छंगुर बाबा: 6 उंगलियों वाला ‘ओझा’ जो बन गया धर्मांतरण सिंडिकेट का सरगना
छंगुर बाबा यानी जमालुद्दीन, 15 साल पहले बलरामपुर के उतरौला ब्लॉक में साइकिल से घूमते थे. वह अंगूठियां और अन्य धार्मिक सामग्री लेकर चलते थे. उनकी पहचान उनके बाएं पैर की छह उंगलियों से थी. आज, वही जमालुद्दीन ‘छंगुर बाबा’ के नाम से जाना जाता है. वह बॉडीगार्ड के साथ टोयोटा फॉर्च्यूनर में चलता था और लोगों को लगभग 500 रुपये देता था. अब वह यूपी ATS की हिरासत में है. उन पर बड़े पैमाने पर धर्मांतरण और अस्पष्टीकृत विदेशी धन प्राप्त करने का आरोप है.
- जमालुद्दीन की छह उंगलियां लोगों के लिए हमेशा चर्चा का विषय रही हैं.
- वह अब ‘छंगुर बाबा‘ के नाम से जाना जाता है और ऐशो-आराम की जिंदगी जीता था.
- 5 जुलाई को उसे धर्मांतरण और विदेशी धन के आरोप में गिरफ्तार किया गया.
यूपी ATS ने जमालुद्दीन और उसकी सहयोगी नीतू नवीन रोहरा (जो अपने परिवर्तित नाम नसरीन से जानी जाती हैं) को जुलाई की शुरुआत में लखनऊ के एक होटल से पकड़ा. उनके बेटे महबूब और नसरीन के पति नवीन रोहरा को भी इसी आरोप में अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था.
प्रमुख बिंदु :
- छंगुर बाबा यानी जमालुद्दीन, छह उंगलियों वाले बाबा के रूप में उतरौला से करोड़ों के मालिक बने।
- ATS ने चांद औलिया दरगाह से संचालित बड़े धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश किया।
- ED की छापेमारी में 22 बैंक खातों में 60 करोड़ से अधिक विदेशी फंड का खुलासा हुआ।
- जांच में सामने आया कि UAE, कनाडा, लंदन और अमेरिका से आया पैसा धर्मांतरण में लगा।
- छंगुर बाबा ने RSS से जुड़ा दिखाने के लिए फर्जी संगठन बनाकर PM की तस्वीर तक लगाई।
- ‘मिशन अस्मिता’ के तहत ATS ने 6 राज्यों से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- ISIS शैली के धर्मांतरण और पाकिस्तानी संगठनों से कनेक्शन की भी जांच हो रही है।
धर्मांतरण सिंडिकेट का पर्दाफाश
यूपी ATS एक बड़े धर्मांतरण और धन जुटाने के सिंडिकेट की व्यापक जाँच कर रही है. इसमें ज्यादातर पैसा UAE से आया. इसके परिणामस्वरूप जमालुद्दीन के पास करोड़ों की संपत्ति और कई जमीन के प्लॉट मिले हैं. यूपी ATS ने गुरुवार को इस मामले में एक और आरोपी राशिद शाह को भी गिरफ्तार किया. राशिद शाह ने कथित तौर पर धर्मांतरण रैकेट और जमीन सौदों में सक्रिय भूमिका निभाई थी.
- राशिद शाह की गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के साथ हुई.
- ईडी ने बलरामपुर में 12 और मुंबई में दो जगहों पर व्यापक छापेमारी की थी.
- धर्मांतरण सिंडिकेट से जुड़े 22 बैंक खातों में 60 करोड़ रुपये से ज्यादा की पहचान हुई है.
