“Google Chrome सिक्योरिटी यूज़र्स सावधान: सरकार ने जारी किया अलर्ट
Google Chrome सिक्योरिटी अलर्ट हैकिंग का बड़ा खतरा ‘हाई-रिस्क’ अलर्ट, यदि आप इंटरनेट सर्फिंग के लिए Google Chrome का उपयोग करते हैं, तो यह खबर आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। भारत सरकार की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसी, CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) ने Chrome डेस्कटॉप यूज़र्स के लिए एक हाई-अलर्ट जारी किया है।
एजेंसी के अनुसार, ब्राउज़र के वर्तमान वर्शन में कई ऐसी “गंभीर” (Critical) कमियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स न केवल आपके सिस्टम पर कब्ज़ा कर सकते हैं, बल्कि आपका संवेदनशील डेटा भी चोरी कर सकते हैं।
क्या है पूरा मामला? 79 कमियां और 14 ‘गंभीर’ खतरे
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाली CERT-In ने अपने ‘वल्नरेबिलिटी नोट’ (CIVN-2026-0235) में बताया है कि Google Chrome में कुल 79 सुरक्षा कमियां खोजी गई हैं। इनमें से 14 कमियों को ‘क्रिटिकल’ यानी अत्यंत गंभीर श्रेणी में रखा गया है।
एजेंसी ने चेतावनी दी है कि एक रिमोट अटैकर (Remote Attacker) किसी यूज़र को केवल एक फर्जी लिंक पर क्लिक करवाकर या किसी नुकसानदेह वेबसाइट पर भेजकर उसके सिस्टम में सेंध लगा सकता है।
एक बार सिस्टम संक्रमित होने के बाद, हमलावर दूर बैठे ही आपके कंप्यूटर पर कोई भी कोड चला सकता है (Remote Code Execution), सुरक्षा पाबंदियों को तोड़ सकता है और पूरे सिस्टम को ठप (DoS) कर सकता है।
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इन वर्शन्स पर है सबसे ज़्यादा खतरा
सरकारी एडवाइज़री के अनुसार, यदि आप नीचे दिए गए वर्शन्स का उपयोग कर रहे हैं, तो आप जोखिम में हैं:
Windows और macOS: वर्शन 148.0.7778.96/97 से पुराने।Linux: वर्शन 148.0.7778.96 से पुराने।
तकनीकी खामियां: ‘मेमोरी एरर’ और ‘टाइप कन्फ्यूजन’
सुरक्षा शोधकर्ताओं ने पाया है कि ये खामियां ब्राउज़र के मुख्य हिस्सों जैसे Blink, Skia ग्राफ़िक्स इंजन, WebML और V8 JavaScript इंजन में मौजूद हैं।
सबसे प्रमुख समस्याओं में ‘Use-after-free’ (मेमोरी रिलीज होने के बाद भी उसका इस्तेमाल), ‘Heap buffer overflow’ और ‘Integer overflow’ शामिल हैं।
आसान भाषा में कहें तो, ये तकनीकी गलतियां हैकर्स के लिए एक “खुला दरवाज़ा” हैं। वे इन कमियों को आपस में जोड़कर (Chaining) सुरक्षा घेरे को पूरी तरह ध्वस्त कर सकते हैं।
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बचाव का तरीका: 2 मिनट में सुरक्षित करें अपना ब्राउज़र
Google ने इन खतरों को भांपते हुए सुरक्षा पैच (Fixes) जारी कर दिए हैं। हालाँकि, ये अपडेट सभी यूज़र्स तक पहुँचने में समय ले सकते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि आप ‘ऑटो-अपडेट’ का इंतज़ार न करें और स्वयं मैन्युअल रूप से इसे अपडेट करें।
अपडेट करने के चरण:
Chrome ब्राउज़र खोलें और दाईं ओर ऊपर मौजूद तीन बिंदुओं (Menu) पर क्लिक करें।Help विकल्प पर जाएं और About Google Chrome चुनें।
ब्राऊज़र स्वचालित रूप से नए अपडेट की जांच करेगा और डाउनलोड शुरू कर देगा।डाउनलोड पूरा होने के बाद, Relaunch बटन पर क्लिक करें। (चिंता न करें, आपके खुले हुए टैब रीस्टार्ट के बाद वापस आ जाएंगे)।
आपका नया सुरक्षित वर्शन 148.0.7778.167/168 या उससे ऊपर का होना चाहिए।
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संपादकीय सलाह: साइबर सुरक्षा में ढिलाई भारी पड़ सकती है
एक वरिष्ठ संपादक के तौर पर हमारी सलाह है कि डिजिटल सुरक्षा को कभी भी हल्के में न लें। हैकर्स अक्सर उन यूज़र्स को निशाना बनाते हैं जो अपने सॉफ़्टवेयर अपडेट करने में आलस करते हैं।
$68,000 की कुल ‘बग बाउंटी’ राशि यह दर्शाती है कि ये कमियां कितनी बेशकीमती और खतरनाक हो सकती थीं। सरकार और तकनीकी विशेषज्ञों का यह अलर्ट आपके डिजिटल जीवन की सुरक्षा के लिए है—इसे नज़रअंदाज़ न करें। Google Chrome सिक्योरिटी अलर्ट से रहें सावधान ।
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