तेलंगाना वोटर लिस्ट नाम 73.5 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम हटाने की तैयारी,
तेलंगाना वोटर लिस्ट नाम तेलंगाना में मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) का पहला और सबसे महत्वपूर्ण एन्यूमरेशन (जानकारी जुटाने व गणना करने का) चरण 10 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि को आधिकारिक रूप से पूरा हो गया है।
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) कार्यालय द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कुल 3,38,26,448 पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 78.3 प्रतिशत (2,64,86,214 मतदाताओं) ने अपने एन्यूमरेशन फॉर्म (EF) भौतिक (Physically) या डिजिटल माध्यम से जमा कर दिए हैं।
हालांकि, 73.5 लाख से अधिक (लगभग 21.7%) मतदाता ऐसे पाए गए हैं जो ‘अनकलेक्टेबल’ (Uncollectable) या एएसडी (Absent, Shifted, Dead) श्रेणी में दर्ज हुए हैं। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत 17 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से इन सभी प्रविष्टियों को हटा दिया जाएगा।
73.5 लाख प्रविष्टियों के हटने का गणित: कौन-कौन हैं बाहर?
निर्वाचन आयोग द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, जिन 73.39 लाख से अधिक मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त नहीं हो सके हैं, उन्हें मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
स्थायी रूप से स्थानांतरित (Shifted): लगभग 45.18 लाख मतदाता ऐसे हैं जो अपने दिए गए पते से स्थायी रूप से किसी अन्य स्थान, जिले या राज्य में चले गए हैं।
मृत मतदाता (Dead): राज्य भर में सत्यापन के दौरान 9.22 लाख से अधिक मतदाताओं की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जिनके नाम सूची से विलोपित किए जा रहे हैं।
अनुपस्थित व लापता (Absent/Untraceable): लगभग 11.25 लाख मतदाता अपने पंजीकृत पते पर अनुपस्थित या पूरी तरह से अप्राप्य पाए गए।
अन्य कारण: इसके अलावा, लगभग 7.37 लाख मतदाता ऐसे पाए गए जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत थे या जिन्होंने पूर्व में ही दोबारा पंजीकरण करा लिया था।
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शहरी जिलों का निराशाजनक प्रदर्शन: हैदराबाद, मेडचल और रंगारेड्डी पिछड़े
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह बात सामने आई है कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी और महानगरीय इलाकों में फॉर्म जमा करने और डिजिटाइजेशन की रफ्तार बेहद सुस्त रही।
हैदराबाद सबसे नीचे: राज्य की राजधानी हैदराबाद में फॉर्म जमा करने और डिजिटाइजेशन का स्तर सबसे कम दर्ज किया गया। हैदराबाद के कुल 47.36 लाख मतदाताओं में से केवल 58.58% (लगभग 27.89 लाख) के फॉर्म ही प्राप्त और डिजिटाइज हो सके। अकेले हैदराबाद से लगभग 19.47 लाख नाम हटने की संभावना है।
रंगारेड्डी और मेडचल-मलकजगिरी: रंगारेड्डी जिले में डिजिटाइजेशन दर 64.91% (12.98 लाख फॉर्म लंबित) रही, जबकि मेडचल-मलकजगिरी में यह आंकड़ा 63.82% (10.78 लाख फॉर्म लंबित) दर्ज किया गया।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, आईटी कॉरिडोर और शहरी क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही और घर पर अनुपलब्धता इस कम प्रतिशत का मुख्य कारण बनी।
आगे का चुनावी शेड्यूल: दावे, आपत्तियां और अंतिम प्रकाशन
मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय ने ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद की संपूर्ण समय-सीमा जारी कर दी है:
17 अगस्त 2026: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (मतदाता सूची के मसौदे) का आधिकारिक प्रकाशन।
17 अगस्त से 16 सितंबर 2026: दावे और आपत्तियां (Claims and Objections) दर्ज कराने की समय-सीमा।
17 अगस्त से 15 अक्टूबर 2026: नोटिस अवधि के साथ दावों और आपत्तियों का चरणबद्ध निपटारा।
19 अक्टूबर 2026: अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) का पूरे राज्य में अंतिम प्रकाशन।
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छूटे हुए मतदाताओं के लिए क्या है विकल्प?
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन योग्य नागरिकों के नाम 17 अगस्त की ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं होंगे, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है।
फॉर्म 6 के जरिए नया आवेदन: जिन नागरिकों का नाम अनजाने में या पते में बदलाव के कारण हट गया है, वे फॉर्म 6 (Form 6) भरकर नए सिरे से मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
अंतिम मौका: 16 सितंबर तक मिलने वाले आवेदनों का सत्यापन बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा किया जाएगा, ताकि 19 अक्टूबर को आने वाली अंतिम सूची में उनका नाम शामिल हो सके।
हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल: नागरिक अपने नाम की स्थिति जांचने के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in या राज्य के वेब पोर्टल ceotelangana.nic.in पर जा सकते हैं अथवा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।
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संपादकीय दृष्टिकोण:
लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में मतदाता सूची का शुद्धिकरण (Purification of Electoral Rolls) एक निरंतर और अत्यंत आवश्यक प्रक्रिया है। फर्जी प्रविष्टियों, दोहरे पंजीकरण और मृत व्यक्तियों के नाम हटाना निष्पक्ष चुनाव की पहली शर्त है।
हालांकि, हैदराबाद जैसे बड़े महानगर में 40% से अधिक मतदाताओं का प्रक्रिया से बाहर रह जाना यह दर्शाता है कि शहरी उदासीनता (Urban Apathy) और प्रवासी आबादी के लिए मतदाता पंजीकरण की प्रक्रियाओं को और अधिक सरल व तकनीक-संचालित बनाने की आवश्यकता है। आगामी चुनावों से पहले चुनाव आयोग के पोर्टल पर चेक करें तेलंगाना वोटर लिस्ट नाम
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