एयर इंडिया RAT तैनाती: ड्रीमलाइनर में इमरजेंसी इंजन से हड़कंप;
मुंबई: 4 अक्टूबर 2025 को एयर इंडिया RAT तैनाती की अमृतसर से बर्मिंघम जाने वाली उड़ान AI117 में एक बड़ा हड़कंप मच गया, जब विमान के फाइनल अप्रोच के दौरान उसका रैम एयर टर्बाइन (RAT) अप्रत्याशित रूप से तैनात हो गया। यह घटना बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में हुई, जिसके कारण विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा हो गईं।
हालांकि, एयरलाइन ने रविवार, 5 अक्टूबर को इस बात की पुष्टि की कि बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बर्मिंघम हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतर गया। एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि इस अप्रत्याशित तैनाती के बावजूद, सभी विद्युत (Electrical) और हाइड्रोलिक सिस्टम सामान्य पाए गए।
उन्होंने कहा, “4 अक्टूबर 2025 को अमृतसर से बर्मिंघम जाने वाली उड़ान AI117 के संचालन दल ने फ़ाइनल अप्रोच के दौरान विमान के रैम एयर टर्बाइन (RAT) की तैनाती का पता लगाया। सभी विद्युत और हाइड्रोलिक पैरामीटर सामान्य पाए गए, और विमान ने बर्मिंघम में सुरक्षित लैंडिंग की।”
क्या है रैम एयर टर्बाइन (RAT)?
रैम एयर टर्बाइन (RAT) एक छोटा पंखे जैसा दिखने वाला, महत्वपूर्ण आपातकालीन उपकरण है। यह आमतौर पर विमान के नीचे लगा होता है और इसे विशेष रूप से अत्यधिक आपात स्थितियों के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह दोहरे इंजन की विफलता या पूर्ण विद्युत या हाइड्रोलिक खराबी की स्थिति में स्वचालित रूप से तैनात हो जाता है।
RAT का प्राथमिक कार्य आवश्यक उड़ान नियंत्रण और उपकरणों के लिए बिजली उत्पन्न करने हेतु पवन ऊर्जा (आने वाली हवा) का उपयोग करना है। दूसरे शब्दों में, यह उपकरण विमान में एक आपातकालीन बैकअप प्रणाली है, जो प्राथमिक प्रणालियों के विफल होने पर वायुप्रवाह में सक्रिय होकर बिजली उत्पन्न करती है।
इस घटना में, विमान का RAT बिना किसी स्पष्ट कारण के (क्योंकि सभी पैरामीटर सामान्य बताए गए) अंतिम अप्रोच के दौरान, लगभग 500 फीट की ऊँचाई पर, सक्रिय हो गया। RAT का अप्रत्याशित रूप से खुलना दुर्लभ माना जाता है और यह आमतौर पर किसी अंतर्निहित तकनीकी खराबी का संकेत देता है।
विमान को रोका गया, वापसी उड़ान रद्द
इस गंभीर घटना के बाद, एयर इंडिया ने बोइंग 787 ड्रीमलाइनर को विस्तृत निरीक्षण के लिए बर्मिंघम हवाई अड्डे पर ही रोक दिया है। परिणामस्वरूप, बर्मिंघम से दिल्ली जाने वाली वापसी सेवा, उड़ान AI114, को रद्द कर दिया गया है। एयरलाइन ने यात्रियों को आश्वस्त किया है कि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की जा रही है और उन्हें बाद की उड़ानों में जगह दी जाएगी। हालांकि, एयरलाइन ने विमान में सवार लोगों की संख्या के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की। एयर इंडिया ने दोहराया है कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पायलट यूनियन ने उठाई गंभीर चिंता
इस ताज़ा घटना ने एक बार फिर एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बेड़े की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय पायलट महासंघ (FIP) ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
देश भर के 5,500 से अधिक पायलटों वाले इस संघ ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को एक पत्र लिखा है, जिसमें भारत में संचालित सभी B787 विमानों की विद्युत प्रणाली की विस्तृत और गहन जाँच करने का आग्रह किया गया है। FIP ने बताया कि इस घटना में, विमान स्वास्थ्य निगरानी (AHM) सिस्टम ने बस पावर कंट्रोल यूनिट (BPCU) में एक खराबी पाई है, जिसके कारण एयर इंडिया RAT तैनाती स्वचालित रूप से सक्रिय हो गई होगी। BPCU एक महत्वपूर्ण घटक है जो किसी विमान की विद्युत वितरण प्रणाली का प्रबंधन करता है।
FIP ने अपने पत्र में कहा कि “यह ध्यान रखना उचित है कि यह घटना B-787 विमानों की AI दुर्घटना की ओर एक और संकेत है।” FIP ने लगातार DGCA और AAIB से देश में B-787 विमानों की विद्युत प्रणाली की गहन जाँच करने के लिए ज़ोर दिया है, विशेष रूप से पिछली दुर्घटना के बाद जब DGCA ने केवल ईंधन नियंत्रण स्विच की जाँच की थी।
787 विमान दुर्घटना के कुछ महीने बाद हुई यह घटना
यह ताज़ा एयर इंडिया RAT तैनाती की घटना, एयर इंडिया के एक अन्य बोइंग 787-8 विमान दुर्घटना के चार महीने से भी कम समय बाद हुई है।
पिछली त्रासदी: 12 जून को, अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहा विमान AI171 उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस भयंकर दुर्घटना में विमान में सवार सभी 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित 260 लोगों की मौत हो गई थी, जो हाल के दशकों में भारत की सबसे घातक विमानन दुर्घटनाओं में से एक थी।
जाँच के शुरुआती निष्कर्ष: भारत के विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (AAIB) की जुलाई में जारी एक प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चला था कि उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद इस दुर्भाग्यपूर्ण विमान के इंजन ईंधन नियंत्रण स्विच बंद हो गए थे। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में एक पायलट को दूसरे से पूछते हुए सुना गया था कि उसने ऐसा क्यों किया, जिस पर दूसरे ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया था। AAIB ने बताया था कि स्विच फिर से चालू कर दिए गए थे, लेकिन एक इंजन समय पर थ्रस्ट ठीक नहीं कर पाया।
विशेषज्ञों की राय और बोइंग की चुप्पी
विमानन सुरक्षा फर्म मार्टिन कंसल्टिंग के मार्क डी मार्टिन ने इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि “एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI117 से जुड़ी आज की घटना एयर इंडिया के बोइंग 787 बेड़े, उसके रखरखाव, संचालन और तैनाती को लेकर तत्काल और गंभीर चिंताएँ पैदा करती है।”
उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि 787 का RAT कंप्यूटर इनपुट के ज़रिए तभी स्वचालित रूप से तैनात होता है जब सिस्टम इंजन पावर, हाइड्रॉलिक्स या थ्रस्ट एश्योरेंस में कोई बड़ी खराबी का पता लगाता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि 787 बेड़े को तब तक उड़ान भरने से रोक दिया जाना चाहिए जब तक कि दोनों दुर्घटनाओं (AI171 और AI117) में RAT की तैनाती के पीछे का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो जाता।
इस बीच, अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने इस बर्मिंघम घटना और अहमदाबाद में हुई घातक दुर्घटना, दोनों पर अब तक सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी जारी नहीं की है। इस एयर इंडिया RAT तैनाती के बाद पूरे विमानन उद्योग में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बेड़े के सुरक्षित संचालन को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएँ बढ़ गई हैं।



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