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“चीन-भारत सीधी उड़ानें ” 9 नवंबर से शंघाई-दिल्ली उड़ानें फिर शुरू

चीन-भारत सीधी उड़ानें

सरकारी स्वामित्व वाली चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस (China Eastern Airlines) इस साल 9 नवंबर, 2025 से शंघाई और दिल्ली के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। पाँच साल से अधिक समय के ठहराव के बाद चीन-भारत सीधी उड़ानें का फिर से शुरू होना दोनों देशों के बीच बेहतर होते राजनयिक संबंधों के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।

यह कदम इस बात का प्रमाण है कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बनी सहमति पर “ईमानदारी से काम” कर रहे हैं। चीन ने भी भारत के साथ सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने को एक सकारात्मक कदम बताया है।

उड़ान का शेड्यूल और विमान

एयरलाइन के ऑनलाइन टिकट बिक्री प्लेटफॉर्म पर दी गई जानकारी के अनुसार, शंघाई और दिल्ली के बीच ये उड़ानें सप्ताह में तीन बार संचालित होंगी: बुधवार, शनिवार और रविवार को।

उड़ानों का समय इस प्रकार निर्धारित किया गया है (सभी समय स्थानीय समय के अनुसार हैं):

रूटउड़ान संख्याप्रस्थान (Departure)आगमन (Arrival)
शंघाई पुडोंग (PVG) से दिल्ली (DEL)MU563दोपहर 12:50 बजेशाम 5:45 बजे
दिल्ली (DEL) से शंघाई पुडोंग (PVG)MU564शाम 7:55 बजेअगले दिन सुबह 4:10 बजे

एयरलाइन ने बताया कि इस रूट के लिए A330-200 विमान का चयन किया गया है। यह विमान अपनी लंबी दूरी की क्षमता और आरामदायक केबिन वातावरण के लिए जाना जाता है।

इसमें उड़ान के दौरान वाई-फाई सेवा और त्वरित संदेश सेवा (Quick Messaging Service) भी उपलब्ध होगी। इस रूट के टिकट अभी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

इंडिगो भी कर रहा है कनेक्टिविटी का विस्तार

चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस के इस कदम से पहले, भारत की निजी एयरलाइन इंडिगो ने भी चीन के साथ कनेक्टिविटी फिर से स्थापित करने की दिशा में पहल की है।

2 अक्टूबर को, इंडिगो एयरलाइन ने घोषणा की थी कि वह 26 अक्टूबर से कोलकाता और ग्वांगझू को जोड़ने वाली सेवाएँ फिर से शुरू करेगी।इसके बाद 11 अक्टूबर को एयरलाइन ने कहा कि वह 10 नवंबर से दिल्ली से ग्वांगझू के लिए और 20 दिसंबर से दिल्ली से हनोई के लिए उड़ानें शुरू करेगी।

इंडिगो, कोलकाता-ग्वांगझू रूट पर परिचालन फिर से शुरू करके दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी फिर से स्थापित करने वाली पहली एयरलाइन कंपनी बन गई है।10 नवंबर से दिल्ली-गुआंगझोउ मार्ग पर अपनी दैनिक, नॉन-स्टॉप उड़ानें एयरबस A320neo विमान का उपयोग करके संचालित करेगी।

इंडिगो द्वारा घोषित ये सेवाएँ, खासकर दिल्ली-गुआंगझोउ मार्ग पर, चीन-भारत सीधी उड़ानें के तहत हवाई संपर्क को और भी मज़बूत करेंगी। सूत्रों ने यह भी बताया है कि एयर इंडिया भी इस साल के अंत तक चीन के लिए अपनी सेवाएँ फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही है।

पाँच साल का अंतराल और राजनयिक पृष्ठभूमि

दोनों देशों के बीच सीधी वाणिज्यिक उड़ानें पाँच साल से अधिक समय से निलंबित थीं। 2020 में कोविड-19 महामारी के बाद दोनों पक्षों के बीच उड़ान सेवाएँ निलंबित कर दी गई थीं। इसके बाद, पूर्वी लद्दाख में चार साल से अधिक समय तक चले सीमा गतिरोध के कारण इन्हें बहाल नहीं किया गया था।

वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के लद्दाख सेक्टर में दोनों पक्षों की ओर से भारी सैन्य तैनाती के बीच यह सीमा गतिरोध जारी रहा, जो पिछले साल अक्टूबर 2024 में समाप्त हुआ।

पिछले अक्टूबर में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ था और सेनाएँ डेमचोक और देपसांग के “घर्षण बिंदुओं” से पीछे हट गई थीं। इस समझौते के बाद से ही संबंधों में धीरे-धीरे नरमी आनी शुरू हुई।

इस महीने की शुरुआत में, विदेश मंत्रालय ने घोषणा की थी कि भारत और चीन के बीच वाणिज्यिक उड़ानें पाँच साल के ठहराव के बाद फिर से शुरू होंगी।

यह घटनाक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में चीन यात्रा के बाद हुआ है, जहाँ उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) क्षेत्रीय सुरक्षा समूह की शिखर बैठक में भाग लिया था। यह सात वर्षों से अधिक समय के बाद उनकी चीन यात्रा थी।

अगस्त में तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने अक्टूबर 2024 में रूस के कज़ान में अपनी पिछली बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति और निरंतर प्रगति का स्वागत किया था।

दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि भारत और चीन विकास साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं, और व्यापार संबंधों को मज़बूत करने के उपायों पर चर्चा की, हालांकि मोदी ने चीन के साथ लगभग 99.2 अरब डॉलर के बढ़ते व्यापार घाटे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विवादित सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर भी ज़ोर दिया।

निलंबन से पहले, एयर इंडिया और इंडिगो के साथ-साथ एयर चाइना, चाइना सदर्न और चाइना ईस्टर्न जैसी चीनी एयरलाइंस दोनों देशों के प्रमुख शहरों के बीच सेवाएँ संचालित कर रही थीं।

चीन-भारत सीधी उड़ानें की बहाली को दोनों एशियाई पड़ोसियों के बीच लोगों के बीच संपर्क को फिर से बढ़ाने और आर्थिक आदान-प्रदान को सुगम बनाने की दिशा में एक “महत्वपूर्ण कदम” माना जा रहा है।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी की नई दिल्ली यात्रा के तुरंत बाद घोषित यह समझौता, दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में सरकार के क्रमिक दृष्टिकोण का हिस्सा है।

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