भारत में ईंधन का पर्याप्त भंडार: राजनाथ सिंह IGoM बैठक
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। राजनाथ सिंह IGoM बैठक की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित ‘मंत्रियों के अनौपचारिक अधिकार प्राप्त समूह’ IGoM की 5वीं महत्वपूर्ण में देश की ऊर्जा स्थिति की समीक्षा की गई।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है और सप्लाई चेन को लेकर किसी भी तरह की घबराहट (Panic) की आवश्यकता नहीं है।
भंडारण की स्थिति: 60 दिनों का ‘रोलिंग स्टॉक’ तैयार
बैठक के बाद जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मजबूत तैयारी कर रखी है। वर्तमान में देश के पास:
60 दिनों का कच्चा तेल (Crude Oil) भंडार60 दिनों की प्राकृतिक गैस (Natural Gas) का स्टॉक 45 दिनों का LPG रोलिंग स्टॉक
रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने जनता से ‘शांत रहने’ और ईंधन स्टेशनों पर भीड़ न लगाने की अपील की है।
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PM मोदी की अपील का सही अर्थ: संकट नहीं, ‘संरक्षण’ है लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में की गई ‘ईंधन बचाओ’ अपील को लेकर उठ रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए सरकार ने कहा कि इस संदेश का उद्देश्य आपूर्ति की कमी नहीं, बल्कि ‘राजकोषीय अनुशासन’ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री ने सामूहिक भागीदारी (Jan Bhagidari) का आह्वान किया है ताकि ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग से देश के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखा जा सके, जो वर्तमान में 703 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर है।
तेल कंपनियों को भारी नुकसान, पर कीमतें स्थिर
एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया कि वैश्विक बाजार में उथल-पुथल के बावजूद भारत में पिछले 70 दिनों से पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ी हैं।
सरकार ने बताया कि भारतीय तेल विपणन कंपनियां (OMCs) उपभोक्ताओं को कीमतों के झटके से बचाने के लिए प्रतिदिन लगभग ₹1,000 करोड़ का नुकसान उठा रही हैं। 2026 की पहली तिमाही तक इनकी कुल ‘अंडर-रिकवरी’ ₹2 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
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समुद्री मार्गों और जहाजों की सुरक्षा
बैठक में जहाजरानी मंत्रालय ने सूचित किया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से भारतीय झंडे वाले जहाज सुरक्षित गुजर रहे हैं।
अब तक 10 जहाज सुरक्षित लौट चुके हैं, जबकि 13 अन्य जहाजों की निगरानी की जा रही है। समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए नौसेना और संबंधित एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
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आम जनता और किसानों के लिए निर्देश
सरकार ने नागरिकों को विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं, जैसे:
सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग का अधिक उपयोग।अनावश्यक विदेश यात्राओं में कटौती।किसानों से सिंचाई के लिए सौर पंप अपनाने और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 50% तक कम करने की अपील।
आत्मनिर्भरता की ओर कदम
रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल रिफाइनर है और 150 से अधिक देशों को पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करता है।
सरकार ने संकट से प्रभावित MSME और उद्योगों के लिए ₹2.55 लाख करोड़ की ‘आपातकालीन ऋण गारंटी योजना 5.0’ को भी मंजूरी दी है। स्पष्ट है कि भारत केवल अपनी वर्तमान जरूरतों को ही पूरा नहीं कर रहा, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी पूरी तरह तैयार है।अहम राजनाथ सिंह IGoM बैठक संपन्न हुई।
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