Loading Now

दिल्ली-इंदौर एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ान में पैन-पैन कॉल के बाद सुरक्षित लैंडिंग

पैन-पैन कॉल

5 सितंबर, 2025 को दिल्ली से इंदौर जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या IX 1028 में सवार 161 यात्रियों ने उस समय राहत की साँस ली, जब विमान के पायलट ने मध्य हवा में इंजन में तकनीकी खराबी आने के बावजूद, एक पैन-पैन कॉल करके सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की। यह उड़ान अपने निर्धारित समय से 20 मिनट की देरी से, सुबह 9:55 बजे इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतरी, जबकि इसका निर्धारित आगमन सुबह 9:35 बजे था।

हवाई अड्डे के निदेशक विपिनकांत सेठ ने बताया कि विमान के एक इंजन में तकनीकी खराबी की सूचना मिली थी, जिसके बाद सभी आवश्यक सावधानियाँ बरती गईं। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि चालक दल के सदस्यों सहित विमान में सवार सभी 161 यात्री पूरी तरह से सुरक्षित हैं। फ्लाइटअवेयर डेटा के अनुसार, यह बोइंग 737 मैक्स 8 विमान था।

क्या है ‘पैन-पैन कॉल’ और क्यों किया जाता है इसका इस्तेमाल?

यह घटना विमानन सुरक्षा के सख्त प्रोटोकॉल को दर्शाती है। पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को एक पैन-पैन कॉल भेजा, जो एक गैर-जानलेवा आपात स्थिति को इंगित करता है। यह कॉल तब किया जाता है जब विमान को सहायता की आवश्यकता होती है, लेकिन जीवन के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं होता। यह समुद्री और विमानन संचार में एक विश्वव्यापी मान्यता प्राप्त सिग्नल है। इस कॉल के बाद, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, हवाई अड्डे पर अग्निशमन और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई।

एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह कोई आपातकालीन लैंडिंग नहीं थी, बल्कि पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से प्राथमिकता वाली लैंडिंग का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि इंदौर में उतरते समय तेल फिल्टर में एक संदिग्ध समस्या के कारण, चालक दल ने मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन किया और सुरक्षित लैंडिंग की। हमारे पायलट ऐसे एहतियाती उपाय करने के लिए अच्छी तरह प्रशिक्षित हैं।

‘मेडे’ और ‘पैन-पैन’ में अंतर

इसी तरह की एक पिछली घटना में, दिल्ली से इंदौर जा रही एयर इंडिया की एक और उड़ान, AI2913, जो एक A320 नियो विमान था, दाहिने इंजन में आग लगने के संकेत के कारण उड़ान भरने के तुरंत बाद दिल्ली लौट आई थी। उस समय पायलट ने शुरुआत में एयर ट्रैफिक कंट्रोल को “मेडे” कॉल जारी किया था, लेकिन बाद में इसे “पैन-पैन” में बदल दिया। “मेडे” कॉल को विश्व स्तर पर एक जानलेवा आपातकालीन चेतावनी के रूप में मान्यता प्राप्त है, जबकि पैन-पैन कॉल केवल तात्कालिकता को दर्शाता है, पूर्ण आपात स्थिति को नहीं। एयर इंडिया ने स्पष्ट किया कि उस विमान ने दिल्ली में कोई आपातकालीन लैंडिंग नहीं की थी।

यह घटना भी विमानन में सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है, जहाँ हर छोटी तकनीकी समस्या को भी गंभीरता से लिया जाता है। 30 मिनट से अधिक समय तक हवा में रहने के बाद, कॉकपिट क्रू ने इंजन बंद करके सुरक्षित वापसी का फैसला किया था। डीजीसीए को इस घटना की सूचना दे दी गई थी और यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई थी।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि

दिल्ली से इंदौर जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान IX-1028 के पायलट की त्वरित कार्रवाई और हवाई अड्डे के कर्मचारियों की तत्परता की बदौलत, इस तकनीकी खराबी को सफलतापूर्वक संभाला गया और सभी यात्री सुरक्षित रहे। अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की है कि समस्या पूरी तरह से ठीक होने तक विमान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। वापसी की उड़ान, IX-1029, को रद्द कर दिया गया है। यह घटना दर्शाती है कि विमानन में कड़े सुरक्षा उपायों का पालन कितना महत्वपूर्ण है।

Spread the love

Post Comment

You May Have Missed