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अग्निवेश अग्रवाल का निधन,सदमे में वेदांता चेयरमैन कहा 75% संपत्ति होगी दान

अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन ने उद्योग जगत और उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वेदांता ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल के सबसे बड़े बेटे अग्निवेश का अमेरिका में 49 साल की उम्र में निधन हो गया। परिवार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, एक स्कीइंग एक्सीडेंट के बाद पैदा हुई चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके पिता अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अत्यंत भावुक पोस्ट के माध्यम से इस दुखद समाचार की पुष्टि की। अग्निवेश न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई हॉस्पिटल में स्कीइंग दुर्घटना के बाद रिकवरी की राह पर थे, तभी उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे बुधवार, 7 जनवरी, 2026 को उनका निधन हो गया।

‘मेरी ज़िंदगी का सबसे काला दिन’: अनिल अग्रवाल की मार्मिक श्रद्धांजलि

अनिल अग्रवाल ने अपने संदेश में इस अपूरणीय क्षति को “मेरी ज़िंदगी का सबसे काला दिन” करार दिया है। उन्होंने लिखा कि उनका बेटा “स्वस्थ, ज़िंदगी और सपनों से भरा हुआ” था, लेकिन किस्मत ने अचानक दखल दे दिया। एक पिता के दर्द को बयां करते हुए उन्होंने लिखा कि कोई भी शब्द उस माता-पिता के दुख को नहीं समझा सकता जिसे अपने बच्चे को विदा करना पड़ता है। अग्रवाल के लिए अग्निवेश अग्रवाल केवल उनके बेटे नहीं थे, बल्कि उनके दोस्त, उनका गौरव और उनकी पूरी दुनिया थे। उन्होंने याद किया कि कैसे अग्निवेश एक खिलाड़ी, संगीतकार और लीडर होने के साथ-साथ अपनी उपलब्धियों के बावजूद अत्यंत विनम्र और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे।

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पटना से मेयो कॉलेज और फिर व्यापारिक जगत में बनाई खास पहचान

3 जून, 1976 को पटना के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे अग्निवेश अग्रवाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान के प्रतिष्ठित मेयो कॉलेज, अजमेर से प्राप्त की थी। शिक्षा के बाद उन्होंने बिज़नेस की दुनिया में कदम रखा और अपनी मेहनत से एक शानदार करियर बनाया। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात में फुजैराह गोल्ड (Fujairah Gold FZC) की स्थापना की, जो एक कीमती धातु रिफाइनरी और कॉपर रॉड प्लांट संचालित करती है। इसके बाद, वह वेदांता समूह की प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन बने, जो भारत में जिंक, लेड, चांदी और कैडमियम के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। इसके अलावा, उन्होंने तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड में भी अपनी सेवाएं दीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिग्गज नेताओं ने जताया गहरा शोक

अग्निवेश के अचानक निधन की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

पीएम मोदी ने इसे “बेहद दुखद और चौंकाने वाला” बताया और अनिल अग्रवाल के पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा कि इस मार्मिक श्रद्धांजलि में आपके दुख की गहराई साफ दिखती है। प्रधानमंत्री ने परिवार को इस कठिन समय में शक्ति और हिम्मत मिलने की प्रार्थना की।

उनके अलावा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और बायोकॉन की प्रमुख किरण मजूमदार-शॉ सहित कई दिग्गज राजनेताओं और उद्योगपतियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पीयूष गोयल ने कहा कि एक माता-पिता के तौर पर वह इस भावनाओं के बोझ को महसूस कर सकते हैं।

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वेदांता और हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में दर्ज की गई भारी गिरावट

अग्निवेश अग्रवाल की मौत की खबर का असर गुरुवार को शेयर बाजार पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया। अनिल अग्रवाल की भावुक पोस्ट वायरल होने के बाद माइनिंग फर्म वेदांता लिमिटेड के शेयरों में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। NSE पर स्टॉक पिछले बंद भाव 622.20 रुपये से नीचे खुलकर 3 प्रतिशत तक गिर गया, जबकि मंगलवार को ही इसने 629.90 रुपये का 52-हफ़्ते का उच्चतम स्तर छुआ था। इसी तरह, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के शेयरों में भी 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस पारिवारिक त्रासदी और वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।

75 प्रतिशत संपत्ति दान करने का वादा: बेटे की याद में बड़ा संकल्प

दुख की इस घड़ी में भी अनिल अग्रवाल ने परोपकार के प्रति अपने परिवार की प्रतिबद्धता को दोहराया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने बेटे के साथ मिलकर एक सपना देखा था कि कोई भी बच्चा भूखा न सोए और शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अग्निवेश अग्रवाल से वादा किया था कि वे अपनी कमाई का 75 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा समाज को वापस देंगे। आज उस वादे को फिर से दोहराते हुए अग्रवाल ने संकल्प लिया कि वे और भी सादा जीवन जिएंगे और अपनी संपत्ति का अधिकांश हिस्सा बच्चों के पोषण, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के रोजगार जैसे सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित करेंगे।

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वेदांता का डीमर्जर प्लान और भविष्य की व्यावसायिक राह

भले ही वर्तमान में शेयरों में गिरावट देखी गई है, लेकिन वेदांता समूह एक बड़े रणनीतिक डीमर्जर (विभाजन) की योजना पर काम कर रहा है। इस योजना के तहत समूह पांच स्वतंत्र सूचीबद्ध कंपनियों—वेदांता एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस, पावर, स्टील एंड फेरस और वेदांता लिमिटेड में बंट जाएगा। हाल के समय में कंपनी के स्टॉक में इस योजना के कारण लगभग 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई थी। अनिल अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यद्यपि व्यक्तिगत क्षति बहुत बड़ी है, लेकिन राष्ट्र निर्माण और सामाजिक प्रभाव की दिशा में उनका काम और मजबूत संकल्प के साथ जारी रहेगा।

एक अपूरणीय क्षति और सादगीपूर्ण जीवन का नया संकल्प

अग्निवेश अग्रवाल को उनके परिचित एक सरल और मानवीय व्यक्ति के रूप में याद करते हैं। उनके पिता ने न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में हुए उस ‘मेडिकल झटके’ का उल्लेख किया जिसने एक होनहार लीडर को दुनिया से छीन लिया। बुधवार, 7 जनवरी, 2026 की उस घटना ने न केवल एक परिवार को तोड़ा है, बल्कि उद्योग जगत को भी एक अनुभवी व्यक्तित्व से वंचित कर दिया है। अनिल अग्रवाल ने भावुक होते हुए कहा कि अब उनके जीवन का एकमात्र उद्देश्य उस विजन को पूरा करना है जो उन्होंने अपने बेटे के साथ मिलकर देखा था, ताकि अग्निवेश की याद को एक स्थायी और सकारात्मक सामाजिक बदलाव के रूप में जीवित रखा जा सके।

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