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डोडा सैन्य वाहन हादसा: 10 जवान शहीद, देश ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

डोडा सैन्य वाहन हादसा

डोडा सैन्य वाहन हादसा जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से एक हृदयविदारक समाचार सामने आया है, जहां भारतीय सेना का एक ट्रक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया। इस भीषण दुर्घटना में राष्ट्र ने अपने 10 वीर जवानों को खो दिया है, जबकि 11 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

यह हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रूट पर स्थित खन्नी टॉप के पास हुआ, जो समुद्र तल से लगभग 9,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस दुखद घटना के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है और सैन्य गलियारों से लेकर राजनीतिक नेतृत्व तक हर कोई मर्माहत है।

9000 फीट की ऊंचाई पर खन्नी टॉप के पास हुआ भीषण हादसा

यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब सेना की गाड़ी एक ऑपरेशनल ड्यूटी के लिए सैनिकों को लेकर जा रही थी। नगरोटा स्थित व्हाइट नाइट कोर के अनुसार, खराब मौसम और खतरनाक पहाड़ी रास्तों से गुजरते समय गाड़ी अचानक सड़क से फिसल गई।

डोडा जिले के भद्रवाह में स्थित खन्नी टॉप का इलाका बेहद दुर्गम माना जाता है। 9,000 फीट की ऊंचाई पर होने के कारण यहां ऑक्सीजन का स्तर और मौसम की चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं, जिसके बीच सेना के जवान अपनी ड्यूटी निभा रहे थे।

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पीएम मोदी ने शहीद सैनिकों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डोडा सैन्य वाहन हादसा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी संवेदनाएं साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस घटना से “बहुत दुखी” हैं। उन्होंने लिखा, “डोडा में हुए हादसे से बहुत दुखी हूं, जिसमें हमने अपने बहादुर सेना के जवानों को खो दिया है।

देश के लिए उनकी सेवा हमेशा याद रखी जाएगी। घायल जल्द से जल्द ठीक हों। प्रभावित लोगों को हर मुमकिन मदद दी जा रही है।” पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सरकार संकट की इस घड़ी में परिवारों के साथ खड़ी है।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने शहादत पर व्यक्त की गहरी संवेदना

देश की सर्वोच्च नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस सड़क हादसे में जवानों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। राष्ट्रपति ने शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

वहीं, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने संदेश में कहा कि इस अत्यंत कठिन समय में पूरा देश सशस्त्र बलों और उनके परिवारों के साथ एकजुट खड़ा है। उन्होंने कहा कि इन वीर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

गृह मंत्री और रक्षा मंत्री ने बचाव कार्यों की स्वयं की निगरानी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस डोडा सैन्य वाहन हादसा पर दुख व्यक्त किया। अमित शाह ने शहीद परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि घायल जवानों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि देश इस घड़ी में अपनी सेना के साथ मजबूती से खड़ा है और घायलों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।

उमर अब्दुल्ला और एलजी मनोज सिन्हा ने जताया दुख

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई और घायलों की रिकवरी के लिए प्रार्थना की।

एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि देश इन सैनिकों की शानदार सेवा और सर्वोच्च बलिदान को हमेशा नमन करेगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को तत्काल हर संभव सहायता मुहैया कराई जाए।

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रेस्क्यू ऑपरेशन: उधमपुर कमांड हॉस्पिटल में चल रहा घायलों का इलाज

हादसे की खबर मिलते ही सेना और स्थानीय पुलिस ने तुरंत एक संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम के बावजूद बचाव दल मौके पर पहुंचा। चार सैनिकों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि छह अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

घायलों में से 10 सैनिकों को विशेष उपचार के लिए उधमपुर कमांड हॉस्पिटल एयरलिफ्ट किया गया है, जबकि एक जवान का इलाज भद्रवाह सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में चल रहा है। बचाव कार्य में स्थानीय लोगों ने भी सेना की काफी मदद की।

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शहीदों की वीर गाथा हमेशा के लिए होगी अमर

इस डोडा सैन्य वाहन हादसा ने एक बार फिर उन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को रेखांकित किया है जिनमें हमारे जवान सीमाओं की सुरक्षा करते हैं। सेना के अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम ने इस ऑपरेशनल मूवमेंट को और भी जोखिम भरा बना दिया था।

देश के इन 10 वीर सपूतों ने कर्तव्य की वेदी पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनकी बहादुरी और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। पूरा देश आज नम आंखों से इन शहीदों को नमन कर रहा है।

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