“सिंगापुर नस्लभेदी पोस्ट विवाद” सिंगापुर में भारतीयों के खिलाफ बढ़ा विवाद,
सिंगापुर नस्लभेदी पोस्ट विवाद सिंगापुर एयरलाइंस-एयर इंडिया सौदे और नेपाल-तिब्बत आपदा के बाद सोशल मीडिया पर भारतीय मूल के लोगों और सिंगापुर के भारतीय समुदाय के खिलाफ नफरती व नस्लभेदी (Racist) टिप्पणियों की बाढ़ आ गई है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सिंगापुर के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व—प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग, गृह मंत्री के. शनमुगम और वरिष्ठ मंत्री ली सीन लूंग—ने इन टिप्पणियों की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है।
सिंगापुर पुलिस ने इन भड़काऊ और विद्वेषपूर्ण पोस्ट्स के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू कर दी है, जबकि डिजिटल विकास और सूचना मंत्रालय (MDDI) के निर्देशों पर यूट्यूब, फेसबुक और एक्स (X) जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से कई आपत्तिजनक कंटेंट को ब्लॉक कर दिया गया है।
‘सांप, करी और काला जादू’: भड़काऊ रूढ़िवादिता का इस्तेमाल
गृह एवं कानून मंत्री के. शनमुगम के अनुसार, यह विवाद उस समय गहराया जब मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि एयर इंडिया अपने शेयरधारकों से अतिरिक्त इक्विटी की मांग कर रही है, जिसमें सिंगापुर एयरलाइंस (SIA) की 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
इस व्यावसायिक घटनाक्रम के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने भारतीय समुदाय को निशाना बनाते हुए “सांप”, “करी”, “काला जादू” और “पराठा” जैसे आपत्तिजनक रूढ़िवादी (Stereotypical) शब्दों का इस्तेमाल कर नफरत फैलाना शुरू कर दिया।
इसके अलावा, नेपाल और तिब्बत में आई विनाशकारी बाढ़ में लापता हुए सिंगापुर के नागरिकों से जुड़ी दुखद घटना पर भी भारतीय समुदाय के खिलाफ विद्वेषपूर्ण टिप्पणियां की गईं।
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शीर्ष नेताओं के कड़े बयान: “यह कोई निर्दोष बातचीत नहीं”
सिंगापुर के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि देश की बहुसांस्कृतिक और बहुजातीय सामाजिक संरचना से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग: पीएम वोंग ने फेसबुक पोस्ट के जरिए चेतावनी दी कि इन जहरीली भावनाओं को “हानिरहित ऑनलाइन बातचीत” कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “हम गहन और तर्कपूर्ण बहस का स्वागत करते हैं, लेकिन किसी भी जायज चर्चा को किसी समुदाय के खिलाफ नफरत या विदेशियों के प्रति दुश्मनी फैलाने का जरिया नहीं बनाया जा सकता।”
गृह मंत्री के. शनमुगम: गृह मंत्री ने ऑनलाइन की गई टिप्पणियों को “शर्मनाक, घटिया और पूरी तरह से अमान्य” बताया। उन्होंने कहा कि कुछ भड़काऊ पोस्ट विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स से संचालित हो रहे हैं ताकि सिंगापुर में नस्लीय विभाजन पैदा किया जा सके।
वरिष्ठ मंत्री ली सीन लूंग: ली सीन लूंग ने भारतीय समुदाय पर हुए हमलों को बेहद परेशान करने वाला बताया और कहा कि त्रासदी के समय समाज का जवाब दया और एकजुटता होना चाहिए, न कि नफरत।
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विदेश से संचालित हो रही थीं कुछ गतिविधियां, पुलिस जांच जारी
गृह मंत्रालय (MHA) के प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार, चीनी भाषा के ऑनलाइन स्पेस में फैलाए जा रहे इस आख्यान का एक बड़ा हिस्सा विदेशी आईपी एड्रेस (IP Addresses) से जुड़ा हुआ लग रहा है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी विदेशी सरकार द्वारा समर्थित अभियान का अभी कोई सीधा सबूत नहीं मिला है।
सिंगापुर की लगभग 60 लाख की आबादी में करीब 75% चीनी, 15% मलय और 9% भारतीय मूल के नागरिक हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल गुमनामी के पीछे छिपकर बहुसांस्कृतिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हाल ही में सामने आया सिंगापुर नस्लभेदी पोस्ट विवाद इस बात का उदाहरण है कि ऑनलाइन मंचों पर की गई असंतुलित टिप्पणियाँ किस तरह सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर सकती हैं।
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