“बिहार बाढ़ अलर्ट” 19 लाख से अधिक लोग प्रभावित 14 जिलों में रेड अलर्ट
बिहार बाढ़ अलर्ट बिहार में मानसून की भारी बारिश और प्रमुख नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति दिन-ब-दिन बेहद गंभीर होती जा रही है। राज्य के 14 से अधिक जिलों में बाढ़ का तांडव जारी है, जिससे करीब 19.57 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। पटना में गंगा नदी का जलस्तर अपने अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level – HFL) को पार कर नया रिकॉर्ड बना चुका है, जिससे दियारा और निचले इलाकों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।
जल संसाधन विभाग (WRD) और स्थानीय प्रशासन ने गंगा, गंडक, कोसी और पुनपुन जैसी उफान मारती नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।
पटना के गांधी घाट पर टूटा 2016 का रिकॉर्ड
जल संसाधन विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर रविवार सुबह 50.57 मीटर दर्ज किया गया, जो कि 21 अगस्त 2016 को रिकॉर्ड किए गए पिछले सर्वोच्च स्तर (50.52 मीटर) से 0.05 मीटर अधिक है।
इसके अलावा, पटना के पंडारक में भी गंगा का जलस्तर 43.92 मीटर पर पहुंच गया है, जिसने 16 अगस्त 2021 के 43.73 मीटर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। हथिदह, बेगुसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार में भी नदी का बहाव नए रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रहा है।
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11 जिलों की 330 पंचायतें जलमग्न, नदियां खतरे के निशान से ऊपर
राज्य के 11 प्रमुख जिलों—पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया की 330 से अधिक ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी भर गया है।
राज्य में निम्नलिखित नदियां प्रमुख स्थानों पर खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं:
गंगा: पटना (गांधी घाट), हथिदह, बक्सर, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव।
गंडक: डुमरियाघाट और हाजीपुर।
कोसी: बलतारा और कुरसेला।
अन्य नदियां: खगड़िया में बूढ़ी गंडक, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती और दरौली में घाघरा नदी।
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राहत और बचाव कार्य तेज: NDRF-SDRF की 37 टीमें तैनात
बाढ़ से प्रभावित लाखों लोगों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू किया है:
सामुदायिक रसोई (Community Kitchens): प्रभावित जिलों में बेघर हुए लोगों के लिए 110 सामुदायिक रसोइयां चलाई जा रही हैं।
नावों का संचालन: जलमग्न इलाकों से लोगों को निकालने और आवाजाही सुलभ बनाने के लिए 1,345 नावें लगाई गई हैं।
रेस्क्यू फोर्स: राहत कार्यों को रफ्तार देने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 10 टीमें संवेदनशील इलाकों में मुस्तैद हैं।
प्रशासन ने ओवरलोडिंग रोकने के लिए निजी नावों के संचालन पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है और लोगों से नदियों के किनारे न जाने की अपील की है।
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रेल यातायात प्रभावित: कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट
उफनती पुनपुन नदी के पानी के कारण रेलवे परिचालन पर भी बुरा असर पड़ा है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के अनुसार, पटना-गया रेल खंड पर स्थित पुनपुन और परसा बाजार स्टेशनों के बीच बने पुल संख्या 21 के पास जलस्तर खतरनाक रूप से ऊपर पहुंच गया है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रूट की कई यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि कई के रूट बदले गए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जारी बिहार बाढ़ अलर्ट के तहत जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है,
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