अनंत महाराज नेताजी विवाद टिप्पणी: पर FIR दर्ज,
अनंत महाराज नेताजी विवाद स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद नागेंद्र राय उर्फ अनंत महाराज की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विवाद गहराने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने उनसे राज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बंगा विभूषण‘ वापस ले लिया है। वहीं, पुलिस ने उनके खिलाफ आधिकारिक एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बढ़ते चौतरफा दबाव के बाद बीजेपी सांसद ने वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है।
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद अनंत महाराज के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर आपत्तिजनक बातें कहीं और आजाद हिंद फौज (INA) की भूमिका पर सवाल उठाए।
कथित टिप्पणी: आरोपों के मुताबिक, अनंत महाराज ने नेताजी के संदर्भ में ‘युद्ध अपराधी’ जैसे आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया था।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का सख्त निर्देश: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस को बिना किसी राजनीतिक पक्षपात के सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेताजी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून सांसद, विधायक या आम नागरिक सभी के लिए समान है।
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‘बंगा विभूषण’ सम्मान तत्काल प्रभाव से रद्द
विवाद के तूल पकड़ते ही राज्य सरकार ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर 21 फरवरी 2026 को अनंत महाराज को दिया गया ‘बंगा विभूषण’ सम्मान रद्द कर दिया।
सरकारी आदेश के अनुसार:
“सक्षम प्राधिकारी का मानना है कि विवादित घटना के बाद नागेंद्र राय उर्फ अनंत महाराज के पास ‘बंगा विभूषण’ सम्मान का बना रहना इस पुरस्कार की गरिमा, प्रतिष्ठा और उद्देश्य के अनुरूप नहीं है। इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है।”
इसके साथ ही आदेश में उन्हें खुद को ‘बंगा विभूषण’ प्राप्तकर्ता के तौर पर प्रस्तुत करने या इससे मिलने वाले किसी भी सरकारी विशेषाधिकार का दावा करने से रोक दिया गया है।
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कूचबिहार में FIR दर्ज, सांसद ने मांगी माफी
कूचबिहार के पुलिस अधीक्षक मनीष जोशी ने पुष्टि की कि म्युनिसिपल वार्ड नंबर 10 के एक स्थानीय निवासी की शिकायत के आधार पर सांसद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
सम्मान छीने जाने और कानूनी शिकंजा कसने के बाद अनंत महाराज ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा:
“अगर नेताजी पर मेरी अनुचित टिप्पणी से देश या राज्य के किसी भी नागरिक की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं इसके लिए दिल से माफी मांगता हूं।”
कौन हैं BJP सांसद अनंत महाराज?
असली नाम: नागेंद्र रॉय।
राजनीतिक पृष्ठभूमि: वे उत्तर बंगाल के कूचबिहार जिले में राजबंशी (अनुसूचित जाति) समुदाय के एक बेहद प्रभावशाली और प्रमुख सामाजिक-राजनीतिक नेता हैं।
संगठन: वे ‘कूचबिहार डेमोक्रेटिक पार्टी’ के प्रमुख चेहरा रहे हैं और ग्रेटर कूचबिहार आंदोलन से जुड़े रहे हैं।
राज्यसभा कार्यकाल: उत्तर बंगाल में राजबंशी समुदाय के विशाल वोट बैंक और प्रभाव को देखते हुए बीजेपी ने उन्हें जुलाई 2023 में राज्यसभा के लिए नामांकित किया था।
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राजनीतिक प्रभाव और सरकारी कदम
इस विवाद के बाद राज्य सरकार ने केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि उत्तर बंगाल के हर विधानसभा क्षेत्र में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर ‘सेवा केंद्र’ स्थापित करने और राज्य के सभी स्कूलों में नेताजी की तस्वीरें अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश जारी किए हैं।
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