दिल्ली लश्कर आतंकी साजिश: लाल किला और चांदनी चौक निशाने पर
दिल्ली लश्कर आतंकी साजिश ने आज पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला खड़ा किया है, जब खुफिया इनपुट्स से यह सनसनीखेज जानकारी मिली कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला और भीड़भाड़ वाले चांदनी चौक इलाके को निशाना बनाने की फिराक में है।
शनिवार, 21 फरवरी 2026 को प्राप्त ताजा रिपोर्टों के अनुसार, लश्कर के आतंकी इन इलाकों में भीषण IED धमाकों के जरिए तबाही मचाने की योजना बना रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यह हमला केवल दिल्ली तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि अन्य प्रमुख शहरों में भी धमाकों की साजिश रची गई है। पंजाब और कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से भारी मात्रा में विस्फोटक और IED बरामद होने के बाद इस खतरे की पुष्टि और अधिक मजबूती से हुई है, जिससे राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
पंजाब से कश्मीर तक बारूद का जाल: सुरक्षाबलों ने बरामद किए खतरनाक IED
इस दिल्ली लश्कर आतंकी साजिश की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 24 घंटों के भीतर पंजाब और जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों से कई शक्तिशाली आईईडी (IED) बरामद किए गए हैं। खुफिया सूत्रों का कहना है कि ये विस्फोटक पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए या घुसपैठियों की मदद से सीमा पार कराए गए थे।
इन विस्फोटकों का उद्देश्य दिल्ली में प्रवेश करना और व्यस्त बाजारों में धमाके करना था। सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है और कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि लश्कर के स्लीपर सेल इन विस्फोटकों को दिल्ली तक पहुँचाने में सक्रिय हो सकते हैं, जिसके चलते हाईवे और सीमाओं पर सघन चेकिंग शुरू कर दी गई है।
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निशाने पर लाल किला और चांदनी चौक: राजधानी में सुरक्षा का ‘ब्लैकआउट’ जैसा पहरा
खुफिया विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली लश्कर आतंकी साजिश का मुख्य केंद्र लाल किला और उसके ठीक सामने स्थित चांदनी चौक का इलाका है। लश्कर के रणनीतिकारों ने इन जगहों को इसलिए चुना है क्योंकि यहाँ पर्यटकों और खरीदारों की भारी भीड़ होती है, जिससे मनोवैज्ञानिक और जान-माल का नुकसान अधिकतम किया जा सके।
दिल्ली पुलिस ने लाल किले के आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है और चांदनी चौक की तंग गलियों में सादे कपड़ों में कमांडो तैनात कर दिए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और ड्रोन सर्विलांस को भी सक्रिय कर दिया गया है। ऐतिहासिक इमारतों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को कई स्तरों (Multi-layer security) पर बढ़ाया गया है।
पाकिस्तान कनेक्शन और लश्कर का नया ‘मॉड्यूल’: सीमा पार से मिल रहे हैं निर्देश
खुफिया एजेंसियों के पास पुख्ता सबूत हैं कि दिल्ली लश्कर आतंकी साजिश के तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं। लश्कर-ए-तैयबा के हैंडलर्स एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भारत में मौजूद अपने गुर्गों के संपर्क में हैं। इन इनपुट्स से यह भी पता चला है कि आतंकियों ने दिल्ली के कुछ प्रमुख मेट्रो स्टेशनों और रेलवे जंक्शनों की भी रेकी की है।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) इस पूरी साजिश को बैकअप दे रही है ताकि भारत में अस्थिरता पैदा की जा सके। यह नया आतंकी मॉड्यूल पिछले मॉड्यूल की तुलना में कहीं अधिक तकनीकी रूप से सक्षम है और वे ‘लोन वुल्फ अटैक’ या छोटे समूहों में हमला करने की रणनीति अपना रहे हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए (NIA) इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए रात-दिन काम कर रही है।
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चांदनी चौक की तंग गलियों में बढ़ा खतरा: व्यापारिक संगठनों और निवासियों में चिंता
चांदनी चौक जैसे व्यापारिक केंद्र में आतंकी साजिश की खबर फैलते ही व्यापारियों और दुकानदारों में डर का माहौल है। यहाँ की गलियां इतनी संकरी हैं कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में राहत कार्य पहुँचाना एक बड़ी चुनौती होती है। पुलिस ने व्यापारियों से अपील की है कि वे अपनी दुकानों के बाहर लगे कैमरों को चालू रखें और किसी भी लावारिस वस्तु की तुरंत सूचना दें।
स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को भी सतर्क कर दिया गया है ताकि किराएदारों और अजनबियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके। दिल्ली के अन्य व्यस्त बाजारों जैसे सरोजिनी नगर, लाजपत नगर और कनॉट प्लेस में भी गश्त बढ़ा दी गई है, क्योंकि आतंकियों का मकसद दिल्ली के आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्रों को चोट पहुँचाना है।
जेन-जी और सोशल मीडिया पर सतर्कता: ‘फेक न्यूज’ से बचने की अपील
आज के डिजिटल दौर में किसी भी आतंकी खतरे की खबर सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैलती है। दिल्ली पुलिस ने विशेष रूप से युवाओं और जेन-जी से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट वीडियो या संदेश को साझा न करें।
व्हाट्सएप और एक्स (X) पर अफवाहों के कारण भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, जो आतंकियों के लिए मददगार साबित हो सकती है।
पुलिस का साइबर विंग उन अकाउंट्स पर नजर रख रहा है जो नफरत फैलाने या दहशत पैदा करने वाले कंटेंट शेयर कर रहे हैं। युवाओं को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक हैंडल्स से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें। सतर्कता और संयम ही इस आतंकी साजिश को नाकाम करने के सबसे बड़े हथियार हैं।
सीमाओं पर ‘सेंसर’ का पहरा: पंजाब और जम्मू-कश्मीर में जीरो टॉलरेंस की नीति
पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमाओं पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार का बारूद दिल्ली तक न पहुँच सके। बीएसएफ (BSF) ने एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा दिया है ताकि पाकिस्तान से आने वाले हथियारों को हवा में ही नष्ट किया जा सके।
पंजाब पुलिस ने उन गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है जो पैसों के लालच में आतंकियों के लिए कूरियर का काम करते हैं। कश्मीर घाटी में भी आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज कर दिए गए हैं ताकि उनकी रसद और संपर्क व्यवस्था को तोड़ा जा सके। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सीमा पार से आ रहे निर्देश और हथियारों की सप्लाई नहीं रुकती, तब तक दिल्ली जैसे बड़े शहरों पर खतरा मंडराता रहेगा।
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राष्ट्रीय एकता और सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी
अंततः, लश्कर की यह साजिश हमें याद दिलाती है कि शांति की राह हमेशा कांटों भरी होती है और सुरक्षा के प्रति लापरवाही की कोई जगह नहीं है। एक वरिष्ठ पत्रकार के नाते मेरा मानना है कि पुलिस और सेना अपना काम बखूबी कर रही है, लेकिन एक जागरूक नागरिक के रूप में हमारी सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।
दिल्ली की सड़कों पर बढ़ता हुआ पहरा और सुरक्षाबलों की तत्परता यह दर्शाती है कि भारत अब किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। हमें डरने की नहीं, बल्कि सावधान रहने की जरूरत है।
देश की राजधानी सुरक्षित रहे, इसके लिए सामूहिक प्रयास और खुफिया सूचनाओं का त्वरित क्रियान्वयन ही एकमात्र रास्ता है। भारत की अखंडता और शांति को भंग करने की हर कोशिश को नाकाम करने का संकल्प ही हमारी असली ताकत है।
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