“शहज़ाद पूनावाला बीजेपी इस्तीफा” स्वीकार करने का फिर किया आग्रह,
शहज़ाद पूनावाला बीजेपी इस्तीफा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में से एक और राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने एक बार फिर पार्टी नेतृत्व से अपना इस्तीफा तुरंत स्वीकार करने का आग्रह किया है।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन को लिखे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा किए गए दूसरे पत्र में पूनावाला ने स्पष्ट किया कि वे संगठन की प्राथमिक सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से हटने के अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग हैं।
इससे पहले 30 जुलाई को पूनावाला द्वारा दिए गए पहले इस्तीफे को बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने ठुकरा दिया था और उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की सलाह दी थी।
फैसले पर कायम रहने की वजह: ‘निजी हालात और कुछ लोगों का रवैया’
पूनावाला ने पत्र में जानकारी दी कि लंबे और गहन चिंतन के बाद ही वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं।
प्राइवेट सेक्टर का रुख: उन्होंने पार्टी छोड़ने का मुख्य कारण “अत्यंत आवश्यक वित्तीय और निजी परिस्थितियां” बताई हैं। वे अब कॉरपोरेट या प्राइवेट सेक्टर में करियर शुरू करने जा रहे हैं।
संगठनात्मक घटनाएं: पूनावाला ने इशारों-इशारों में पार्टी के कुछ आंतरिक घटनाक्रमों की ओर भी संकेत दिया। उन्होंने लिखा, “पिछले कुछ दिनों में घटी कुछ घटनाओं—जो कुछ खास लोगों की वजह से हुईं और जिनके बारे में मैंने नेतृत्व को विस्तार से बताया है—ने मुझे अपने पहले फैसले पर कायम रहने के लिए मजबूर किया।”
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पीएम मोदी और बीजेपी नेतृत्व के प्रति जताया आभार
इस्तीफे की मांग दोहराने के बावजूद 38 वर्षीय पूनावाला ने साफ किया कि उनका यह कदम किसी नाराजगी या वैचारिक असहमति से प्रेरित नहीं है।
शहज़ाद पूनावाला का बयान:
“मैं सिर्फ व्यवस्था छोड़ रहा हूं, व्यक्ति या विचार नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का समर्थन मैं जहां भी रहूंगा, करता रहूंगा। मेरे जैसे एक युवा, पसमांदा मुस्लिम और गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को जो अवसर बीजेपी ने दिए, वह किसी और पार्टी में संभव नहीं थे।”
उन्होंने पत्र में पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महासचिव बी.एल. संतोष के प्रति गहरा सम्मान और आभार व्यक्त किया।
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कांग्रेस से बीजेपी प्रवक्ता तक का सफर
वकील से राजनेता बने शहज़ाद पूनावाला ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। 2017 में राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बाद वे चर्चा में आए और बाद में कांग्रेस छोड़ दी।
2021 में बीजेपी में एंट्री: वे 2021 के आखिर में बीजेपी में शामिल हुए और जल्द ही पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए गए।
सोशल मीडिया व डिबेट्स: पूनावाला को दिल्ली बीजेपी के आईटी एवं सोशल मीडिया विभाग की भी कमान सौंपी गई थी। वे टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर बीजेपी का पक्ष मजबूती से रखने वाले प्रमुख प्रवक्ताओं में गिने जाते थे।
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सोशल मीडिया बायो से भी हटाया ‘BJP’
हाल ही में पूनावाला ने अपने ‘X’ (ट्विटर) बायो से बीजेपी का उल्लेख हटा दिया था। उनके नए बायो में खुद को लेखक, संस्कृति प्रेमी और पीएम नरेंद्र मोदी का आजीवन समर्थक बताया गया है।
बीजेपी नेतृत्व द्वारा उनके इस दूसरे पत्र पर औपचारिक फैसले का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक हलकों में तेज होती चर्चाओं और नए बयानों के बीच गरमाया शहज़ाद पूनावाला बीजेपी इस्तीफा मामला पार्टी प्रवक्ताओं की प्रतिक्रियाओं और अंदरूनी घटनाक्रमों के बाद जानें शहज़ाद पूनावाला बीजेपी इस्तीफा की पूरी सच्चाई
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