चैतन्य बघेल ईडी हिरासत में, जन्मदिन पर हुई गिरफ्तारी
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ईडी हिरासत में भेज दिए गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत शुक्रवार को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया था। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को 5 दिन की रिमांड दी।
मुख्य बिंदु
- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ की शराब नीति से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है।
- ईडी के अनुसार ₹1,000 करोड़ की अवैध कमाई की जांच हो रही है।
- कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया।
- विवेक तन्खा ने सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया की अनदेखी का आरोप लगाया।
जन्मदिन पर हुई गिरफ्तारी, भूपेश बघेल का हमला
- चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को उनके जन्मदिन पर ईडी ने गिरफ्तार किया।
- ईडी अधिकारियों ने भिलाई स्थित घर पर सुबह-सुबह छापेमारी की।
- गिरफ्तारी को लेकर भूपेश बघेल ने सीधे प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा।
- उन्होंने कहा, “पहले मेरे सलाहकार, अब बेटा – यह सब अडानी पर चर्चा रोकने के लिए किया जा रहा है।”
भूपेश बघेल ने क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया,
“कवासी लखमा, देवेंद्र यादव, अब मेरा बेटा… सभी को निशाना बनाकर अडानी पर चर्चा रोकी जा रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि
“कांग्रेस डरने वाली नहीं है। हम अडानी और सत्ता के दमन के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।”
क्या है ईडी का आरोप?
ईडी की जांच में दावा किया गया:
- शराब घोटाले से करीब ₹1,000 करोड़ की अवैध आय अर्जित हुई।
- इनमें से लगभग ₹17 करोड़ की रकम चैतन्य को ट्रांसफर की गई थी।
- यह धन उनके और उनके साथियों से जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों के जरिए शोधन किया गया।
- छत्तीसगढ़ ACB की FIR के अनुसार, 70 लोग और कंपनियाँ जांच के घेरे में हैं।
वकील का पक्ष और कानूनी सवाल
चैतन्य बघेल की ओर से पेश वकील फैज़ल रिज़वी ने कहा :
- ईडी ने अब तक धारा 50 के तहत चैतन्य का कोई बयान तक दर्ज नहीं किया।
- गिरफ्तारी केवल लक्ष्मी उर्फ पप्पू बंसल के बयान के आधार पर की गई है।
- अब तक दायर तीन पूरक शिकायतों में भी चैतन्य का नाम नहीं था।
कौन हैं चैतन्य बघेल?
- चैतन्य बघेल एक व्यवसायी हैं, राजनीति में सक्रिय नहीं रहे हैं।
- वह अपने पिता के साथ भिलाई में रहते हैं और पारिवारिक खेत और रियल एस्टेट बिज़नेस देखते हैं।
- 2018 और 2024 दोनों चुनावों में राजनीतिक शुरुआत की कोशिश असफल रही।
- रिपोर्ट के अनुसार, अगर भूपेश बघेल लोकसभा चुनाव जीतते, तो चैतन्य को पाटन विधानसभा सीट से उतारा जाना था।
कांग्रेस नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
विवेक तन्खा, कांग्रेस राज्यसभा सांसद ने कहा:
“क्या देश में सिर्फ कांग्रेस ही ग़लत है? ईडी सिर्फ़ विपक्ष पर हमले कर रही है।”
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि बिना पुख़्ता सबूत गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए।
“कानून का शासन अब बेमानी हो गया है।”
ईडी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
- चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद NSIU कार्यकर्ताओं ने रायपुर ईडी कार्यालय के बाहर टायर जलाए।
- प्रदर्शन में केंद्र सरकार की ‘तानाशाही’ के खिलाफ नारेबाजी हुई।
चैतन्य बघेल ईडी हिरासत में मामले पर पूरे देश की नजर है। पर पूरे देश की नजर है। कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, वहीं ईडी इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता रही है। मामले की कानूनी प्रक्रिया अब आगे क्या मोड़ लेगी, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।



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