डियाजियो यूनाइटेड स्पिरिट्स पहुंची बॉम्बे हाईकोर्ट: मैकडॉवेल्स रम बैन ,
दुनिया की सबसे बड़ी शराब कंपनियों में से एक ‘डियाजियो’ (Diageo) की भारतीय इकाई ‘यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड’ (USL) और देश के खाद्य सुरक्षा नियामक ‘FSSAI’ (Food Safety and Standards Authority of India) के बीच कानूनी और नियामकीय टकराव गहरा गया है।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा कंपनी के सबसे लोकप्रिय ब्रांडों में से एक ‘मैकडॉवेल्स नंबर 1 सेलिब्रेशन मैच्योर्ड XXX रम’ (McDowell’s No. 1 Celebration Matured XXX Rum) की बिक्री और वितरण पर रोक लगाए जाने के बाद यूनाइटेड स्पिरिट्स ने इस आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय नियामक गलत लेबलिंग, आर्टिफिशियल फ्लेवरिंग के अनुचित इस्तेमाल और भ्रामक दावों को लेकर देश के 40 अरब डॉलर (लगभग 3.3 लाख करोड़ रुपये) के शराब उद्योग पर कड़े कदम उठा रहा है।
कोर्ट में डियाजियो का तर्क: ‘बिना कानूनी प्रक्रिया के की गई जल्दबाजी भरी कार्रवाई’
सोमवार (10 अगस्त 2026) को बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान डियाजियो ने तर्क दिया कि महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी अधिकारियों द्वारा रम की बिक्री रोकने का आदेश कानून के दायरे से बाहर जाकर जारी किया गया था।
अधिकार क्षेत्र पर सवाल: कंपनी का दावा है कि जिस फूड सेफ्टी ऑफिसर ने प्रतिबंध लगाया, उसके पास ऐसा करने का कानूनी अधिकार नहीं था और उसने बिना निष्पक्ष जांच के केवल फूड एनालिस्ट की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर दंडात्मक कदम उठा लिया।
FSSAI के विरोधाभासी कदम: डियाजियो ने 1 अगस्त 2026 को दाखिल अपनी याचिका में कहा कि एक तरफ FSSAI खुद फ्लेवर और लेबलिंग से जुड़े दिशानिर्देशों पर शराब उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श (Consultation) कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ उसके उत्पादों पर रोक जारी रखी गई। कंपनी ने इसे “जल्दबाजी भरा, अत्यधिक सख्त और व्यावसायिक रूप से नुकसानदेह” करार दिया।
बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख: अदालत ने यूनाइटेड स्पिरिट्स को तत्काल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए केंद्र सरकार को 19 अगस्त 2026 तक इस याचिका पर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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विवाद की जड़: आर्टिफिशियल फ्लेवरिंग और FSSAI के कड़े मानक
नियामक और कंपनी के बीच विवाद की मुख्य वजह बोतलों पर लिखे शब्द और घटकों की व्याख्या (Interpretation of Ingredients) है।
रम फ्लेवर की परिभाषा: डियाजियो की मैकडॉवेल्स रम के लेबल पर ‘आर्टिफिशियल फ्लेवर (रम)‘ का उल्लेख है। FSSAI का कहना है कि प्रामाणिक रम का स्वाद और सुगंध प्राकृतिक सामग्रियों, फर्मेंटेशन और मैच्योरेशन तकनीकों से आनी चाहिए, न कि कृत्रिम रसायनों से।
मध्य प्रदेश में भी बैन: FSSAI ने मध्य प्रदेश में बनी डियाजियो की ‘रॉयल चैलेंज’ और ‘एंटीक्विटी ब्लू’ व्हिस्की के साथ-साथ इनब्रू (Inbrew) कंपनी की ‘बैगपाइपर डीलक्स’ व्हिस्की और ‘ओल्ड कास्क डीलक्स XXX रम’ पर भी रोक लगा दी है।
‘अमेरिकन ओक कास्क में मैच्योर’: FSSAI ने पकड़ा भ्रामक दावा
