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“महाराष्ट्र सूखा राहत घोषणा”महाराष्ट्र सरकार ने 265 तालुकाओं सूखा घोषित

महाराष्ट्र सूखा राहत घोषणा

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में मानसून की भारी कमी और लंबे समय तक बने सूखे की स्थिति को देखते हुए 358 में से 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है। यह क्षेत्र राज्य का लगभग 74 प्रतिशत हिस्सा कवर करता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अल नीनो (El Nino) के बढ़ते प्रभाव पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावित किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए विस्तृत राहत उपायों की घोषणा की है।

जून से 18 सितंबर के बीच राज्य में सामान्य से 18.8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में सोलापुर, अहिल्यानगर, नासिक, लातूर, बीड, बुलढाणा, अमरावती, यवतमाल, नागपुर और चंद्रपुर शामिल हैं।

फसल नुकसान का आकलन और जीपीएस (GPS) टैगिंग

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि 265 सूखा प्रभावित तालुकाओं में ‘पंचनामा’ यानी फसल नुकसान की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू हो चुका है।

सटीक सर्वे के निर्देश: जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रभावित खेतों की तस्वीरें और GPS कोऑर्डिनेट्स के साथ विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपें।

छूटे हुए तालुकाओं पर आश्वासन: कुछ इलाकों से शिकायतें मिलने पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जिन तालुकाओं को शुरुआती सूची में शामिल नहीं किया गया है, वहां भी फसल क्षति का आकलन ‘ट्रिगर-3’ (Trigger Three) नियमों के तहत किया जाएगा और किसी भी प्रभावित किसान को मदद से वंचित नहीं रखा जाएगा।

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किसानों के लिए घोषित प्रमुख 12 आपातकालीन राहत उपाय

सूखा प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने 12 आपातकालीन उपायों को मंजूरी दी है, जिनमें प्रमुख शामिल हैं:

ऋण पुनर्गठन व वसूली पर रोक: फसल ऋण का रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) किया जाएगा और कृषि संबंधी कर्जों की वसूली पर तत्काल रोक लगा दी गई है।

राजस्व व बिजली बिल में छूट: भू-राजस्व (Land Revenue) में रियायत दी जाएगी और कृषि पंपों के बिजली बिलों में छूट का लाभ मिलेगा।

विद्यार्थियों की फीस माफ: सूखा प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल और कॉलेज के छात्रों की परीक्षा फीस माफ करने का निर्णय लिया गया है।

पेयजल व रोजगार की व्यवस्था: गांवों में पीने के पानी के टैंकरों की तैनाती, मनरेगा (MGNREGA) के तहत रोजगार नियमों में ढील, और मवेशियों के लिए चारे तथा अनाज का इंतजाम किया जाएगा।

निर्बाध बिजली आपूर्ति: सिंचाई और जल स्रोतों को बनाए रखने के लिए कृषि पंपों को बिना रुकावट के बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

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    जल संरक्षण और अल नीनो की चुनौती

    मुख्यमंत्री फडणवीस ने चेतावनी दी कि प्रशांत महासागर में अल नीनो का प्रभाव चरम पर पहुंच सकता है, जिससे आने वाले महीनों में जल संकट गहराने का अंदेशा है।

    उन्होंने सभी जिला प्रशासनों को ‘जिला-वार वाटर बजट’ तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जुलाई और अगस्त 2027 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर जलाशयों के पानी का नियोजन होना चाहिए।

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    पीने के पानी की आपूर्ति सुरक्षित करने के बाद ही शेष पानी का उपयोग रबी फसलों या औद्योगिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल द्वारा की गई महाराष्ट्र सूखा राहत घोषणा के अंतर्गत प्रभावित जिलों के किसानों को फसल क्षतिपूर्ति, ऋण ब्याज माफी और बिजली बिलों में छूट देने का प्रावधान किया गया है।

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