“नई irctc बीटा वेबसाइट” तत्काल टिकटों के लिए 5 गुना बढ़ी स्पीड,
नई irctc बीटा वेबसाइट भारतीय रेल से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय ने देश की सबसे व्यस्त टिकट बुकिंग प्रणाली ‘इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन’ (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट का पूरी तरह से नया, आधुनिक और री-डिजाइन किया गया ‘बीटा’ वर्शन (Beta Version) आधिकारिक तौर पर लाइव कर दिया है।
यह ऐतिहासिक तकनीकी अपग्रेड सीधे भारत के रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देशों के बाद अमल में लाया गया है। दरअसल, देश भर के छात्रों और दैनिक यात्रियों ने रेल मंत्री से पुरानी वेबसाइट में आने वाले तकनीकी बग्स (Bugs), धीमे सर्वर और तत्काल बुकिंग के दौरान पेमेंट अटकने की गंभीर शिकायतें की थीं।
रेल मंत्री ने इन दिक्कतों का संज्ञान लेते हुए विभाग को 15 जुलाई तक एक त्रुटिहीन (Error-Free) पोर्टल तैयार करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया था। निर्देशों का पालन करते हुए आईआरसीटीसी ने तय समय सीमा पर, यानी 15 जुलाई 2026 को रात ठीक 9:00 बजे अपनी नई क्रांतिकारी वेबसाइट को जनता के लिए लाइव कर दिया।
पुरानी वेबसाइट का वो दर्द: पीक आवर्स में क्रैश होने का झंझट खत्म
जो लोग नियमित रूप से भारतीय ट्रेनों में सफर करते हैं और विशेष रूप से सुबह 10:00 और 11:00 बजे ‘तत्काल टिकट’ बुक करने की जद्दोजहद से गुजरते हैं, वे पुरानी वेबसाइट के धीमेपन से भली-भांति परिचित हैं।
पीक बुकिंग आवर्स के दौरान जब देश भर के लाखों यूज़र्स एक ही सेकंड में लॉगिन करने का प्रयास करते थे, तो पुराना सिस्टम उस भारी लोड को झेल नहीं पाता था। परिणामस्वरूप, पेज फ्रीज हो जाते थे, पैसे बैंक खाते से कट जाते थे लेकिन टिकट बुक नहीं हो पाता था और चंद सेकंडों में सीटें गायब हो जाती थीं।
पुरानी वेबसाइट की क्षमता महज 32,000 टिकट प्रति मिनट बुक करने की थी, जो
जैसे विशाल देश की मांग के आगे बेहद कम थी। इसके अलावा, इंटरफ़ेस इतना उलझा हुआ था कि सीट की उपलब्धता देखने के लिए स्लीपर, थर्ड एसी और सेकंड एसी के बीच बार-बार स्विच करना पड़ता था, जिससे यात्रियों का कीमती समय बर्बाद हो जाता था।
इसे भी पढ़े : सोनम वांगचुक अनशन विवाद भूख हड़ताल के 21वें दिन बड़ा बवाल;
नई IRCTC वेबसाइट: ये 4 बड़े सुधार जो बदल देंगे आपका अनुभव
नई डिज़ाइन की गई वेबसाइट (https://www.irctc.co.in/eticket/) को पूरी तरह से यूज़र-फ्रेंडली और ‘क्लीन लेआउट’ पर तैयार किया गया है। इसमें चार मुख्य सुधार किए गए हैं, जो यात्रियों की सबसे आम परेशानियों को जड़ से खत्म करते हैं:
फालतू कैप्चा (CAPTCHA) और पॉप-अप विज्ञापनों से मुक्ति: अब बुकिंग के बीच में ध्यान भटकाने वाले चमकीले ग्राफ़िक्स, बैनर विज्ञापन या अचानक आने वाले अनचाहे कैप्चा वेरिफिकेशन को पूरी तरह हटा दिया गया है। तत्काल टिकट बुकिंग में जहां एक-एक सेकंड कीमती होता है, वहां यह रुकावट-मुक्त इंटरफ़ेस गेम-चेंजर साबित होगा।
‘ऑल-क्लास’ सीट उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर: अब यात्रियों को स्लीपर या विभिन्न एसी क्लास की सीटें देखने के लिए अलग-अलग टैब पर क्लिक नहीं करना पड़ेगा। नई वेबसाइट एक ही मुख्य स्क्रीन पर उस ट्रेन की सभी श्रेणियों (Sleeper, 3A, 2A, 1A) में खाली सीटों की संख्या एक साथ प्रदर्शित करती है।