यह पैसा मध्य पूर्वी देशों, खासकर संयुक्त अरब अमीरात से आया था. यूपी के ADG लॉ एंड ऑर्डर और स्पेशल टास्क फोर्स के प्रमुख अमिताभ यश ने बताया कि जांच सिर्फ सामूहिक धर्मांतरण के पीछे के तौर-तरीकों का पता लगाने तक सीमित नहीं है. बल्कि इसमें पूरे सिंडिकेट, विदेशी स्रोतों से मिलने वाला धन, भारत और विदेश में एजेंटों का नेटवर्क और धर्मांतरण रैकेट की सीमा भी शामिल है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी में मिले अहम सबूत
ED अधिकारियों ने लखनऊ, बलरामपुर और मुंबई में छापों के दौरान कई करोड़ रुपये वाले 22 बैंक खातों का पता लगाया. यह खाते छंगुर बाबा और उनके सहयोगियों से संबंधित हैं. अधिकारियों ने बताया कि इन बैंक खातों के विश्लेषण से छंगुर बाबा और उनके सहयोगियों द्वारा कथित तौर पर प्राप्त 60 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि की पहचान हुई है. यह भी पता चला है कि धर्मांतरण रैकेट के सरगना और उसके सहयोगियों को विदेशों से भी बड़ी रकम मिली थी.
- तलाशी के दौरान कई दस्तावेज जब्त किए गए, जिनसे अपराध की आय का पता चला.
- करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियां खरीदी गईं और उनमें निर्माण कार्य किए गए.
- इन संपत्तियों को नवीन रोहरा और नीतू रोहरा के नाम पर खरीदा गया ताकि मनी लॉन्ड्रिंग छुपाई जा सके.
प्रवर्तन निदेशालय ने उतरौला में एक व्यावसायिक परिसर को भी सील कर दिया और धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत नोटिस चिपका दिया. तलाशी के दौरान जाँच से संबंधित भौतिक रिकॉर्ड बरामद हुए हैं. जांच जारी है और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं. ईडी ने लखनऊ स्थित ATS द्वारा दर्ज की गई FIR के आधार पर अपनी जाँच शुरू की थी. इस FIR में गैरकानूनी धर्मांतरण, विदेशी धन के उपयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों से जुड़ी एक बड़े पैमाने की साजिश का आरोप लगाया गया था.
चांद औलिया दरगाह से संचालित नेटवर्क
छंगुर बाबा और उनके सहयोगियों पर बलरामपुर स्थित चांद औलिया दरगाह परिसर से एक व्यापक नेटवर्क स्थापित करने का आरोप है. यहाँ वे नियमित रूप से भारतीय और विदेशी नागरिकों की बड़ी सभाएँ आयोजित करते थे. उन पर अन्य धर्मों के लोगों, विशेष रूप से अनुसूचित जातियों और हिंदू धर्म से जुड़े आर्थिक रूप से वंचित लोगों को धर्मांतरण के लिए व्यवस्थित रूप से प्रेरित करने, दबाव डालने और हेरफेर करने का आरोप है.
- हिंदू महिलाएँ और उदार धार्मिक मान्यताओं वाले परिवार भी इस रैकेट के निशाने पर थे.
- रैकेट का निशाना वे लोग थे जो अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए दरगाह जाते थे.
- आरोपी ने खुद को और अपने संगठन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा होने का झूठा दावा किया था.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव का झूठा दावा और फर्जी संगठन
जमालुद्दीन, भारत प्रतिनिधि सेवा संघ नामक एक संगठन का महासचिव (अवध) था. इस संगठन का संचालन इस मामले के एक अन्य आरोपी ईदुल इस्लाम द्वारा किया जा रहा था. इंडिया टुडे ने जाँचकर्ताओं के हवाले से बताया कि संगठन का नाम जानबूझकर यह गलत धारणा देने के लिए रखा गया था कि यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध है. आरोपी ने संगठन के लेटरहेड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी इस्तेमाल की. इस विचार को विश्वसनीय बनाने के लिए, इस्लाम ने संघ के मुख्यालय नागपुर में संगठन का एक फर्जी केंद्र भी स्थापित किया.
