राहुल गांधी 7 एलकेएम प्रदर्शन पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ देशभर में आक्रोश;
राहुल गांधी 7 एलकेएम प्रदर्शन नीट (NEET-UG 2026) परीक्षा धांधली, कथित पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में सोमवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस की गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है। मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को इस पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में कर्नाटक के मैसूरु में विभिन्न छात्र व युवा संगठनों ने सड़कों पर उतरकर प्रचंड प्रदर्शन किया।
वहीं, राजधानी दिल्ली में राजनीतिक ड्रामा उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) के बाहर अचानक धरना शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
मैसूरु के रामास्वामी सर्कल पर प्रदर्शन; ‘एनटीए’ को भंग करने की मांग
कर्नाटक के मैसूरु शहर स्थित ऐतिहासिक रामास्वामी सर्कल पर मंगलवार को ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO), ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गनाइजेशन (AIDYO) और ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन (AIMSS) के बैनर तले सैकड़ों छात्र और नागरिक एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे छात्रों पर हुए “बर्बर” लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में भर्त्सना की।
AIDSO की जिला अध्यक्ष चंद्रकला और AIDYO के जिला अध्यक्ष सुनील ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा:
“शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना देश के प्रत्येक नागरिक का मौलिक और संवैधानिक अधिकार है। महीनों पहले घोषित किए गए मार्च को अंतिम समय पर रोकना और छात्रों पर लाठियां व आंसू गैस के गोले बरसाना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।
केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पारदर्शी परीक्षा कराने में पूरी तरह विफल रहे हैं। एनटीए को तुरंत भंग किया जाए और शिक्षा मंत्री जिम्मेदारी लेते हुए अपना पद छोड़ें।”
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RML अस्पताल में तड़प रहे घायल छात्र; ICU में जिंदगी की जंग लड़ रही 22 साल की साक्षी
जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर सोमवार को मची भगदड़ और पुलिस एक्शन का भयावह रूप मंगलवार को दिल्ली के अस्पतालों में देखने को मिला। राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल और लेडी हार्डिंग अस्पताल में दर्जनों गंभीर रूप से घायल छात्र जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।
ICU में जिंदगी और मौत से जंग: नांगलोई की रहने वाली 22 वर्षीय NEET एस्पिरेंट साक्षी आंसू गैस छोड़े जाने के बाद मची भगदड़ में गंभीर रूप से घायल हो गई। उसकी गर्दन पर गहरी चोटें आई हैं और इस समय वह RML अस्पताल के ICU में भर्ती है, जहां उसकी आपातकालीन सर्जरी की तैयारी चल रही है।
चेहरे पर लगे छर्रे: जबलपुर से दिल्ली आए 25 वर्षीय शेख इरशाद मंसूरी लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती हैं। आंसू गैस के गोले और छर्रे (Pelets) लगने से उनकी आंख, गर्दन और छाती पर गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार छर्रों को निकालने के लिए उनकी जटिल सर्जरी करनी होगी।
सिर में आए 7 टांके: नांगलोई के केशव झा (19) को अपने दोस्त अंशु मिश्रा को बचाते समय पुलिस लाठीचार्ज में सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके बाद डॉक्टरों को उनके सिर पर 7 टांके लगाने पड़े।
अस्पताल पहुंचे जे.पी. नड्डा; CJP ने बताया ‘फोटो-ऑप’, राहुल-प्रियंका ने लिया घायलों का हाल
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा मंगलवार को घायलों का हालचाल जानने RML और लेडी हार्डिंग अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों की टीम से मुलाकात कर घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए।
हालांकि, CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने इस दौरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “स्वास्थ्य मंत्री का यह दौरा महज एक ‘फोटो-ऑप’ (दिखावा) है। अगर सरकार सच में संवेदनशील है तो वह फोटो खिंचवाने के बजाय धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त करे।”
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और के.सी. वेणुगोपाल ने RML अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों व उनके परिजनों से मुलाकात की।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस बर्बरता के लिए देश के युवाओं से माफी मांगने की मांग की। बाद में, जब राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री आवास (7, LKM) की ओर रुख कर विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया, तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
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अस्पताल से सोनम वांगचुक का संदेश; मेट्रो स्टेशन दोबारा खुले
सफदरजंग अस्पताल में 24वें दिन भी कड़ी निगरानी के बीच अनशन पर बैठे प्रख्यात कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर जंतर-मंतर पर छात्रों के बीच जाने की अनुमति मांगी।
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार संसद के पटल पर नीट परीक्षा और शिक्षा सुधारों की जिम्मेदारी नहीं लेती, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन उपवास जारी रहेगा।
इस बीच, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने राहत की खबर देते हुए जानकारी दी कि राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (केंद्रीय सचिवालय), जनपथ और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों के बंद किए गए एंट्री/एग्जिट गेट और इंटरचेंज सुविधाएं सामान्य आवाजाही के लिए दोबारा खोल दी गई हैं।
CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने कहा कि यद्यपि वे छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए दोबारा संसद मार्च नहीं करेंगे, लेकिन जंतर-मंतर और केरल हाउस के सामने धरना तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं दे देते।
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संपादकीय दृष्टिकोण:
दिल्ली में नीट अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के निशान केवल छात्रों के शरीरों पर नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लगे हैं। अपनी जायज मांगों और करियर के भविष्य को लेकर आवाज उठा रहे युवाओं के साथ ऐसा बर्ताव किसी भी कल्याणकारी राज्य की पहचान नहीं हो सकता।
मैसूरु से लेकर दिल्ली तक फैला यह जनाक्रोश यह साबित करता है कि मामला अब केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। केंद्र सरकार को संवादहीनता की नीति छोड़कर तुरंत घायल छात्रों के परिजनों को आश्वस्त करना चाहिए, उनकी चिकित्सा का पूरा खर्च उठाना चाहिए और परीक्षा सुधारों पर बिना किसी देरी के पारदर्शी कदम उठाने चाहिए। राहुल गांधी 7 एलकेएम प्रदर्शन: सुरक्षा में हलचल, पीएम आवास के बाहर तेज हुआ राहुल गांधी 7 एलकेएम प्रदर्शन
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