फास्ट चेकआउट और सेव्ड पैसेंजर डेटा: नए पोर्टल में बुकिंग स्टेप्स को काफी छोटा कर दिया गया है। अक्सर यात्रा करने वाले यात्री अपने और अपने परिवार के नाम, उम्र और पहचान पत्र की जानकारी को स्थायी रूप से सेव कर सकते हैं। दोबारा बुकिंग करते समय यह जानकारी खुद-ब-खुद आ जाएगी, जिससे टाइपिंग का समय बचेगा।
क्षमता में 5 गुना से अधिक की भारी वृद्धि; अब नहीं अटकेगा भुगतान
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, नया प्लेटफॉर्म पुराने सिस्टम की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक शक्तिशाली है। पुराना सिस्टम जहां एक मिनट में केवल 32,000 टिकट प्रोसेस कर पाता था, वहीं यह नया आधुनिक प्लेटफॉर्म अब प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग को बेहद आसानी से संभाल सकता है।
सिर्फ यही नहीं, भारतीय रेलवे अपने मुख्य ‘पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम’ (PRS) के बैकएंड इंजन को भी बड़े पैमाने पर अपग्रेड कर रहा है। इसके पूर्ण रूप से सक्रिय होने के बाद, यह प्रणाली प्रति मिनट 40 लाख से अधिक की ‘पूछताछ’ (Inquiries) को संभालने में सक्षम हो जाएगी, जो वर्तमान क्षमता (4 लाख प्रति मिनट) से दस गुना अधिक है।
इसका सीधा अर्थ यह है कि अब तत्काल टिकटों की होड़ के दौरान ट्रांजैक्शन फेल होने या सर्वर टाइम-आउट होने की घटनाएं न के बराबर होंगी।
इसे भी पढ़े : राम मंदिर चंदा चोरी विवाद कांग्रेस ने पीएम मोदी से मांगी संसद में सफाई,
क्या बदल गई है टिकट बुक करने की प्रक्रिया?
रेलवे के अनुसार, टिकट बुक करने के मूल तार्किक चरण (Steps) वही हैं ताकि आम यूज़र्स को कोई परेशानी न हो, लेकिन पूरे फ्लो को बेहद सुगम बना दिया गया है। यूज़र को बस लॉगिन करके अपना बोर्डिंग स्टेशन, गंतव्य, तारीख और कोटा चुनना होगा।
ट्रेनों की सूची आते ही समय सारणी के साथ सीट की उपलब्धता तुरंत दिख जाएगी। इसके बाद बिना किसी विज्ञापन या अचानक आने वाले व्यवधान के सीधे सुरक्षित पेमेंट गेटवे के जरिए टिकट बुक हो जाएगा।
इसे भी पढ़े : पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा मे बड़ाडांडा पर भगदड़ से दो की मौत, 100 घायल
संपादकीय दृष्टिकोण:
डिजिटल इंडिया के इस दौर में आईआरसीटीसी का यह मेकओवर (Makeover) केवल एक वेबसाइट का बदलाव नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों रेल यात्रियों के ‘इज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) से जुड़ा एक बेहद सराहनीय और आवश्यक कदम है।
सरकारी पोर्टल्स पर अक्सर यह आरोप लगता रहा है कि वे आधुनिक तकनीक के मामले में निजी ऐप्स से पीछे रह जाते हैं, लेकिन आईआरसीटीसी के इस नए अवतार ने साबित किया है कि सही प्रशासनिक इच्छाशक्ति हो तो विश्व स्तरीय डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर सरकारी स्तर पर भी खड़ा किया जा सकता है।
अब जिम्मेदारी आम जनता की है कि वे इस बीटा वर्शन का उपयोग करें और अपने बहुमूल्य सुझाव रेलवे को दें, ताकि अंतिम वर्शन को पूरी तरह से दोषमुक्त और सर्वश्रेठ बनाया जा सके। नई irctc बीटा वेबसाइट: टिकट बुकिंग होगी और भी आसान, लाइव हुई नई irctc बीटा वेबसाइट
इसे भी पढ़े : सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 18वां दिन: जंतर-मंतर पर बढ़ी हलचल



Post Comment