- प्रारंभिक जांच में ₹106 करोड़ का विदेशी धन प्राप्त होने का पता चला है.
- यह धन मुख्य रूप से मध्य पूर्व और विभिन्न राज्यों में अवैध संपत्तियों से प्राप्त हुआ था.
- एटीएस जाँच के अलावा, छंगुर बाबा पर धन शोधन के आरोप भी लगे हैं.
लखनऊ स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय ने उनके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है.
नए गिरफ्तारियां और ‘मिशन अस्मिता’
यूपी ATS ने शुक्रवार को छंगुर बाबा गिरोह द्वारा चलाए जा रहे धर्मांतरण रैकेट से कथित संबंधों के आरोप में देहरादून से अब्दुल रहमान नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया. PTI ने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के हवाले से बताया कि अब्दुल रहमान को सहसपुर इलाके से हिरासत में लिया गया और आगरा ले जाया गया, जहाँ जाँच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. यूपी पुलिस प्रमुख राजीव कृष्ण ने रविवार को कहा कि बड़े पैमाने पर गैरकानूनी धर्म परिवर्तन रैकेट की जांच के तहत छह राज्यों से दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय फंडिंग और आतंकवादी संगठनों से संबंध शामिल हैं.
- यह कार्रवाई ‘मिशन अस्मिता’ का हिस्सा है, जिसे उत्तर प्रदेश पुलिस ने शुरू किया था.
- इसका लक्ष्य अवैध धर्म परिवर्तन में लिप्त सिंडिकेट को निशाना बनाना है.
- गिरफ्तार किए गए लोगों में मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती जहांगीर आलम कासमी भी शामिल हैं.
आईएसआईएस शैली का धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग के संकेत
DGP ने बताया कि छंगुर बाबा के नेतृत्व वाले इस गिरोह का अब आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) और विशेष कार्य बल (STF) ने भंडाफोड़ कर दिया है, जो लगातार जाँच कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं – ‘जिहाद’ के लिए अंतरराष्ट्रीय ‘जिहादी’ फंडिंग प्राप्त हुई, राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुँचाने के इरादे से कट्टरपंथ और गैरकानूनी धर्मांतरण किया गया.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने युवा लड़कियों को निशाना बनाया और धर्मांतरण को आसान बनाने के लिए “प्रलोभन, लव जिहाद और अन्य तकनीकों” सहित विभिन्न तरीकों से उन्हें प्रभावित किया.
- “गैरकानूनी धर्मांतरण का यह तरीका ISIS की पहचान है.”
- इस समूह के ISIS से संबंध होने के संकेत मिले हैं.
- पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI), SDPI और पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
अंतरराष्ट्रीय संबंध और आगे की जांच
ED अधिकारियों ने छापेमारी में छंगुर बाबा और उनके सहयोगियों के धर्मांतरण मामले में संभावित अंतरराष्ट्रीय संबंधों का पता चला है. महत्वपूर्ण खोज आरोपी नवीन के करीबी सहयोगी शहजाद शेख के मुंबई स्थित आवास पर हुई, जहाँ एक मोबाइल फोन पर क्रोएशियाई मुद्रा ‘कुना‘ की एक तस्वीर मिली. अधिकारियों का कहना है कि इस खोज से पता चलता है कि धर्मांतरण के इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय आयाम हो सकते हैं, और इसमें विदेशी मुद्रा की भी भूमिका हो सकती है. एजेंसी इस पहलू पर और जानकारी जुटाने के लिए शेख के मोबाइल डिवाइस से मिले डेटा का विश्लेषण कर रही है.
- इन गतिविधियों के लिए धन कनाडा, अमेरिका, लंदन और दुबई से आने का पता चला है.
- वहाँ रहने वाले लोगों की संलिप्तता के बारे में सबूत जुटाए गए हैं.
- जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और खुलासे होने की उम्मीद है.



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