“संजय राउत कैंसर दावा” जेल में रहने के दौरान हुआ कैंसर
शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि साल 2022 में पात्रा चॉल पुनर्विकास मामले में जेल में 100 से अधिक दिन बिताने के दौरान ही उन्हें पेट (गैस्ट्रिक) का कैंसर हुआ।
संजय राउत ने खुलासा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में उनसे मुलाकात के दौरान बीमारी पर चिंता जताई और यह पता लगाने के लिए ‘मेडिकल टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट’ (विष विज्ञान जांच) कराने की सलाह दी कि कहीं जेल में उन्हें खाने में जहर तो नहीं दिया गया था।
‘जेल से शुरू हुई बीमारी’: राहुल गांधी से मुलाकात के बाद हुआ अहसास
संजय राउत ने बताया कि हाल ही में दिल्ली में राहुल गांधी से उनकी मुलाकात हुई थी, जहां राहुल ने उनकी सेहत का हालचाल जाना। राउत के अनुसार, राहुल गांधी ने उनसे कहा कि विपक्षी नेताओं के साथ जेल में कुछ भी हो सकता है।
राउत ने राहुल गांधी के बयानों का हवाला देते हुए कहा:
गंभीर बीमारी पर सवाल: राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि मेरे जैसे सक्रिय व्यक्ति को अचानक पेट का कैंसर कैसे हो सकता है? क्या जेल में भोजन के माध्यम से धीरे-धीरे असर करने वाला जहर दिया गया था?
जांच की सिफारिश: राहुल गांधी ने तुरंत टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट कराने की सलाह दी, जिससे यह साफ हो सके कि शरीर में कोई विषैला तत्व तो मौजूद नहीं है।
अन्य नेताओं का जिक्र: दिल्ली में अन्य वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद पता चला कि जेल से बाहर आए कई अन्य राजनीतिक प्रतिनिधियों को भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
राउत ने कहा कि राहुल गांधी से बातचीत के बाद ही उन्हें अहसास हुआ कि उनकी इस गंभीर बीमारी की शुरुआत जेल में बिताए समय के दौरान ही हुई थी।
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पात्रा चॉल मामले में 101 दिन आर्थर रोड जेल में रहे बंद
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पात्रा चॉल भूमि पुनर्विकास परियोजना से जुड़े धन शोधन मामले में 31 जुलाई की देर रात (1 अगस्त 2022) संजय राउत को गिरफ्तार किया था। उन्हें मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा गया था, जहां उन्होंने 101 दिन बिताए। बाद में विशेष PMLA अदालत से जमानत मिलने के बाद 9 नवंबर 2022 को उन्हें रिहा कर दिया गया था।
संजय राउत के मुताबिक, नवंबर 2025 में दिवाली के आसपास उनके भाई सुनील राउत ने उनका ब्लड टेस्ट कराया था, जिसके बाद उन्हें पेट के कैंसर का पता चला। इलाज के चलते वे लगभग डेढ़ महीने से अधिक समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहे थे।
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विशेष मेडिकल जांच कराने की तैयारी, जांच एजेंसियों पर साधा निशाना
संजय राउत ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी से चर्चा के बाद वे बहुत जल्द एक विशेष टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट कराने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ पुलिस बल और जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने मांग की कि जेल से रिहा होने वाले नेताओं के स्वास्थ्य बिगड़ने के मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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गणेशोत्सव में डीजे और ध्वनि प्रदूषण पर भी जताई चिंता
संवाददाताओं से बातचीत के दौरान संजय राउत ने गणेशोत्सव के दौरान बढ़ते ध्वनि प्रदूषण के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि त्योहारों ने अब व्यावसायिक रूप ले लिया है और अस्पतालों व स्कूलों के पास बजने वाले लाउड डीजे म्यूजिक से मरीजों तथा विद्यार्थियों को भारी समस्या होती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देने और ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाने की अपील की। संजय राउत कैंसर दावा मीडिया और राजनीतिक गलियारों में एक प्रमुख मुद्दा बन गया है। इस पूरे मामले पर अलग-अलग नेताओं की प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं,
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