रघुवंशी के चर्चित ‘मेघालय हनीमून मर्डर’ की याद दिलाता है। उस मामले में भी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हनीमून के दौरान पति की हत्या करवाई थी और उसे दुर्घटना दिखाने की कोशिश की थी।

श्रीगंगानगर के इस मामले में भी अंजलि ने ठीक उसी तरह की साजिश रची थी। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहान ने कहा कि फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम और तकनीकी विश्लेषण की मदद से पुलिस इस खौफनाक हत्याकांड की तह तक पहुंच पाई।

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गिरफ्तारी और न्याय की प्रक्रिया

बुधवार को पुलिस ने चारों मुख्य आरोपियों—अंजलि, प्रेमी संजय, रोहित और सिद्धार्थ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह हत्या बहुत ही ठंडे दिमाग से और पेशेवर तरीके से प्लान की गई थी, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने अपराधी टिक नहीं सके।

इस साजिश का पर्दाफाश होने के बाद अब पुलिस और अधिक सबूत जुटा रही है ताकि कोर्ट में मजबूत चार्जशीट पेश की जा सके। एक प्राइवेट स्कूल टीचर की इस तरह हुई निर्मम हत्या ने पूरे राजस्थान को हिलाकर रख दिया है। अब देखना यह है कि कानून इन आरोपियों को क्या सजा देता है।

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