“BPSC छात्र विरोध पटना” TRE-4 अभ्यर्थियों का भारी हंगामा,
BPSC छात्र विरोध पटना बिहार की राजधानी पटना मंगलवार को एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच जंग का मैदान बन गई। 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE) 4.0 में बदलाव करने और राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर हजारों परीक्षार्थियों ने सड़कों पर उतरकर प्रचंड प्रदर्शन किया।
‘ऑल बिहार स्टूडेंट्स यूनियन’ समेत विभिन्न छात्र संगठनों के आह्वान पर आयोजित इस ‘लोक भवन सह मुख्यमंत्री आवास घेराव मार्च’ के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए कई सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़ डाले। स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस और सुरक्षा बलों ने वॉटर कैनन (पानी की बौछारों) और दंगा-रोधी वाहनों (वज्र) का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया।
गांधी मैदान से शुरू हुआ मार्च, डाकबंगला क्रॉसिंग पर संग्राम
समाचार एजेंसी आईएएनएस (IANS) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्र सुबह ऐतिहासिक गांधी मैदान में एकत्रित हुए और वहां से मुख्यमंत्री आवास तथा लोक भवन की ओर मार्च करना शुरू कर दिया।
घटनाक्रम की पूरी स्थिति:
सुरक्षा घेरा: आंदोलन को देखते हुए पटना पुलिस और राज्य प्रशासन ने डाकबंगला क्रॉसिंग, इनकम टैक्स गोलंबर और लोक भवन जाने वाले प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर रखा था।
बैरिकेडिंग और झड़प: जब छात्रों का जुलूस डाकबंगला चौराहे के पास पहुंचा, तो पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी बहस और हाथापाई हुई।
वाटर कैनन का प्रयोग: बार-बार की चेतावनियों के बावजूद जब आक्रोशित छात्र बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने लगे, तो पुलिस को भीड़ पर पानी की बौछारें छोड़नी पड़ीं।
इस विरोध प्रदर्शन के कारण डाकबंगला क्रॉसिंग और आसपास के इलाकों में लगभग पांच घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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छात्रों की प्रमुख मांगें: BPSC 70वीं रद्द करने से लेकर TRE-4 में बदलाव तक
सड़कों पर उतरे प्रतियोगी छात्रों की मांगें केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं हैं। अभ्यर्थी राज्य की संपूर्ण भर्ती प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
छात्रों की मुख्य मांगें:
70वीं BPSC परीक्षा रद्द हो: पेपर लीक और परीक्षा संचालन में धांधली के गंभीर आरोप लगाते हुए छात्र मांग कर रहे हैं कि 70वीं सिविल सेवा परीक्षा को रद्द कर दोबारा पारदर्शी तरीके से आयोजित किया जाए।
TRE 4.0 परीक्षा ढांचे में बदलाव: शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE 4) से नेगेटिव मार्किंग (Negative Marking) हटाई जाए और इस परीक्षा को दो चरणों के बजाय केवल एक ही चरण में आयोजित किया जाए।
अन्य भर्तियों में तेजी: बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) इंटर-लेवल परीक्षा की तिथियों की तत्काल घोषणा की जाए।
जांच की मांग: बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) भर्ती प्रक्रिया में हुई धांधली की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जाएं।
इसके अलावा, गर्दनीबाग धरना स्थल पर भी प्रोफेसरों की नियुक्ति में यूजीसी (UGC) गाइडलाइंस के कड़ाई से पालन को लेकर अलग से धरना-प्रदर्शन जारी रहा।
प्रशासन के साथ बातचीत बेनतीजा: दो मुख्य मुद्दों पर अड़े छात्र
सोमवार को आंदोलन को टालने के उद्देश्य से बिहार के शिक्षा सचिव और पटना के जिलाधिकारी (DM) समेत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्र प्रतिनिधियों के साथ मैराथन बैठक की थी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार:
वार्ता के दौरान छात्रों द्वारा उठाए गए कई छोटे-मोटे प्रशासनिक मुद्दों पर सहमति बन गई थी।
हालांकि, दो सबसे महत्वपूर्ण मांगों—TRE-4 से नेगेटिव मार्किंग हटाना और परीक्षा एक चरण में आयोजित करना—पर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी।
बातचीत बेनतीजा रहने के बाद ही छात्र संगठनों ने मंगलवार को सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया था।
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राज्य सरकार का रुख: ’70वीं परीक्षा रद्द करने का कोई प्रस्ताव नहीं’
यद्यपि सड़कों पर युवाओं का गुस्सा चरम पर है, लेकिन राज्य प्रशासन का कहना है कि BPSC की 70वीं परीक्षा के घोषित नतीजे पूरी तरह अंतिम हैं और परीक्षा रद्द करने की कोई योजना नहीं है। प्रशासन के इस कड़े रुख के कारण छात्रों में असंतोष और गहरा गया है।
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युवाओं के गुस्से से उठते नीतिगत सवाल
पटना की सड़कों पर छात्रों और पुलिस के बीच हुई यह ताजा झड़प बिहार में भर्ती परीक्षाओं की साख पर गहराते संकट को रेखांकित करती है। बार-बार पेपर लीक के आरोप और परीक्षा नियमावली में बदलाव को लेकर अभ्यर्थियों का यह असंतोष राज्य सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक सिरदर्द बन चुका है।
अब देखना यह होगा कि क्या सरकार आंदोलित छात्रों के साथ दोबारा वार्ता की मेज पर बैठती है या पुलिसिया बल के जरिए आंदोलन को दबाने का प्रयास जारी रहता है। पुलिस के लाठीचार्ज, छात्रों के आक्रोश और आयोग के आश्वासन के बीच जानें BPSC छात्र विरोध पटना की पूरी इनसाइड स्टोरी नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न और धांधली के आरोपों के खिलाफ सड़कों पर उतरा BPSC छात्र विरोध पटना
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