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“BMC अतिक्रमण हटाओ अभियान” : ठेले कुचलने पर बवाल

BMC अतिक्रमण हटाओ अभियान

“BMC अतिक्रमण हटाओ अभियान”  मुंबई महानगर और उससे सटे ठाणे-भिवंडी के इलाकों में इन दिनों सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए स्थानीय नगर निकायों ने एक आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भिवंडी के एक दर्दनाक वीडियो ने इस प्रशासनिक कार्रवाई के तरीकों पर गंभीर मानवीय सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने दक्षिण मुंबई के कामाठीपुरा और जेजे हॉस्पिटल के आस-पास के इलाकों में अब तक का सबसे बड़ा सफाई अभियान चलाकर सड़कों को दोबारा राहगीरों के हवाले कर दिया है।

प्रशासन का कहना है कि यह कदम पैदल चलने वालों की सुरक्षा और यातायात को सुचारू बनाने के लिए अनिवार्य है, लेकिन सड़कों पर बिखरी सब्जियां और रोजी-रोटी खोते गरीब दुकानदारों की तस्वीरें एक अलग ही कहानी बयां कर रही हैं।

भिवंडी में भारी हंगामा: जेसीबी कार्रवाई का वीडियो वायरल

इंस्टाग्राम हैंडल ‘chal_mumbai’ सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से घूम रहे एक वीडियो ने भिवंडी क्षेत्र में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान को विवादों में ला दिया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नगर पालिका के अधिकारियों की मौजूदगी में एक विशालकाय जेसीबी (JCB) मशीन सड़क किनारे लगी सब्जी की दुकानों और ठेलों को बेरहमी से कुचल रही है।

इस कार्रवाई के दौरान पूरी सड़क पर ताजी सब्जियां और फल बिखर गए। वीडियो की सबसे भावुक क्लिप में एक महिला सब्जी विक्रेता रोते-गिड़गिड़ाते हुए जेसीबी ऑपरेटर से मिन्नतें करती दिख रही है और अपने ठेले को बचाने के लिए उसे पीछे खींचने की कोशिश कर रही है।

हालांकि, प्रशासन की कार्रवाई बिना रुके जारी रही। इस तबाही को देखकर आस-पास के अन्य फेरीवाले आनन-फानन में अपना सामान समेटकर भागते नजर आए। इस घटना के बाद इंटरनेट पर नगर निगम की कार्यशैली को लेकर तीखी आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

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कमिश्नर अश्विनी भिड़े की दोटूक: जनसुविधा और नियमों से समझौता नहीं

इस बढ़ते विवाद और शहरव्यापी अभियान के बीच, मुंबई नगर निगम की कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने ‘दैनिक नवशक्ति’ को दिए एक विशेष इंटरव्यू में प्रशासनिक कार्रवाई का पुरजोर बचाव किया। कमिश्नर भिड़े ने पुष्टि की कि बीएमसी ने विशेष रूप से रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले मुख्य मार्गों के आस-पास अवैध रूप से पैर पसार चुके फेरीवालों को हटाने के लिए एक जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाई है।

अश्विनी भिड़े ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का एकमात्र उद्देश्य फुटपाथों को खाली कराना है ताकि मुंबई की बढ़ती आबादी और पैदल चलने वाले आम नागरिकों को हादसों से बचाया जा सके। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने मुंबई के पर्यावरण और विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि मुंबई में इस समय करीब 3,000 निर्माण परियोजनाएं (Construction Projects) चल रही हैं, और धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सेंसर मशीनों और रीयल-टाइम डैशबोर्ड के जरिए एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पर कड़ी नजर रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाली साइटों को तुरंत ‘काम रोकने’ (Stop Work) का नोटिस दिया जा रहा है।

कामाठीपुरा में बड़ी कार्रवाई: 70 अवैध हॉकर्स और कबाड़ बाजार साफ

भिवंडी के तनाव के बीच, दक्षिण मुंबई के ऐतिहासिक और व्यस्ततम कामाठीपुरा इलाके में बीएमसी ने एक सुव्यवस्थित और विशाल अभियान को अंजाम दिया।

डिप्टी कमिश्नर (डिवीजन-1) चंदा जाधव और असिस्टेंट कमिश्नर आनंद कंकाल के सीधे मार्गदर्शन में नगर निगम की भारी-भरकम टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में कामाठीपुरा की गली नंबर 1 से 15, शुक्लाजी स्ट्रीट, शंकर पुपाला मार्ग, सिद्धार्थ नगर और बाप्ती रोड पर धावा बोला।

इस संयुक्त अभियान में 15 विशेष रूप से प्रशिक्षित नगर पालिका कर्मचारियों, पांच बड़े डंपर ट्रकों और एक जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया। अधिकारियों ने सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठे लगभग 70 फेरीवालों और पुराने कबाड़ के व्यापारियों को बलपूर्वक हटा दिया। इस कार्रवाई से यह पूरा इलाका सालों बाद चौड़ा और साफ नजर आने लगा है।

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जेजे हॉस्पिटल जंक्शन और मौलाना शौकत अली रोड पर चला हथौड़ा

बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले दक्षिण मुंबई के मौलाना शौकत अली रोड, मुरली देवड़ा आई हॉस्पिटल और जेजे हॉस्पिटल जंक्शन के बीच भी ऐसा ही कड़ा अभियान चलाया गया था। यहाँ फुटपाथों पर पुराने फर्नीचर के डीलरों ने इस कदर कब्जा कर रखा था कि मरीजों और राहगीरों को मुख्य सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता था, जिससे रोज दुर्घटनाएं हो रही थीं।

बीएमसी की मेंटेनेंस और इंक्रोचमेंट टीमों ने भारी मलबे और अवैध रूप से सजाए गए पुराने फर्नीचरों को जब्त कर लिया और जेसीबी की मदद से अवैध शेड तोड़ दिए। दोबारा कब्जे को रोकने के लिए नगर निगम ने मलबे को तुरंत मौके से साफ कर दिया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा।

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संपादकीय दृष्टिकोण:

एक आधुनिक और सुरक्षित शहर के निर्माण के लिए सड़कों और फुटपाथों का अतिक्रमण मुक्त होना बेहद जरूरी है। मुंबई जैसे महानगर में जहाँ पैर रखने की जगह नहीं है, वहां रेलवे स्टेशनों और अस्पतालों के बाहर अवैध कब्जे जानलेवा साबित होते हैं।

लेकिन प्रशासन को यह नहीं भूलना चाहिए कि इन ठेलों के पीछे समाज के सबसे गरीब तबके की आजीविका छिपी होती है। कानून का पालन कराने के प्रशासनिक उत्साह में भिवंडी जैसी अमानवीय तस्वीरें जब सामने आती हैं, तो वह राज्य के कल्याणकारी स्वरूप पर सवालिया निशान लगाती हैं। समाधान केवल जेसीबी चलाने में नहीं, बल्कि इन फेरीवालों के लिए उचित ‘हॉकिंग जोन’ बनाकर उन्हें व्यवस्थित करने में है। BMC अतिक्रमण हटाओ अभियान: एक्शन में प्रशासन, BMC अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज

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