20 जुलाई 2026 के एक गोपनीय कारण बताओ नोटिस में FSSAI ने डियाजियो के सबसे ज्यादा बिकने वाले ब्रांड ‘रॉयल चैलेंज’ के विज्ञापनों और लेबल पर गंभीर सवाल उठाए थे।
क्या है गड़बड़ी?: रॉयल चैलेंज व्हिस्की के सामने वाले लेबल पर दावा किया गया है कि यह “स्कॉच का बेहतरीन मिश्रण है जिसे अमेरिकन ओक कास्क (लकड़ी के पीपे) में मैच्योर किया गया है”)।
सामग्रियों का सच: FSSAI की जांच में पाया गया कि इस व्हिस्की में मुख्य घटक पानी के बाद ‘ग्रेन न्यूट्रल स्पिरिट‘ (Unmatured Grain Neutral Spirit) है, जो बिना पकाई या बिना मैच्योर की गई स्पिरिट होती है।
नियामक की चेतावनी: FSSAI ने स्पष्ट किया कि यदि पूरे मिश्रण को कास्क में मैच्योर नहीं किया गया है, तो ऐसा दावा उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला है। नियम के मुताबिक, किसी भी ब्लेंड की उम्र उसमें मिलाई गई सबसे कम उम्र की स्पिरिट के आधार पर तय होनी चाहिए। इसके अलावा, लेबल पर ‘स्कॉच’ शब्द का अस्पष्ट प्रयोग भी नियमों के खिलाफ माना गया।
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प्लास्टिक रीसाइक्लिंग उल्लंघन में 18,000 बॉक्स जब्त
डियाजियो के लिए भारत में मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हो रही हैं। लेबलिंग और फ्लेवर विवाद के बीच, भारतीय निरीक्षकों ने हाल ही में डियाजियो की शराब की बोतलों के लगभग 18,000 बॉक्स जब्त कर लिए हैं। आरोप है कि जिन प्लास्टिक पैकेजिंग/कंटेनरों का इस्तेमाल किया गया था, उन पर सुरक्षित रीसायकल प्लास्टिक होने के अनिवार्य वैधानिक निशान (Recyclable Plastic Marks) मौजूद नहीं थे।
कंपनी का रुख और वित्तीय असर
डियाजियो, जिसने भारत को इस दशक का सबसे तेजी से बढ़ता उपभोक्ता बाजार माना है, ने स्पष्ट किया है कि वह सर्वोच्च गुणवत्ता और सभी स्थानीय कानूनों के अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी लेबलिंग से जुड़े सवालों के समाधान के लिए अधिकारियों के साथ लगातार संवाद कर रही है।
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में यूनाइटेड स्पिरिट्स ने कहा कि इस तात्कालिक प्रतिबंध से उसे किसी बड़े वित्तीय नुकसान की उम्मीद नहीं है, लेकिन वह कानूनी और प्रशासनिक घटनाक्रमों पर करीब से नजर बनाए हुए है।
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संपादकीय दृष्टिकोण:
भारत जैसे विशाल उपभोक्ता बाजार में खाद्य और पेय पदार्थों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और पारदर्शी लेबलिंग सुनिश्चित करना सुरक्षा की दृष्टि से सर्वोपरि है। डियाजियो और FSSAI के बीच चल रहा यह विवाद भारतीय कॉरपोरेट इतिहास में लेबलिंग मानकों को लेकर एक नया मानदंड स्थापित कर सकता है।
उद्योग जगत के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि विपणन दावों (Marketing Claims) और वास्तविक सामग्रियों (Actual Ingredients) के बीच की दूरी अब नियामकों की नजरों से बच नहीं सकती। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और वित्तीय नतीजों के बीच चर्चा में डियाजियो यूनाइटेड स्पिरिट्स नए बिजनेस प्लान और राजस्व में बढ़ोतरी के बाद जानें डियाजियो यूनाइटेड स्पिरिट्स की पूरी इनसाइड स्टोरी
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