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अमेरिका का आंतकवाद पर बड़ा प्रहार: TRF आतंकवादी संगठन घोषित हुआ

TRF आतंकवादी संगठन घोषित

निर्दोष नागरिकों की जान लेने वाले द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को अमेरिका ने विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) और वैश्विक आतंकवादी इकाई (SDGT) घोषित कर दिया है। TRF आतंकवादी संगठन घोषित। इस कार्रवाई को लेकर भारत सरकार और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खुलकर अमेरिका की सराहना की।

जयशंकर ने ट्वीट कर कहा,

“भारत-अमेरिका आतंकवाद-रोधी सहयोग की एक मज़बूत पुष्टि। लश्कर-ए-तैयबा के प्रतिनिधि टीआरएफ को आतंकी घोषित करना स्वागतयोग्य कदम है।”

प्रमुख बिंदु:

  1. TRF को अमेरिका ने आतंकवादी संगठन घोषित किया।
  2. पहलगाम हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई।
  3. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में 9 आतंकी ढांचे ध्वस्त किए।
  4. 33 देशों में भारत ने पाकिस्तान की भूमिका को उजागर किया।
  5. संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने भारत के पक्ष में बयान जारी किए।

TRF कौन है और इसका लश्कर से संबंध?

द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) एक आतंकवादी संगठन है जिसका गठन 2019 में लश्कर-ए-तैयबा के एक मुखौटे के रूप में किया गया था। भारत सरकार ने 2023 में इस समूह को प्रतिबंधित कर दिया था। TRF जम्मू-कश्मीर में युवाओं की ऑनलाइन भर्ती, घुसपैठ, और हथियार व नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। इस संगठन के कमांडर शेख सज्जाद गुल को गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। भारत ने अपनी जवाबी कार्रवाई के तहत इसी संगठन को निशाना बनाया था।

अमेरिका ने क्यों उठाया यह कदम?

अमेरिका के विदेश विभाग ने बयान में कहा:

  • TRF ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी ली।
  • इस हमले में 26 नागरिक मारे गए, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे।
  • यह हमला 2008 मुंबई हमलों के बाद भारत में सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे लश्कर का फ्रंट संगठन करार देते हुए कहा:

“यह कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप की आतंकवाद के खिलाफ न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता है।”

भारत की “ऑपरेशन सिंदूर” में जवाबी कार्रवाई

हमले के बाद भारत सरकार ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया:

  • पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी शिविर ध्वस्त किए गए।
  • 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।
  • पाकिस्तान ने 10 मई को युद्धविराम का अनुरोध किया।

TRF आतंकवादी संगठन घोषित होने के बाद भारत की सैन्य और कूटनीतिक रणनीति ने आतंकवाद पर निर्णायक प्रहार किया है।

वैश्विक स्तर पर भारत की कूटनीति

  • भारत ने 33 वैश्विक राजधानियों में 7 बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडल भेजे।
  • इनका उद्देश्य था: पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीति को उजागर करना।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और SCO की बैठक में एस जयशंकर ने कहा:

“यह हमला जानबूझकर कश्मीर की पर्यटन अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए किया गया। SCO को आतंकी ताकतों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।”

TRF की गतिविधियाँ और आईएसआई का समर्थन

  • सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, TRF को पाकिस्तान की ISI से प्रत्यक्ष समर्थन मिलता है।
  • इसके माध्यम से वह कश्मीर में अस्थिरता फैलाने की रणनीति अपनाता है।
  • TRF ने 2024 में भी भारतीय सुरक्षा बलों पर कई हमले किए थे।

अमेरिका-भारत आतंकवाद विरोधी गठबंधन की मजबूती

अमेरिका द्वारा TRF को आतंकवादी संगठन घोषित करना एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है। इससे भारत को वैश्विक स्तर पर नैतिक और कूटनीतिक समर्थन मिला है। इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद अब केवल भारत की समस्या नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय चिंता बन चुका है।

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